Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम में 2 महीने में 200 किलो गांजा व 15 अवैध हथियार बरामद

Published on 16 सित॰ 2026

Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी डॉ एहतेशाम वकारिब ने बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. इस दौरान जिले में पिछले दो महीने में अपराध नियंत्रण और लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए किए गए काम की समीक्षा की गई. साथ ही आने वाले त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा की गई. बैठक में सिटी एसपी, एएसपी, सभी डीएसपी, एसडीपीओ, सर्किल इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर व थाना प्रभारी  मौजूद रहे. 

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एसएसपी ने बताया कि अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस ने पिछले दो महीनों में नारकोटिक्स और अवैध हथियारों के खिलाफ ऑपरेशन जीरो टॉलरेंस चलाया. इस दौरान 200 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया. इसके अलावा 100 ग्राम से अधिक ब्राउन शुगर जब्त की गई और नशीले पदार्थों के मामलों में करीब 30 आरोपियों को जेल भेजा गया.


वहीं, अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई में 15 हथियार जब्त किए गए और करीब 31 आरोपियों को जेल भेजा गया. अपराध पर नियंत्रण के साथ ही पुलिस-पब्लिक के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी लगातार काम किया जा रहा है.


एसएसपी ने बताया कि पुलिस को मिले शिकायती आवेदनों में करीब 99 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है. घरेलू और भूमि विवाद को लेकर पुलिस और आम लोगों के बीच थाना स्तर पर आयोजित बैठकों में 661 मामलों में से 558 का निष्पादन किया जा चुका है.


आने वाले दिनों में दुर्गा पूजा, करमा पूजा, दीपावली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहार हैं. इसे देखते हुए पुलिस ने अभी से सुरक्षा की तैयारी शुरू कर दी है. एसएसपी ने बताया कि सभी थाना प्रभारी और वरिष्ठ अधिकारी मिलकर सुरक्षा प्लान तैयार कर रहे हैं. त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक विवाद और संपत्ति से जुड़े अपराधों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. पुलिस पेट्रोलिंग के जरिए अलग-अलग बीट में जाकर लोगों से संपर्क कर उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रही है.


एसएसपी ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम में लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरों में तीन-चार कैमरे खराब हैं. इसके अलावा शहर में लगे निजी सीसीटीवी कैमरों का डेटाबेस भी पुलिस के पास है, जिसके जरिए जरूरत के अनुसार निगरानी और जांच की जाती है. पुलिस शहर में करीब 300 और कैमरे लगाने की योजना पर काम कर रही है. खासकर शहर के एंट्री और एग्जिट रूट पर कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि अपराध के बाद भागने वाले अपराधियों की पहचान की जा सके.

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