Updated: Thursday, July 16, 2026, 19:20 [IST]
Jagannath Rath Yatra Stampede: ओडिशा की पवित्र नगरी पुरी में गुरुवार (16 जुलाई) दोपहर को भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा शुरू होते ही एक दुखद मोड़ आ गया। करीब 10 लाख श्रद्धालुओं का तांता भगवान के दर्शन को जुटा। तभी भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस घटना में एक श्रद्धालु की मौत की खबर है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
आपातकालीन बचाव दल और सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। कई लोगों को स्ट्रेचर पर निकालकर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार और ग्रैंड रोड (बड़ा दंडा) के आसपास हुई, जब लाखों श्रद्धालु रथों को देखने और पहंडी जुलूस में शामिल होने के लिए उमड़े थे। आइए विस्तार से जानते हैं कैसे क्या हुआ?
तीनों रथों को गुंडिचा मंदिर की ओर खींचना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रथ यात्रा के पारंपरिक अनुष्ठानों के बाद दोपहर लगभग 2 बजे रथ खींचने की प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे पहले भगवान सुदर्शन चक्र को लाया गया, उसके बाद भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और आखिर में भगवान जगन्नाथ। पुरी के गजपति महाराजा दिब्यसिंह देव द्वारा छेरा पहनरा का अनुष्ठान पूरा होने के बाद भक्तों ने रथों को गुंडिचा मंदिर की ओर खींचना शुरू किया। इसी दौरान सिंहद्वार के पास भीड़ अचानक बढ़ गई। कई श्रद्धालुओं को घुटन महसूस हुई, कुछ बेहोश हो गए।
2025 में भी हुई थी भगदड़
आपको बता दें कि, पिछले साल 2025 में भी रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ की खबर सामने आई थी। पिछली बार कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 50 श्रद्धालु घायल हो गए थे। वह घटना तब घटी थी, जब पूजा सामग्री ले जा रहे ट्रक भीड़भाड़ वाले इलाके में घुस गए थे।

अहमदाबाद में जगन्नाथ यात्रा शुरू, अमित शाह और CM पटेल ने पूजा-अर्चना की
आपको बात दें कि, सिर्फ पुरी में ही नहीं, देश के कई राज्यों में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। गुरुवार सुबह अहमदाबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा शुरू हुई। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पारंपरिक 'पहिंद विधि' करके इसकी शुरुआत की। अधिकारियों ने बताया कि शांतिपूर्ण जुलूस सुनिश्चित करने के लिए AI-आधारित निगरानी प्रणाली से लैस 30,000 से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। हर साल आषाढ़ी बीज पर निकाली जाने वाली यह सालाना यात्रा सुबह करीब 7 बजे जमालपुर स्थित 400 साल पुराने भगवान जगन्नाथ मंदिर से शुरू हुई। दिन की शुरुआत में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और देवताओं की मूर्तियों को उनके रथों पर रखे जाने से पहले 'मंगला आरती' में शामिल हुए। इसके बाद, सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार खलासी समुदाय के सदस्यों द्वारा खींचे जाने वाले तीनों रथ मंदिर परिसर से बाहर निकले।