Published: Monday, September 7, 2026, 13:55 [IST]
31 अगस्त की डेडलाइन बीतने के बाद अब इसी हफ्ते से लोगों के खातों में टैक्स रिफंड आना शुरू हो रहा है। अगर आप भी अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो आज ही 3 जरूरी काम निपटा लें। पहला- यह सुनिश्चित करें कि आपका रिटर्न e-verify हो चुका हो, दूसरा- आपका बैंक अकाउंट pre-validate हो और रिफंड पाने के लिए नामांकित (Nominate) हो, और तीसरा- पोर्टल पर अपने रिफंड स्टेटस को लगातार ट्रैक करते रहें। इसके लिए पोर्टल के ये स्टेप्स फॉलो करें: Dashboard > Services > Know Your Refund Status; और बैंक खाते के लिए Profile > My Bank Account > Add/Pre‑validate > Nominate। ज़्यादातर मामलों में इन्हीं दो कदमों से रिफंड तुरंत आपके खाते में क्रेडिट हो जाता है।
सबसे पहले अपना e-verification जांच लें। अगर यह नहीं हुआ है, तो रिटर्न की प्रोसेसिंग और रिफंड दोनों रुक जाएंगे। आप अपने pre-validated बैंक अकाउंट से जनरेट हुए Electronic Verification Code (EVC) का इस्तेमाल करके आसानी से e-verify कर सकते हैं। इसके बाद 'My Bank Account' सेक्शन खोलकर अमान्य (failed) हुए खातों को फिर से pre-validate करें और रिफंड के लिए किसी एक खाते को चुनें। **काम की बात:** वैलिडेट होने में आने वाली दिक्कतों से बचने के लिए ऐसे बैंक खाते का इस्तेमाल करें जो e-filing से सीधे जुड़ा (integrated) हो। इसके लिए रास्ता है: Profile > My Bank Account।

ITR refunds: आज ही ऐसे चेक करें स्टेटस
अपने रिफंड को ट्रैक करने के लिए e-Filing पोर्टल में Services > Know Your Refund Status का इस्तेमाल करें, या फिर जमा किए गए रिटर्न के स्टेटस कार्ड से जानकारी लें। Protean का पुराना पेज अब 31 मार्च 2023 के बाद दिए गए रिफंड को इसी नई सर्विस पर रिडायरेक्ट कर देता है। अपने बैंक खाते में पैसे आने की सही जानकारी (credit trail) पाने के लिए आप PFMS पर जाकर Know Your Payments का इस्तेमाल कर सकते हैं। पोर्टल नेविगेशन के स्टेप्स ऊपर दिए गए हैं।
| फीचर/सुविधा | न्यू टैक्स रिजीम (AY 2026‑27) | ओल्ड टैक्स रिजीम |
|---|---|---|
| स्टैंडर्ड डिडक्शन | ₹75,000 | ₹50,000 |
| 87A के तहत छूट की सीमा | ₹12,00,000 तक (₹60,000 तक की छूट) | ₹5,00,000 तक |
| चैप्टर VI‑A के तहत कटौतियां | ज्यादातर बंद, कुछ खास छूट को छोड़कर | उपलब्ध (योग्य करदाताओं के लिए) |
यह बात रिफंड के नजरिए से इतनी अहम क्यों है? इसे ऐसे समझें: न्यू टैक्स रिजीम के तहत ₹12.75 लाख कमाने वाले सैलरीड व्यक्ति को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। इससे टैक्सेबल इनकम घटकर सीधे ₹12 लाख रह जाती है, जो 87A की छूट में पूरी तरह कवर हो जाती है। ऐसे में काटा गया सारा TDS प्रोसेसिंग के बाद रिफंड बन जाता है। इस पैसे को बिना किसी अड़चन के अपने खाते में पाने के लिए बैंक अकाउंट को pre-validate जरूर रखें।
143(1) का नोटिस: समयसीमा और तुरंत समाधान
इनकम टैक्स विभाग से मिलने वाले धारा 143(1) के हर नोटिस/इंटिमेशन को ध्यान से पढ़ें। विभाग के पास इसे भेजने के लिए उस वित्तीय वर्ष की समाप्ति से 9 महीने तक का समय होता है जिसमें आपने रिटर्न दाखिल किया है। उदाहरण के लिए, 31 जुलाई 2026 को भरे गए रिटर्न के लिए नोटिस भेजने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2027 होगी। अगर नोटिस में किसी बदलाव का प्रस्ताव है, तो 30 दिनों के भीतर जवाब दें। अक्सर नोटिस आने की वजह गणितीय गलतियां, TDS मिसमैच या AIS की जानकारी छूटना होती है। AIS और TIS का मिलान करें और जरूरत पड़ने पर संशोधन (Rectification) दाखिल करें।
रिफंड अटका? धारा 245 की डिमांड या 139AA के तहत PAN-Aadhaar की समस्या
अगर आपको पोर्टल पर "refund on hold u/s 245" लिखा दिखता है, तो तुरंत Pending Actions > Response to Outstanding Demand सेक्शन में जाएं। वहां दी गई बकाया मांग से सहमत हों, आंशिक रूप से सहमत हों या फिर सबूत के साथ असहमति दर्ज कराएं। कानून के मुताबिक, किसी भी बकाया टैक्स को रिफंड से एडजस्ट करने से पहले करदाता को लिखित सूचना देना अनिवार्य है। वहीं, धारा 139AA के तहत निष्क्रिय (Inoperative) हुआ पैन आपके रिफंड और उस पर मिलने वाले ब्याज को तब तक रोक देता है जब तक कि आप इसे आधार से लिंक न कर लें। आधार लिंक करने के बाद Refund Reissue का अनुरोध भेजें। अगर रिफंड में ज्यादा देरी हो रही है, तो e-Nivaran के जरिए अपनी शिकायत दर्ज कराएं। संबंधित नेविगेशन के निर्देश ऊपर दिए गए हैं।
Story first published: Monday, September 7, 2026, 13:55 [IST]
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