खत्म हो रही ITR फाइल करने की एक और डेडलाइन, 31 अगस्त तक इन लोगों को मौका

Published on 28 अग॰ 2026

Aug 28, 2026 07:31 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • जिन लोगों की आय बिजनेस या प्रोफेशन (फ्रीलांसर सहित) से होती है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त है
  • जिन कारोबारियों या प्रोफेशनल्स के खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है
Income Tax Return 2026 Deadline

ITR फाइलिंग की एक और डेडलाइन

ITR deadline: वैसे तो नौकरीपेशा लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई को ही समाप्त हो चुकी है लेकिन अब भी कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें 31 अगस्त तक रिटर्न फाइल करना है। ये कौन लोग हैं, आइए डिटेल में समझ लेते हैं।

किसके लिए 31 अगस्त की डेडलाइन

दरअसल, जिन लोगों की आय बिजनेस या प्रोफेशन (फ्रीलांसर सहित) से होती है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त है। जो टैक्सपेयर नॉन-ऑडिट इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं, उन्हें अपनी स्थिति के अनुसार ITR-3 या ITR-4 फॉर्म का इस्तेमाल करना होगा। वहीं जिन कारोबारियों या प्रोफेशनल्स के खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है।

31 अगस्त 2026: फ्रीलांस या बिजनेस से होने वाली आय, जिसके लिए टैक्स ऑडिट की जरूरत नहीं है।

31 अक्टूबर 2026: बिजनेस या प्रोफेशनल आय, जिसके लिए टैक्स ऑडिट की जरूरत है।

31 जुलाई तक कितने लोगों ने किया था फाइल?

आयकर विभाग ने बताया था कि 31 जुलाई तक कर निर्धारण वर्ष (एवाई) 2026-27 के लिए 5.9 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल किए जा चुके थे। कर निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए बिना किसी जुर्माने और ब्याज के आईटीआर 1 और 2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी। इस चरण में वेतनभोगी कर्मचारियों, पेंशनर्स, छात्रों की आय वाले लोगों और बैंक या पोस्ट ऑफिस के ब्याज, डिविडेंड, कैपिटल गेन्स, एक से अधिक मकान से आय और अन्य स्रोतों से कमाई करने वाले कई टैक्सपेयर्स ने रिटर्न दाखिल किया है।

कौन सा फॉर्म किसके लिए?

ITR फॉर्म-1 (सहज) एक सरल फॉर्म है जो बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम करदाताओं की जरूरतों को पूरा करता है। 'सहज' फॉर्म 50 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले निवासी व्यक्ति द्वारा दाखिल किया जा सकता है, जिनकी आय वेतन, एक मकान संपत्ति और सालाना 5,000 रुपये तक की कृषि आय से होती है।

ITR-2 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) द्वारा दाखिल किया जाता है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे के लाभ से नहीं होती बल्कि कैपिटल गेंस से होती है।

ITR-3 मुख्य रूप से उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए है, जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और जो अनुमानित कराधान योजना का विकल्प नहीं चुनते हैं।

ITR-4 (सुगम): उन व्यक्तियों, HUF और फर्मों के लिए है जो पात्र होने पर अनुमानित कराधान योजना के तहत बिजनेस या प्रोफेशन की आय घोषित करते हैं और जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है। इसमें वेतन या पेंशन, अधिकतम दो हाउस प्रॉपर्टी, ब्याज, फैमिली पेंशन, डिविडेंड और कुछ निर्धारित कैपिटल गेन्स जैसी आय भी शामिल की जा सकती है।