Iran Internal Crisis: अमेरिका से समझौते के बाद ईरान में आंतरिक कलह, कट्टरपंथियों ने 'देशद्रोही' और 'बिकाऊ' के लगाए नारे - Haribhoomi

Published on 19 जुल॰ 2026

अमेरिका और इजरायल के साथ हुए अस्थाई सीजफायर के बाद अब खुद ईरान के भीतर एक बेहद गंभीर और अभूतपूर्व राजनीतिक संकट गहरा गया है। देश के कट्टरपंथी गुटों ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर 'सॉफ्ट तख्तापलट' करने का गंभीर आरोप लगाया है।

Iran Crisis Pezeshkian Threat

इस पूरे सियासी घमासान के बीच नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की रहस्यमयी गैर-मौजूदगी से संशय गहरा गया है।

  • Published: 19 Jul 2026, 08:16 AM IST
  • Last Updated: 19 Jul 2026, 08:17 AM IST

अमेरिका के साथ हुए सीजफायर और शांति समझौते के बाद ईरान के भीतर आंतरिक सत्ता संघर्ष चरम पर पहुंच गया है। देश के चरम-कट्टरपंथी धड़े 'जेभ-ए-पायदारी' ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ हिंसक अभियान शुरू कर दिया है।

कट्टरपंथियों का आरोप है कि सरकार ने अमेरिका से गुप्त समझौता कर इस्लामिक क्रांति के मूल सिद्धांतों से विश्वासघात किया है। इस बीच, एक सरकारी धार्मिक गायक मोहम्मद अली बख्शी ने जनसभा में राष्ट्रपति को सीधे तौर पर गला काटने की धमकी देते हुए कहा कि अगर सर्वोच्च नेता की शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो हमारे हाथ में ब्लेड होगा और सामने आपका गला होगा।

​विदेश मंत्री पर शव यात्रा में पथराव 
​सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान यह आंतरिक कलह सार्वजनिक हो गई। शव यात्रा में शामिल उग्र भीड़ ने राष्ट्रपति पेजेशकियान के सामने "समझौतावादी मुर्दाबाद" के नारे लगाए। वहीं, अमेरिकी वार्ता का नेतृत्व करने वाले विदेश मंत्री अब्बास अराघची को 'देशद्रोही' और 'बिकाऊ' कहते हुए उन पर पत्थरों से निशाना साधा गया, जिसके बाद उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ईरान की ओर से अब तक का सबसे गंभीर आंतरिक टकराव है, जहां निर्वाचित सरकार प्रतिबंधों से राहत चाहती है और कट्टरपंथी पूर्ण युद्ध पर आमादा हैं।

​नए सुप्रीम लीडर की रहस्यमयी गैर-मौजूदगी 
​इस पूरे सियासी घमासान के बीच नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की रहस्यमयी गैर-मौजूदगी से संशय गहरा गया है। पिता की मृत्यु के बाद से वे जनता के सामने नहीं आए हैं, जिससे उनके छिपने या अस्वस्थ होने की आशंका है। इसी का फायदा उठाकर अफवाहें फैलाने वाले मुख्य कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियान को संसद अध्यक्ष गालिबफ के निर्देश पर राष्ट्रीय सुरक्षा समिति से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

वहीं, पूर्व विदेश मंत्री मनुचेहर मुत्तकी ने सरकारी टीवी पर भड़काऊ बयान देते हुए किसी भी अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला कर 100 अमेरिकी सैनिकों को बंधक बनाकर ईरान लाने की वकालत की है।