IPO अलॉटमेंट पाने का पक्का तरीका: सोमवार से पहले ये 5 जरूरी काम निपटा लें

Published on 6 सित॰ 2026

Published: Sunday, September 6, 2026, 15:24 [IST]

सोमवार, 7 सितंबर से एक साथ कई मेनबोर्ड आईपीओ (Mainboard IPOs) खुलने जा रहे हैं। अगर आप रिटेल निवेशक हैं और शेयर अलॉटमेंट पाना चाहते हैं, तो आपको बिना किसी गलती के अप्लाई करना होगा। यह गाइड आपको T+3 नियम के तहत UPI स्टेप्स, मैंडेट की टाइमिंग, PAN से जुड़े नियम और रिफंड की समय-सीमा की पूरी जानकारी देती है। रविवार शाम को ही सारी तैयारी कर लें ताकि सोमवार सुबह आप तुरंत अप्लाई कर सकें। ध्यान रखें, एक भी कट-ऑफ टाइम मिस हुआ, तो मौका हाथ से निकल जाएगा।

सबसे पहले जरूरी चेकलिस्ट देख लें। अपने एक्टिव डिमैट अकाउंट से सही पैन (PAN) लिंक रखें। सपोर्टेड बैंक के जरिए अपनी UPI ID बनाएं और ध्यान रखें कि एक ट्रांजैक्शन में 5 लाख रुपये तक के पेमेंट की लिमिट उपलब्ध हो। किसी दूसरे व्यक्ति या थर्ड-पार्टी के बैंक/UPI अकाउंट से अप्लाई न करें। आईपीओ के आखिरी दिन शाम 5 बजे से पहले UPI मैंडेट अप्रूव करना न भूलें, वरना आपकी अर्जी खारिज हो सकती है।

IPO Allotment Guide 2026: How to Apply via UPI-ASBA, T+3 Rules, and Avoid Rejection Mistakes

UPI-ASBA स्टेप्स, कट-ऑफ टाइम और मैंडेट

अपने ब्रोकर या बैंक ASBA के जरिए अप्लाई करें, शेयरों की संख्या और प्राइस दर्ज करें, फिर अपनी UPI ID सबमिट करें। इसके बाद आपके UPI ऐप पर मैंडेट रिक्वेस्ट आएगी; इसे तय समय के भीतर एक ही बार में अप्रूव कर दें। अगर मैंडेट एक्सपायर या फेल हो जाता है, तो ब्रोकर ऐप से दोबारा प्रोसेस शुरू करें और शाम 5 बजे से पहले फिर से अप्रूव करें। याद रखें, इस दौरान आपके पैसे केवल ब्लॉक होते हैं, खाते से कटते नहीं हैं।

रिफंड, T+3 लिस्टिंग टाइमलाइन और PAN के नियम

T+3 सिस्टम के तहत, आईपीओ बंद होने के अगले दिन (T+1) अलॉटमेंट फाइनल होता है, T+2 दिन तक पैसे अनब्लॉक होने और शेयर क्रेडिट की प्रोसेस पूरी हो जाती है, जबकि T+3 दिन शेयर मार्केट में लिस्ट हो जाते हैं। अगर दो वर्किंग डेज के बाद भी पैसे अनब्लॉक नहीं होते हैं, तो इंटरमीडिएटरीज को ₹100 रोजाना या 15 फीसदी सालाना की दर से (जो भी ज्यादा हो) पेनाल्टी देनी होगी। एक ही पैन (PAN) कार्ड का इस्तेमाल करके कई बार अप्लाई करने पर आपकी सभी अर्जियां रद्द हो सकती हैं।

आईपीओ में पैसे ब्लॉक रखने की अपनी ऑपर्च्युनिटी कॉस्ट (अवसर लागत) होती है। अगर आप कई आईपीओ में पैसे ब्लॉक कर रहे हैं, तो इसकी तुलना किसी आम बैंक एफडी (Fixed Deposit) से जरूर करें। नीचे दी गई टेबल से समझिए कि 7% की सालाना दर पर 1 लाख रुपये की राशि कैसे कंपाउंड होती है। अलॉटमेंट का इंतजार करते समय इस हिसाब से सही फैसला लें कि आपको मैंडेट के लिए कितना पैसा खाली रखना चाहिए।

अवधि7% सालाना ब्याज पर एफडी (₹1,00,000 मूलधन)
5 साल₹1,40,255
10 साल₹1,96,715
15 साल₹2,75,911

इस हफ्ते आईपीओ अलॉटमेंट पाना सिर्फ किस्मत का खेल नहीं, बल्कि सही तैयारी का नतीजा होगा। सोमवार, 7 सितंबर को बाजार खुलने से पहले अपने पैन-डिमैट की जानकारी जांच लें, अपने UPI ऐप की सेटिंग चेक कर लें और एक छोटे मैंडेट का टेस्ट कर लें। आखिरी दिन शाम 5 बजे के कट-ऑफ टाइम पर नजर रखें और बैंक लिमिट खाली रखें। अगर T+2 दिन के बाद भी पैसे अनब्लॉक न हों, तो सेबी (SEBI) के T+3 सर्कुलर का हवाला देते हुए अपने ब्रोकर या बैंक से तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

Story first published: Sunday, September 6, 2026, 15:24 [IST]

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