Published: Sunday, August 2, 2026, 17:21 [IST]
Indonesia Fire: इंडोनेशिया में रविवार को समुद्र के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। मदुरा द्वीप के पास यात्रियों से भरी एक फेरी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते जहाज धुएं और लपटों से घिर गया। हादसे में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 41 लोग अब भी लापता हैं। राहत की बात यह रही कि 225 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अब समुद्र में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
इंडोनेशिया की नेशनल सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी ने बताया कि फेरी में यात्रियों और क्रू मेंबर्स समेत कुल 271 लोग सवार थे। हादसे के बाद कई रेस्क्यू जहाज मौके पर भेजे गए और आसपास के समुद्री इलाके में लगातार तलाश जारी है।
हादसा कहां और कैसे हुआ?
यह फेरी पूर्वी जावा के सुराबाया से दक्षिण सुलावेसी के मकासर जा रही थी। सफर के दौरान जावा के उत्तर-पूर्वी तट के पास स्थित मदुरा द्वीप के नजदीक जहाज में आग लग गई।
आग इतनी तेजी से फैली कि जहाज पर अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों को जान बचाने के लिए समुद्र में कूदना पड़ा। राहत दल ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और अब भी लापता लोगों की तलाश जारी है। फिलहाल अधिकारियों ने आग लगने की वजह साफ नहीं की है। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
बचाव अभियान में क्या हो रहा है?
हादसे के तुरंत बाद इंडोनेशिया की सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी ने कई जहाजों को मौके पर भेजा। समुद्र में लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता हर लापता व्यक्ति का पता लगाना है। मौसम और समुद्री हालात को देखते हुए रेस्क्यू टीम पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रही है।
इंडोनेशिया में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
यह पहली बार नहीं है जब इंडोनेशिया में फेरी में आग लगने की घटना हुई हो। जुलाई 2025 में KM Barcelona 5 नाम की यात्री फेरी में भी आग लग गई थी। उस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 150 यात्रियों को बचा लिया गया था। जहाज में करीब 280 लोग सवार थे और यह घटना मनाडो के पास हुई थी।
2021 से 2026 तक क्यों बार-बार हो रहे हैं ऐसे हादसे?
इंडोनेशिया में फेरी हादसों का यह सिलसिला नया नहीं है। मई 2021 में KM Karya Indah फेरी मोलुक्का सागर में आग की चपेट में आ गई थी। यह जहाज टर्नेट से रवाना होने के कुछ ही देर बाद जलने लगा था। उस वक्त यात्रियों और क्रू मेंबर्स को अपनी जान बचाने के लिए समुद्र में छलांग लगानी पड़ी थी।
राहत टीम और स्थानीय मछुआरों की मदद से 181 यात्रियों और 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया था। इनमें 22 बच्चे भी शामिल थे। अच्छी बात यह रही कि उस हादसे में किसी की जान नहीं गई थी।
इंडोनेशिया में फेरी हादसे बार-बार क्यों होते हैं?
इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा द्वीपीय देश है। यहां 17 हजार से ज्यादा द्वीप हैं। एक द्वीप से दूसरे द्वीप तक जाने के लिए बड़ी संख्या में लोग फेरी सेवाओं पर निर्भर रहते हैं।
इसी वजह से समुद्री यातायात बहुत ज्यादा है। कई मामलों में सुरक्षा नियमों का ठीक से पालन नहीं होने और निगरानी में कमी को ऐसे हादसों की बड़ी वजह माना जाता है। यही कारण है कि यहां समय-समय पर फेरी दुर्घटनाएं सामने आती रहती हैं।
फिलहाल अधिकारियों ने आग लगने की असली वजह नहीं बताई है। जांच एजेंसियां जहाज में आग कैसे लगी और क्या किसी तकनीकी खराबी या लापरवाही की भूमिका थी, इसकी जांच कर रही हैं। सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक बचाव अभियान जारी रहेगा।