Updated: Sunday, October 25, 2026, 22:56 [IST]
Indigo Flight Shift: मुंबई में हवाई यात्रियों के लिए आने वाले समय में एयरपोर्ट से जुड़ा बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इंडिगो फरवरी 2027 से छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) से अपनी रोजाना 12 इंटरनेशनल फ्लाइट्स को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) पर शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है।
इस बदलाव का मकसद मुंबई के मौजूदा एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करना और भविष्य में नई उड़ानों के लिए जगह बनाना है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन देशों और शहरों के लिए उड़ानें होंगी शिफ्ट?...
इंडिगो की योजना के तहत मुंबई के मौजूदा एयरपोर्ट से संचालित कई अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को नवी मुंबई स्थानांतरित किया जाएगा। इनमें खाड़ी देशों के साथ-साथ दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के गंतव्य भी शामिल हैं।
प्रस्तावित बदलाव में ये 12 अंतरराष्ट्रीय गंतव्य शामिल हैं...
- बहरीन और सऊदी अरब: बहरीन, रियाद, दम्माम, जेद्दा और मदीना
- अन्य खाड़ी गंतव्य: कुवैत, रास अल खैमाह, फुजैराह और मस्कट
- दक्षिण एशिया: ढाका और काठमांडू
- दक्षिण-पूर्व एशिया: जकार्ता
इन गंतव्यों पर उड़ानों का स्थानांतरण फरवरी से जुलाई 2027 के बीच चरणबद्ध तरीके से किए जाने की योजना है। इंडिगो और अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के संयुक्त बयान के मुताबिक, काठमांडू के लिए नई दैनिक सेवा शुरू होने के बाद नवी मुंबई से इंडिगो का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क 12 गंतव्यों तक पहुंच जाएगा।
क्या मुंबई एयरपोर्ट से सभी इंटरनेशनल फ्लाइट्स हट जाएंगी?
नहीं। यह बदलाव केवल इंडिगो की चुनिंदा उड़ानों को लेकर है। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद नहीं होंगी और न ही एयरपोर्ट खाली हो जाएगा। दरअसल, मुंबई के मौजूदा एयरपोर्ट पर विमानों और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीमित जगह में उड़ानों का संचालन करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में कुछ सेवाओं को नवी मुंबई स्थानांतरित करने से मौजूदा एयरपोर्ट पर अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो सकेगी।
इंडिगो की कुछ घरेलू उड़ानों को भी स्थानांतरित करने की योजना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को दूसरी उड़ानों से कनेक्टिविटी दी जा सके। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच कनेक्शन की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इंडिगो उड़ानें शिफ्ट क्यों कर रही है?
इस फैसले के पीछे दो प्रमुख वजहें हैं...
पहली वजह: नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए जगह बनाना।
इंडिगो 2027 में अपने बढ़ते विमान बेड़े का इस्तेमाल करके एशिया, अफ्रीका और यूरोप में अंतरराष्ट्रीय सेवाओं का विस्तार करना चाहती है। एयरबस A320, A321 और A321XLR विमानों के बेड़े के विस्तार के साथ एयरलाइन को अतिरिक्त परिचालन क्षमता की जरूरत होगी।
मुंबई के मौजूदा एयरपोर्ट से कुछ उड़ानें नवी मुंबई स्थानांतरित होने के बाद इंडिगो को नई सेवाएं शुरू करने के लिए स्लॉट और परिचालन क्षमता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
दूसरी वजह: टर्मिनल-1 का पुनर्विकास।
मुंबई के मौजूदा एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का पुनर्विकास प्रस्तावित है। इस परियोजना के दौरान परिचालन क्षमता में होने वाली कमी को संभालने के लिए भी कुछ उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करना उपयोगी होगा। टर्मिनल-1 के पुनर्विकास का लक्ष्य 2030 तक पूरा करना है।
पहले सभी एयरलाइंस की उड़ानें शिफ्ट करने की योजना क्यों टली?
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों को स्थानांतरित करने की योजना पहले इससे कहीं बड़ी थी। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL), जो छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन करती है, ने 25 अक्टूबर से अपनी 770 साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से 265 को नवी मुंबई स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया था। इस योजना से करीब 46 एयरलाइंस प्रभावित हो सकती थीं।
हालांकि, एयरलाइंस ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। उनकी चिंताओं में यात्रियों की सुविधा, उड़ानों के शेड्यूल, उपलब्ध क्षमता और फैसले से पहले पर्याप्त बातचीत की जरूरत जैसे मुद्दे शामिल थे। इसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने MIAL से प्रस्तावित बदलाव टालने और एयरलाइंस के साथ सहमति बनाकर चरणबद्ध योजना तैयार करने को कहा।
13 अक्टूबर को MIAL ने स्पष्ट किया कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का आवंटन शीतकालीन शेड्यूल के दौरान नहीं बदलेगा। यह शेड्यूल 27 मार्च 2027 को समाप्त होगा। इसके बाद अलग-अलग एयरलाइंस के साथ बातचीत के आधार पर बदलाव किए जाएंगे। इंडिगो की प्रस्तावित योजना इसी चरणबद्ध बदलाव का हिस्सा है।
यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
उड़ानों के स्थानांतरण का सबसे बड़ा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो मुंबई से खाड़ी देशों, बांग्लादेश, नेपाल और इंडोनेशिया के लिए इंडिगो की सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। अगर किसी यात्री की उड़ान नवी मुंबई एयरपोर्ट से संचालित होती है, तो उसे टिकट बुक करते समय एयरपोर्ट का नाम और कोड जरूर जांचना होगा। दोनों एयरपोर्ट अलग-अलग स्थानों पर हैं, इसलिए गलत एयरपोर्ट पहुंचने से उड़ान छूटने का जोखिम हो सकता है।
कनेक्टिंग फ्लाइट लेने वाले यात्रियों को भी यह जांचना चाहिए कि उनकी दोनों उड़ानें एक ही एयरपोर्ट से हैं या नहीं। यदि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अलग-अलग एयरपोर्ट से संचालित होती हैं, तो उनके बीच यात्रा के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ सकती है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट कब शुरू हुआ और यहां क्या सुविधाएं हैं?
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में किया था। इस चरण के निर्माण पर करीब 19,650 करोड़ रुपये खर्च किए गए। एयरपोर्ट पर वाणिज्यिक उड़ान संचालन 25 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ। शुरुआती घरेलू सेवाओं में इंडिगो की उड़ानें भी शामिल थीं। इसके बाद 15 जुलाई 2026 को अबू धाबी के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की सेवा के साथ अंतरराष्ट्रीय परिचालन शुरू हुआ। एयरपोर्ट की दीर्घकालिक योजना में चार टर्मिनल और दो समानांतर रनवे शामिल हैं। टर्मिनलों को जोड़ने के लिए स्वचालित पीपल मूवर की भी योजना है। इसके अलावा, यहां सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल के भंडारण के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने का प्रावधान है।
दोनों एयरपोर्ट का संचालन किसके पास है?
मुंबई के मौजूदा एयरपोर्ट और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दोनों का संबंध अडानी समूह से है। अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के पास मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड में 74% हिस्सेदारी है। इसके बदले में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड में भी 74% हिस्सेदारी अडानी समूह की है। दोनों एयरपोर्ट के बीच उड़ानों का संतुलन बनाने की योजना का उद्देश्य मुंबई महानगर क्षेत्र में हवाई यातायात की बढ़ती मांग को संभालना है।