
सरफराज को करना होगा इंतजार (फोटो-पीटीआई)
गॉल टेस्ट से पहले टीम इंडिया के खेमे से बड़ी खबर सामने आ रही है. रिपोर्ट्स हैं कि सरफराज खान को टीम इंडिया पहले मैच में मौका नहीं देगी. साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद सरफराज खान को श्रीलंका बुलाया गया था. स्पिन के खिलाफ उनकी अच्छी तकनीक को देखते हुए ऐसा माना जा रहा था कि सरफराज गॉल में खेल सकते हैं लेकिन अब खबर आई है कि ऐसा नहीं हो रहा है. रिपोर्ट्स हैं कि प्लेइंग इलेवन में सरफराज नहीं ध्रुव जुरेल खेलेंगे, जिन्होंने हाल ही में श्रीलंका ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट मैच में इंडिया ए की कप्तानी भी की थी.
जुरेल ने बहाया जमकर पसीना
गुरुवार को गॉल में टीम इंडिया ने काफी देर तक प्रैक्टिस की और ध्रुव जुरेल ने काफी देर तक बल्लेबाजी अभ्यास किया. जुरेल की बैटिंग प्रैक्टिस से ये संकेत मिले कि इस खिलाड़ी को टीम इंडिया छठे या सातवें नंबर पर बतौर स्पेशलिस्ट बैट्समैन मौका देगी. जुरेल ने नेट्स पर स्पिनर्स के खिलाफ डटकर सामना किया और वो केएल राहुल से भी सलाह लेते नजर आए.
जुरेल के पास तकनीक है लेकिन…
25 साल के ध्रुव जुरेल के पास तकनीक है लेकिन वो अबतक खुद को टेस्ट फॉर्मेट में साबित नहीं कर सके हैं. 10 टेस्ट में ये खिलाड़ी 34.14 की औसत से 478 रन बना सका है. जुरेल स्पिनर्स खासतौर पर ऑफ स्पिनर के खिलाफ फंसते नजर आते हैं. साउथ अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में जिस तरह से जुरेल साइमन हार्मर के खिलाफ आउट हुए थे उससे उनकी तकनीक पर सवालिया निशान खड़ा हो गया था. जुरेल श्रीलंका के खिलाफ प्रैक्टिस मैच में भी फेल रहे लेकिन टीम इंडिया उन्हीं पर निवेश करना चाहती है.वैसे गॉल की पिच जिस मिजाज की है उसे देखते हुए सरफराज की टीम में जगह बनती है. उन्होंने ऐसी ही स्पिन फ्रेंडली पिचों पर ढेरों रन बनाए हैं लेकिन पहले टेस्ट में वो बेंच पर बैठे नजर आएं तो चौंकिएगा नहीं. उन्हें अपने मौके का इंतजार करना होगा.
गॉल टेस्ट में भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन
यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, मानव सुथार, कुलदीप यादव, गुरनूर बराड़ और मोहम्मद सिराज.

अनूप देव सिंह
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल 2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.
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