IIT Delhi Protest: छात्र की मौत के बाद प्रदर्शन तेज, निदेशक ने दी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी | iit-delhi-rishikesh-kumar-death-student-protest-director-warning-disciplinary-action

Published on 29 अग॰ 2026

नई दिल्ली: IIT Delhi Student Protest: आइआइटी दिल्ली में 31 वर्षीय एमएससी छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्र इस मामले में निष्पक्ष जांच, परिवार को मुआवजा और जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। गुरुवार रात भी बड़ी संख्या में छात्रों ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों में मार्च निकाला और आधी रात तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में ऐसे बैनर थे, जिन पर जांच, मुआवजा और इस्तीफा जैसी मांगें लिखी थीं। प्रदर्शन के बीच आइआइटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने शुक्रवार को छात्रों को आधिकारिक संदेश भेजकर परिसर में अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि शांतिपूर्ण परिसर व्यवस्था में बाधा डालने वाले छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

आवासीय क्षेत्र में प्रदर्शन पर निदेशक ने जताई आपत्ति

निदेशक ने अपने संदेश में कहा कि गुरुवार रात प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने रात करीब 10:30 बजे से 12:30 बजे तक संस्थान के आवासीय क्षेत्र में प्रदर्शन किया। उनके मुताबिक, नारेबाजी के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने आपत्तिजनक, अपमानजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया। प्रो. बनर्जी ने कहा कि फैकल्टी आवास के सामने इस तरह का प्रदर्शन वहां रहने वाले शिक्षकों और उनके परिवारों की सुरक्षा, निजता और शांतिपूर्ण जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्गों की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए कहा कि आवासीय क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों से बचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान परिसर में शांतिपूर्ण संचालन में बाधा डालने वाली गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसमें आवासीय क्षेत्र के अलावा कक्षाएं, अकादमिक गतिविधियां और संस्थान की अन्य नियमित गतिविधियां भी शामिल हैं।

मुख्य गेट पर की गई बैरिकेडिंग

गुरुवार रात छात्रों ने परिसर के विभिन्न हिस्सों में मार्च किया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए संस्थान के मुख्य गेट पर सुरक्षाकर्मियों ने बैरिकेडिंग भी की थी। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह सामूहिक और लोकतांत्रिक है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बाहरी ताकतों और राजनीतिक हस्तक्षेप से जुड़े आरोपों को भी खारिज किया है। छात्रों के अनुसार, आंदोलन का उद्देश्य ऋषिकेश कुमार की मौत के मामले में जवाबदेही तय कराना और उनकी मांगों पर संस्थान प्रशासन से स्पष्ट कार्रवाई कराना है। छात्रों ने बताया कि वे अलग-अलग हॉस्टलों में जाकर अन्य विद्यार्थियों से आंदोलन के समर्थन की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच, परिवार के लिए मुआवजा और इस्तीफा उनकी प्रमुख मांगें हैं।

बाहरी जांच समिति ने शुरू किया काम

इस बीच संस्थान प्रशासन ने मामले की जांच के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी छात्रों को दी है। निदेशक ने कहा कि बाहरी जांच समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है। इससे मामले की स्वतंत्र तरीके से जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश कुमार के परिवार को संस्थान के बेनेवोलेंट फंड से आर्थिक सहायता देने की मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों के स्वैच्छिक योगदान से एक अलग सहायता फंड भी बनाया गया है।

अगले सप्ताह नियुक्त होगा बाहरी ओम्बड्सपर्सन

निदेशक के अनुसार, संस्थान की ओर से बाहरी ओम्बड्सपर्सन की नियुक्ति भी अगले सप्ताह की जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों की चिंताओं और शिकायतों को सुनने के लिए एक अतिरिक्त स्वतंत्र व्यवस्था उपलब्ध कराना है। प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि प्रशासन छात्र प्रतिनिधियों और अन्य छात्रों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों की चिंताओं को समझने के लिए सद्भावना के साथ संवाद जारी रखा गया है। फिलहाल ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद शुरू हुआ छात्र आंदोलन संस्थान प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। एक ओर छात्र अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन परिसर की सामान्य शैक्षणिक और आवासीय व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रहा है। बाहरी जांच समिति की रिपोर्ट और ओम्बड्सपर्सन की नियुक्ति के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।