IIT कानपुर में सागर केवी को मिला प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल:इन स्पेस के चेयरमैन डॉ. पवन गोयनका ने अवार्ड बांटे; 3104 स्टूडेंट्स को डिग्री मिली
कानपुर22 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर का 59वां दीक्षांत समारोह का शुभारंभ हो गया। इसमें प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल सागर केवी (बीटेक सीएस) को मिला। उन्हे ये अवॉर्ड भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) के अध्यक्ष डॉ. पवन गोयनका ने दी।
समारोह में विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के 3104 स्टूडेंट्स को डिग्री दी गई। इस साल 448 रिसर्चर ने पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। जो कि आईआईटी कानपुर के रिकार्ड में इस बार का सर्वाधिक है।
दीक्षांत समारोह में डायरेक्टर गोल्ड मेडल आदित्य वी और रित्विक शंकर को दिया गया। दीक्षांत में यूजी के 1247, पीजी के 1325 और आउटरीच के 532 छात्र छात्राओं को उपाधि दी गई।
तस्वीरें देखिए…

IIT कानपुर के 59वें दीक्षांत समारोह के दौरान मंच पर मौजूद अतिथि।

फोर इयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के आदित्य वी को मिला डायरेक्टर गोल्ड मेडल। यह स्टैटिसटिक्स एंड डाटा साइंस के स्टूडेंट हैं।

फाइव ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के रित्विक शंकर को मिला डायरेक्टर गोल्ड मेडल। यह एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के स्टूडेंट हैं।
डायरेक्टर प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने डिग्री और मेडल पाने वाले छात्र-छात्राओं को दीक्षोपदेश दिया। उन्होंने कहा- आप सभी यह सदैव स्मरण रखें कि आपके द्वारा अर्जित यह ज्ञान और विज्ञान राष्ट्र की सबसे पवित्र धरोहर है। इसलिए इसका उपयोग अपने देश और अपने शिक्षण संस्थान की गरिमा एवं सम्मान के अनुरूप ही करना चाहिए।
हर परिस्थिति में अपनी व्यावसायिक मर्यादा और उच्च चरित्र का पूरी निष्ठा से संरक्षण करें। मन, वचन और कर्म से सदैव लोककल्याण के लिए प्रयत्नशील रहें। अनुशासनप्रिय बनें और सदैव अनुशासन का पालन करें। साथ ही, श्रुति (उपनिषद्) के इस वचन को भी सदैव स्मरण रखें-

"यानि अनवद्यानि कर्माणि तानि सेवितव्यानि नो इतराणि।"

मतलब जो कर्म दोषरहित, श्रेष्ठ और प्रशंसनीय हों, केवल उन्हीं का पालन करना चाहिए; अन्य कर्मों का नहीं।
पारंपरिक ड्रेस में पहुंचें छात्र
समारोह में आईआईटी कानपुर की पारंपरिक ड्रेस व्यवस्था भी लागू रही। पुरुष छात्र क्रीम रंग का कुर्ता और सफेद पायजामा, जबकि छात्राओं ने क्रीम रंग का कुर्ता-सफेद चूड़ीदार/लेगिंग्स अथवा क्रीम रंग की साड़ी के साथ औपचारिक जूते या सैंडल पहनीं।
इतने छात्रों को मिलेगी डिग्री इस वर्ष 390 शोधार्थियों को पीएचडी, 53 को एमडी-पीएचडी, चार को एमएस (रिसर्च)-पीएचडी और एक को एमडिजाइन पीएचडी की डिग्री मिलीं। इनके अलावा 502 विद्यार्थियों को एमटेक, 852 को बीटेक, 212 को बीएस, 186 को एमएससी, 59 को एमबीए, 36 को एमडिजाइन, 66 को एमएस (रिसर्च), 40 को पीजीपीईएक्स-वीएलएसआई, 35 को डबल मेजर, 107 को डुअल डिग्री और 492 विद्यार्थियों को ई-मास्टर्स कार्यक्रम की उपाधियां दी गई।

.