गुरुग्राम2 घंटे पहले
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गुरुग्राम निगम कमिश्नर आईआईटी गांधीनगर टीम व पार्षदों के साथ जलभराव पर बैठक करते हुए।
गुरुग्राम में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने तकनीकी स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसर उदित भाटिया और प्रोफेसर विवेक कपाड़िया के साथ एक वर्चुअल बैठक की।
बैठक में नगर निगम गुरुग्राम और जीएमडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पार्षद भी शामिल हुए। इसमें शहर के जलभराव संभावित क्षेत्रों में स्थायी और प्रभावी समाधान विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
संवेदनशील क्षेत्रों को दी प्राथमिकता
बैठक में सुभाष चौक, राजीव चौक, मेदांता अंडरपास और शीतला माता रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई। इन स्थानों पर बारिश के दौरान जल जमाव के बेहतर प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने जल निकासी के साथ-साथ बारिश के पानी के संग्रहण और भूजल रिचार्ज की संभावनाओं पर भी विचार किया।
वाटर इंजेक्शन वेल स्थापित करने की योजना
चर्चा के दौरान 48 से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता वाले वाटर इंजेक्शन वेल स्थापित करने की योजना पर बात हुई। इसके अतिरिक्त, अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज टैंक बनाने के प्रस्ताव पर भी मंथन किया गया। इन व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को नियंत्रित तरीके से संग्रहित करना, उसकी निकासी को बेहतर बनाना और जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है।
समय सीमा में लक्ष्य तय करने पर जोर
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने प्रस्तावित कार्यों के लिए एक वर्ष की समय-सीमा निर्धारित कर उन्हें पूरा करने का लक्ष्य तय करने पर जोर दिया। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने यह भी बताया कि प्रस्तावित व्यवस्थाओं की क्षमता आने वाली बरसात की मौजूदा जरूरत से लगभग तीन गुना अधिक रखी जाएगी।
स्थायी और तकनीक आधारित व्यवस्था जरूरी
निगमायुक्त ने कहा कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में जलभराव का समाधान केवल बारिश के समय पंप लगाकर पानी निकालने तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए स्थायी और तकनीक आधारित व्यवस्था जरूरी है। नई व्यवस्थाओं से जलभराव की समस्या कम होने के साथ भूजल रिचार्ज को बढ़ावा मिलेगा और ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव भी कम होगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे शामिल
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका और रविन्द्र यादव, पार्षद विकास यादव, कुलदीप यादव व अनूप सिंह, कार्यकारी अभियंता तुषार यादव व विक्रम कलकल, सहायक अभियंता सुनील सैनी और कनिष्ठ अभियंता प्रियदीप सोनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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