IAS Anudeep Durishetty: गूगल की छोड़ी नौकरी, बिना कोचिंग शुरू की UPSC की तैयारी, फिर 5वें अटेंप्ट में बनें IAS

Published on 25 अग॰ 2026

Aug 25, 2026 10:02 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

Follow us on Google News

share

साल 2012 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी एग्जाम दिया, लेकिन असफलता हाथ लगी। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। वो दोगुनी मेहनत से यूपीएससी की तैयारी करते रहे।

ias anudeep durishetty success story left google job upsc preparation without coaching fifth attempt

कौन हैं आईएएस अनुदीप दुरीशेट्टी

देश में युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के बीच यूपीएससी का खूब क्रेज है। इसका क्रेज इतना है कि कई लोग अधिक सैलरी वाली जॉब या कहें की लाखों की सैलरी वाली नौकरी छोड़कर इसकी तैयारी में लग जाते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है आईएएस अनुदीप दुरीशेट्टी की। इनके पास भी गूगल जैसी बड़ी कंपनी में हाई सैलरी पेइंग जॉब थी, अच्छी लाइफस्टाइटल थी, लेकिन अपने सपनों के लिए उन्होंने इसका त्याग किया और यूपीएससी की तैयारी में लग गए। इनका सपना था आईएएस बनना। मगर, ये इतना आसान नहीं था। यही वजह थी कि उन्होंने यह परीक्षा 5वें अटेंप्ट में क्रैक किया और आईएएस बनें। मेहनत इतनी थी कि उन्होंने यूपीएससी में AIR-1 (ऑल इंडिया रैंक 1) हासिल की। चलिए आज हम आपको उनकी सक्सेस स्टोरी बताते हैं।

कौन हैं आईएएस अनुदीप डुरीशेट्टी?

अनुदीप तेलंगाना के रहने वाले हैं और उन्होंने श्री सूर्योदय हाई स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। स्कूलिंग के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग को चुना। उन्होंने साल 2011 में बिट्स पिलानी से इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। वे इंजीनियरिंग में करियर बनाना चाहते थे लेकिन उनके करियर की कहानी कहीं और लिखी थी।

डिग्री के बाद गूगल में नौकरी

डिग्री के बाद अनुदीप ने गूगल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी शुरू की। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो यहां उनकी लाखों में सैलरी थी, लेकिन उनका सपना था सिविल सेवा में जाना। इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की। खास बात ये रही कि उन्होंने किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया, बल्कि खुद से पढ़ाई की और ऑनलाइन स्टडी मटीरियल की मदद ली।

पहली बार रहें असफल

साल 2012 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी एग्जाम दिया, लेकिन असफलता हाथ लगी। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। वो दोगुनी मेहनत से यूपीएससी की तैयारी करते रहे। उन्होंने 2013 में फिर से यूपीएससी एग्जाम दिया और ऑल इंडिया रैंक 790 हासिल की। उन्हें भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के लिए चुना गया और उन्होंने सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में सहायक आयुक्त के रूप में काम किया।

पांचवें प्रयास में बनें आईएएस

इसके बाद उन्होंने साल 2014 और 2015 में कोशिशें कीं, लेकिन मनचाहा रिजल्ट नहीं मिला। इन मुश्किलों ने उन्हें और मजबूत बना दिया। आखिरकार 2017 में अपने पांचवें प्रयास में उन्होंने बिना कोचिंग के UPSC CSE में पहला स्थान (AIR 1) हासिल कर लिया।

IAS बनने के बाद होम कैडर चुना

IAS बनने के बाद अनुदीप ने तेलंगाना कैडर चुना, जो उनका होम स्टेट भी हैष उन्होंने अपने काम के जरिए राज्य में खासतौर पर हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर में बदलाव लाने की इच्छा जताई।