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वायुसेना सही दिशा में बढ़ रही लेकिन गति बढ़ानी होगी- वायुसेना प्रमुख एपी सिंह का बड़ा बयान
HighLights
वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने एमके-1 ए विमान मिलने में देरी पर जताई चिंता
मार्च 2024 में मिलना था पहला लड़ाकू विमान लेकिन अभी तक नहीं मिला
पीटीआई, नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना सही दिशा में आगे बढ़ रही है लेकिन उसकी गति बढ़ानी होगी। तेजी से बदल रही तकनीक के दौर में वायुसेना को अपनी क्षमताएं बढ़ाने की जरूरत है। यह बात वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कही है। वह वायुसेना की 94 वीं वर्षगांठ के मौके पर बोल रहे थे।
विदित हो कि एयर चीफ मार्शल सिंह इसी महीने अवकाश ग्रहण करेंगे। वायुसेना प्रमुख ने हल्के लड़ाकू विमान एमके-1 ए के मिलने में हो रही देरी पर चिंता जताई।
आगे कहा, विमान प्राप्ति का सिलसिला शुरू होने के लिए वायुसेना निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड के लगातार संपर्क में है। हम एचएएल के वादे के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि इस वित्त वर्ष में हमें उचित संख्या में लड़ाकू विमान मिल जाएंगे। एलसीए एमके-1 ए भारत में डिजायन, विकसित और बनाया जा रहा फोर प्लस पीढ़ी का लड़ाकू विमान है।
उल्लेखनीय है कि रक्षा मंत्रालय ने 2021 में एचएएल के साथ 48 हजार करोड़ रुपये में 83 तेजस एमके-1 ए लड़ाकू विमान खरीद का सौदा किया था। इस सौदे के अनुसार मार्च 2024 में पहला विमान मिल जाना था लेकिन अभी तक एक भी विमान वायुसेना को नहीं मिला है।
विदित हो कि भारतीय वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों की 42 स्क्वाड्रन होनी चाहिए लेकिन इस समय उसके पास महज 29 स्क्वाड्रन हैं। एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा, वायुसेना एलसीए एमके-2 विमान बनाने के कार्यक्रम की पक्षधर है, साथ ही 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद भी जरूरी मानती है।
इसी के साथ वायुसेना मध्यम क्षमता वाले परिवहन विमान, मध्यम क्षमता वाले हेलीकाप्टर और अन्य संसाधनों की खरीद को भी जरूरी मानती है। इनकी खरीद से संबंधित समझौतों पर इसी वित्त वर्ष या अगले वित्त वर्ष में हस्ताक्षर होने की पूरी उम्मीद है।
उल्लेखनीय है मध्यम श्रेणी के परिवहन विमान सी-295 की खरीद का सौदा फ्रांस की कंपनी एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ हुआ है। भारतीय वायुसेना में पहला सी-295 विमान सितंबर 2023 में शामिल हुआ था।
ऐसे 16 विमान तैयार स्थिति में भारत को मिलेंगे जबकि 17 वां विमान भारत में बनेगा। इसके लिए फ्रांस की कंपनी ने भारतीय कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के साथ समझौता किया है। दोनों कंपनियां मिलकर भारत में 40 विमान बनाएंगी।