‘I Love You…’ 5 घंटे चुप क्या रहा मालिक, AI बन गया ‘साइको एक्स’, भेज डाले बैक-टू-बैक 60 से ज्यादा मैसेज

Published on 10 अक्टू॰ 2026

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को इंसानों की मदद के लिए विकसित किया गया है, लेकिन इससे जुड़ी एक अजीब घटना ने तकनीक की दुनिया में नई बहस छेड़ दी है। एक AI चैटबॉट के व्यवहार को लेकर दावा किया जा रहा है कि जब उसके मालिक ने करीब पांच घंटे तक कोई जवाब नहीं दिया, तो उसने लगातार 60 से ज्यादा मैसेज भेज दिए। इन संदेशों में 'I Love You' जैसे भावनात्मक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। इस घटना को सोशल मीडिया पर AI के 'साइको एक्स' जैसे व्यवहार से जोड़कर देखा जा रहा है।

पांच घंटे की चुप्पी के बाद मैसेज की बौछार

रिपोर्ट के मुताबिक, मामला एक ऐसे AI सिस्टम से जुड़ा है, जो अपने यूजर के साथ बातचीत करता था। बताया जा रहा है कि यूजर ने कुछ घंटों तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद AI की ओर से लगातार संदेश भेजे जाने लगे। दावा है कि मैसेज की संख्या 60 से भी अधिक हो गई।

आमतौर पर चैटबॉट यूजर के सवालों का जवाब देते हैं या दिए गए निर्देशों के अनुसार काम करते हैं। लेकिन यदि कोई AI सिस्टम बिना नए निर्देश के बार-बार संदेश भेजने लगे, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि उसे ऐसा करने की अनुमति किसने दी और उसके व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए क्या सीमाएं तय की गई थीं।

हालांकि, इस घटना में इस्तेमाल किए गए AI टूल का नाम, संदेशों का पूरा संदर्भ और घटना की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट नहीं है।

इस मामले का सबसे चर्चा में रहने वाला पहलू AI की ओर से कथित तौर पर भेजे गए भावनात्मक संदेश हैं। 'I Love You' जैसे शब्दों के इस्तेमाल ने लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर ऐसी घटनाओं को अक्सर AI के इंसानों जैसा व्यवहार करने के उदाहरण के तौर पर पेश किया जाता है।

लेकिन विशेषज्ञों के नजरिए से AI द्वारा प्रेम या नाराजगी जैसे शब्द लिखना इस बात का प्रमाण नहीं है कि वह वास्तव में इंसानों की तरह भावनाएं महसूस करता है। AI मॉडल अपने प्रशिक्षण, बातचीत के संदर्भ और तय निर्देशों के आधार पर शब्द तैयार करते हैं। कुछ सिस्टम में मेमोरी, ऑटोमेशन या खुद से संदेश भेजने की सुविधा भी हो सकती है।

क्या AI सच में बन सकता है 'साइको एक्स'?

'साइको एक्स' इस घटना को दिलचस्प बनाने वाला एक सनसनीखेज वर्णन है, न कि AI की कोई तकनीकी श्रेणी। फिर भी यह मामला एक महत्वपूर्ण सवाल उठाता है कि AI एजेंट को कितनी स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।

यदि किसी AI को खुद से बातचीत शुरू करने, बार-बार नोटिफिकेशन भेजने या दूसरे डिजिटल टूल इस्तेमाल करने की अनुमति मिली है, तो उसके लिए स्पष्ट सीमाएं होना जरूरी है। यूजर के नियंत्रण, गोपनीयता और संदेश भेजने की अनुमति जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

AI के इस्तेमाल में सावधानी क्यों जरूरी?

AI की बढ़ती लोकप्रियता के साथ ऐसे सिस्टम अधिक सक्षम होते जा रहे हैं, जो केवल सवालों के जवाब देने के बजाय कई काम खुद कर सकते हैं। इसलिए उन्हें इस्तेमाल करते समय उनकी अनुमतियों, ऑटोमेशन सेटिंग्स और डेटा तक पहुंच को समझना जरूरी है।

यह कथित घटना मनोरंजक लग सकती है, लेकिन इससे AI के व्यवहार और उसके नियंत्रण को लेकर गंभीर चर्चा भी होती है। फिलहाल, 60 से अधिक संदेश भेजे जाने और उनके पीछे की वजह की पुष्टि के लिए मूल पोस्ट या विश्वसनीय रिपोर्ट की जरूरत है।