Griha Pravesh: केवल रस्म नहीं एक नई शुरुआत का संस्कार है गृह प्रवेश! जानें नए घर में किन वस्तुओं के साथ किया जाता है प्रवेश

Published on 24 जुल॰ 2026

अध्यात्म

  • Authored by: गुलशन कुमार
  • Updated Jul 24, 2026, 06:44 PM IST

Griha Pravesh: भारतीय परंपरा में नए घर में जाते समय गृह प्रवेश संस्कार का विशेष महत्व माना गया है। जी हां आज हम आपको बताएंगे कि आपको नए में कौन-कौन सी चीजों के साथ प्रवेश करना चाहिए।

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गृह प्रवेश में क्या साथ रखें?

Griha Pravesh: भारतीय संस्कृति में घर केवल ईंट, पत्थर और सीमेंट से बनी इमारत नहीं माना जाता है, बल्कि उसे परिवार की खुशियों, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र समझा जाता है। यही कारण है कि नए घर में प्रवेश करने से पहले गृह प्रवेश संस्कार किया जाता है। यह परंपरा हजारों सालों से चली आ रही है और आज भी देश के अधिकांश परिवार इसे पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाते हैं।

मान्यता है कि गृह प्रवेश का उद्देश्य केवल नए घर में रहने की शुरुआत करना नहीं, बल्कि उस स्थान को सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और मंगलमय वातावरण से भरना होता है। वास्तु शास्त्र और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, उचित मुहूर्त में गृह प्रवेश करने और कुछ शुभ वस्तुओं के साथ घर में प्रवेश करने से परिवार के जीवन में सुख, शांति और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। आइए जानते हैं नए घर में प्रवेश करते समय किन वस्तुओं (Auspicious Items for Griha Pravesh) को साथ लेना चाहिए।

गृह प्रवेश का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

सनातन परंपरा में हर नई शुरुआत भगवान के स्मरण से करने की परंपरा रही है। गृह प्रवेश भी उसी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। माना जाता है कि नए घर में प्रवेश से पहले गणेश पूजा, वास्तु पूजा और हवन करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, किसी भी भवन में निर्माण के दौरान अनेक प्रकार की ऊर्जा सक्रिय होती हैं। गृह प्रवेश संस्कार इन ऊर्जाओं को संतुलित करने और घर के वातावरण को सकारात्मक बनाने का माध्यम माना जाता है। यही वजह है कि गृह प्रवेश को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और मानसिक रूप से भी नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

गृह प्रवेश में कौन-कौन सी वस्तुएं शुभ मानी जाती हैं

कलश

गृह प्रवेश में सबसे पहले जल से भरा तांबे या पीतल का कलश, आम के पत्ते और नारियल के साथ रखा जाता है। यह समृद्धि, पूर्णता और देवी लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक माना जाता है।

नारियल

नारियल को शुभता और सफलता का प्रतीक माना जाता है। गृह प्रवेश के समय इसे हाथ में लेकर प्रवेश करना मंगलकारी माना जाता है क्योंकि यह नए जीवन की सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।

चावल

अक्षत यानी साबुत चावल समृद्धि और अन्नपूर्णा का प्रतीक हैं। कई परिवार गृह प्रवेश के समय चावल से भरा पात्र घर में रखते हैं या प्रवेश द्वार पर चावल का कलश स्थापित करते हैं, जिससे घर में अन्न और धन की कभी कमी न रहे।

दूध

गृह प्रवेश के बाद सबसे पहले रसोई में दूध उबालने की परंपरा भी काफी प्रचलित है। उफनता हुआ दूध परिवार की उन्नति, खुशहाली और निरंतर बढ़ती समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

भगवान की प्रतिमा या तस्वीर

कई परिवार सबसे पहले अपने आराध्य देव की प्रतिमा या तस्वीर घर में स्थापित करते हैं। इसका संदेश होता है कि घर का पहला स्थान ईश्वर को समर्पित है और उनकी कृपा सदैव परिवार पर बनी रहे।

तुलसी

कई स्थानों पर गृह प्रवेश के दिन तुलसी का पौधा घर लाने की परंपरा है। तुलसी को पवित्रता, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

नमक

इसके साथ ही कुछ परिवार नए घर में सबसे पहले थोड़ा सा नमक भी लेकर जाते हैं। लोक मान्यताओं के अनुसार, यह घर में नकारात्मकता को कम करने और संतुलित वातावरण बनाने का प्रतीकात्मक संकेत माना जाता है।

नई शुरुआत को बनाएं शुभ

गृह प्रवेश का वास्तविक संदेश केवल शुभ मुहूर्त या धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यह परिवार को प्रेम, एकता, सकारात्मक सोच और ईश्वर के प्रति आस्था के साथ नए जीवन की शुरुआत करने की प्रेरणा देता है। चाहे परंपरा के अनुसार सभी विधियां अपनाई जाएं या सरल रूप में पूजा की जाए, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए घर में प्रवेश शुभ संकल्प, सकारात्मक ऊर्जा और परिवार की खुशियों के साथ किया जाए।

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गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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