Gomti Book Festival 2026: लखनऊ विश्वविद्यालय में गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन - Haribhoomi

Published on 12 सित॰ 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 के पांचवें संस्करण का औपचारिक उद्घाटन किया। नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह 9 दिवसीय महोत्सव 20 सितंबर तक चलेगा, जिसमें 121 प्रकाशकों के लगभग 250 स्टालों पर विभिन्न भाषाओं की हजारों पुस्तकें पाठकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।

Gomti Book Festival 2026

इस महोत्सव में देश भर के 121 प्रमुख प्रकाशकों द्वारा लगभग 250 स्टॉल लगाए गए हैं।

  • Published: 12 Sep 2026, 05:03 PM IST
  • Last Updated: 12 Sep 2026, 05:03 PM IST

उत्तर प्रदेश में पुस्तक संस्कृति, शिक्षा और ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देने के राज्य सरकार के प्रयासों के तहत लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में 'गोमती पुस्तक महोत्सव-2026' का भव्य आगाज हुआ। 12 से 20 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस 9 दिवसीय पुस्तक मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।

नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत द्वारा आयोजित इस महोत्सव में पुस्तक प्रदर्शनी के साथ-साथ साहित्यिक परिचर्चा, सांस्कृतिक संध्या, बाल गतिविधियां, कार्यशालाएं और आधुनिक डिजिटल तकनीक से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

250 स्टालों पर 121 प्रकाशकों का जमावड़ा
इस महोत्सव में देश भर के 121 प्रमुख प्रकाशकों द्वारा लगभग 250 स्टॉल लगाए गए हैं। यहाँ हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी सहित कई अन्य भारतीय भाषाओं में साहित्य, इतिहास, संस्कृति, जीवनी, कला, शिक्षा, अध्यात्म और समसामयिक विषयों पर आधारित पुस्तकों का विशाल संग्रह उपलब्ध कराया गया है।

एनबीटी के कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि एनबीटी 70 भाषाओं में लगभग 10,000 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित करता है। इसके अलावा राजकमल प्रकाशन, दिव्यंश प्रकाशन और हिंद युग्म जैसे प्रमुख प्रकाशन संस्थानों ने भी अपने स्टॉल लगाए हैं।

अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर नारी अस्मिता पर बौद्धिक संवाद
महोत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियों के साथ परिचर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, प्रख्यात लोक गायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शांतनु गुप्ता और पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह सहित कई वरिष्ठ साहित्यकार और विचारक भाग लेंगे। इन सत्रों में नारी अस्मिता से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान जैसे आधुनिक विषयों पर विचार-विमर्श होगा।

बच्चों के लिए विशेष बाल मंडप और नेशनल ई-लाइब्रेरी की सुविधा
राष्ट्रीय बाल साहित्य केंद्र द्वारा युवाओं और बच्चों के लिए 9 दिनों तक चलने वाला विशेष 'बाल मंडप' तैयार किया गया है। इसमें कठपुतली शो, कहानी वाचन, वैदिक गणित, माइंडफुलनेस कार्यशाला, क्ले आर्ट, सुलेख, कार्टून स्टूडियो, कविता पाठ और मंडला आर्ट जैसी रचनात्मक गतिविधियां होंगी।

बच्चों की ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ सीधी बातचीत भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही 'नेशनल ई-लाइब्रेरी' के स्टॉल पर पाठकों और शिक्षकों को 22 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध 7,000 से अधिक ई-पुस्तकों के डिजिटल संग्रह से परिचित कराया जाएगा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ
महोत्सव की हर शाम उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के नाम होगी। इसमें पारस बैंड की प्रस्तुति, बीरजू महाराज कथक संस्थान द्वारा 'रघुवंशम' नृत्य-नाटिका, उपशास्त्रीय संगीत, मुशायरा, लोक नृत्य और भारतेंदु नाट्य अकादमी द्वारा नाट्य प्रदर्शन किया जाएगा।

बेगम अख्तर को समर्पित 'दास्तानगोई' का विशेष सत्र मुख्य आकर्षण रहेगा। एनबीटी अध्यक्ष मिलिंद मराठे ने बताया कि राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है। एनबीटी निदेशक युवराज मलिक ने स्पष्ट किया कि महोत्सव में आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह से नि:शुल्क रखा गया है।