Gold ETF Demand: गोल्ड ईटीएफ में निवेश 136% बढ़ा, ज्वेलरी की मांग क्यों घटी? - Haribhoomi

Published on 2 अग॰ 2026

जून 2026 तिमाही में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 136% बढ़कर 6300 करोड़ पहुंच गया। सोने की ऊंची कीमतों के बीच निवेशकों ने ज्वेलरी की बजाय ईटीएफ को चुना, जबकि कुल गोल्ड डिमांड और ज्वेलरी की मांग में गिरावट दर्ज हुई।

gold etf in india

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  • Published: 02 Aug 2026, 09:23 PM IST
  • Last Updated: 02 Aug 2026, 09:23 PM IST

सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब होने के बावजूद निवेशकों का भरोसा गोल्ड पर लगातार मजबूत बना हुआ। हालांकि महंगे दामों की वजह से लोगों ने ज्वेलरी की खरीदारी कम की, लेकिन निवेश के लिए गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) की ओर रुझान तेजी से बढ़ा।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में गोल्ड ईटीएफ में निवेश मूल्य के हिसाब से दोगुने से भी अधिक बढ़कर 6300 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

गोल्ड ईटीएफ में 49 फीसदी अधिक निवेश
रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 तिमाही में गोल्ड ईटीएफ में 4.2 टन का शुद्ध निवेश हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2.8 टन था। यानी निवेश की मात्रा में 49% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं मूल्य के लिहाज से निवेश 2670 करोड़ रुपये से बढ़कर 6300 करोड़ रुपये हो गया, जो 136% की शानदार वृद्धि है। डॉलर में देखें तो निवेश 0.3 अरब डॉलर से बढ़कर 0.6 अरब डॉलर हो गया, यानी इसमें 104% का इजाफा हुआ।

ज्वेलरी की जगह ईटीएफ में बढ़ा निवेश
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की ऊंची कीमतों के कारण जहां ज्वेलरी खरीदना महंगा हो गया, वहीं निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ को बेहतर विकल्प माना। गोल्ड ETF में निवेश करने पर मेकिंग चार्ज, शुद्धता (Purity) और स्टोरेज जैसी परेशानियां नहीं होतीं। यही वजह है कि अनिश्चित बाजार और वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों ने फिजिकल गोल्ड की बजाय फाइनेंशियल गोल्ड को प्राथमिकता दी।

भारत की गोल्ड डिमांड घटी
दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान भारत की कुल गोल्ड डिमांड 6% घटकर 131.4 टन रह गई। ज्वेलरी की मांग में 15% की गिरावट आई और यह 75.1 टन पर पहुंच गई। इसके विपरीत, निवेश के उद्देश्य से खरीदे जाने वाले गोल्ड बार और सिक्कों की मांग 9% बढ़कर 50.3 टन हो गई। इससे साफ है कि महंगे दामों के बावजूद निवेशकों का सोने पर भरोसा कायम है।

जून तिमाही में गोल्ड ETF की प्रमुख बातें

  • गोल्ड ETF में शुद्ध निवेश: 4.2 टन
  • पिछले साल: 2.8 टन
  • मात्रा में बढ़ोतरी: 49%
  • निवेश मूल्य: 6300 करोड़
  • पिछले साल: 2670 करोड़
  • मूल्य में बढ़ोतरी: 136%
  • डॉलर में निवेश: 0.3 अरब डॉलर से बढ़कर 0.6 अरब डॉलर

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की वरिष्ठ बाजार विश्लेषक लुईस स्ट्रीट के अनुसार, दूसरी तिमाही में कीमतों में कुछ नरमी आने के बावजूद गोल्ड की सुरक्षित निवेश और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन की भूमिका मजबूत बनी रही। वहीं वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल इंडिया के रीजनल सीईओ सचिन जैन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईटीएफ से निकासी के बावजूद भारत में गोल्ड ETF में 4.2 टन का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई की चिंता, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म की आसान पहुंच ने गोल्ड ETF में निवेश को बढ़ावा दिया है। आने वाले त्योहारी और शादी के सीजन में फिजिकल गोल्ड की मांग बढ़ सकती है, लेकिन यदि मौजूदा रुझान जारी रहा तो आने वाले महीनों में भारत के निवेश बाजार में गोल्ड ईटीएफ की हिस्सेदारी और बढ़ सकती है।

(प्रियंका कुमारी)