Aug 29, 2026 11:35 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर विवाद पर अब ब्रैंड फाउंडर की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों विवाद के बाद उस विज्ञापन को हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि स्टाफ की सुरक्षा के लिए ऐसा कदम उठाया गया।

कृित सेनन के विज्ञापन पर ब्रैंड फाउंडर की प्रतिक्रिया
कृति सेनन हाल ही में अपने एक विज्ञापन की वजह से विवादों में आ गई थीं। दरअसल, रक्षाबंधन पर बने इस ऐड में कृति सेनन द्वारा पहने गए कपड़ों पर बवाल हो गया था। कंगना रनौत ने भी कृति सेनन की आलोचना की थी। विज्ञापन पर मचे बवाल के बाद ब्रैंड ने वो विज्ञापन हटा भी दिया था। अब ब्रैंड फाउंडर ने विज्ञापन हटाने का सही कारण बताया है।
रक्षाबंधन विज्ञापन के विवाद पर क्या बोले जीवा के फाउंडर
जीवा के फाउंडर इशेंद्र अग्रवाल ने अपने इंस्टाग्राम पर बताया कि उन्होंने क्यों वो विज्ञापन हटाया। उन्होंने कहा, "कृति के साथ हमारे रक्षाबंधन कैंपेन के इर्द-गिर्द हो रही बातचीत पर लगातार मेरी नजर है, और खासकर इस धारणा पर कि हम अपने कैंपेन या उसके संदेश के साथ खड़े नहीं रहे। मैं साफ करना चाहता हूं, कैंपेन में हमारा भरोसा बिल्कुल नहीं बदला है। इस कैंपेन के पीछे की सोच और भावना को लेकर हम पूरी तरह से कृति के साथ हैं।"
जीवा फाउंडर ने बताया क्यों हटाया गया विज्ञापन?
फाउंडर ने आगे बताया कि विज्ञापन को ग्राउंड स्टाफ की सेफ्टी को देखते हुए वापस लिया गया। उन्होंने लिखा- हमारे कुछ स्टोर के आस-पास हालात बिगड़ने और हमारी ऑन-ग्राउंड टीमों के लिए असुरक्षित माहौल बनने की वजह से, वीडियो को हटाने का फैसला लिया गया था। उस पल में, हमारी पहली जिम्मेदारी स्टाफ की फिजिकल सेफ्टी को देखना था। मैं कभी नहीं चाहूंगा कि उन्हें कोई नुकसान पहुंचे।
विज्ञापन हटने से पहले क्या बोली थीं कृति सेनन
बता दें, विवादित विज्ञापन हटाए जाने से पहले कृति सेनन ने उनके कपड़ों को लेकर मचे बवाल को लेकर बात की थी। उन्होंने लिखा था, “त्योहारों का असली मकसद आपके पहने हुए कपड़ों में नहीं, बल्कि परंपराओं के प्रति आपकी भावनाओं और उनके अर्थ में होता है।”
कंगना रनौत ने पहनावे पर उठाया था सवाल
कृति के जिस ऐड पर बवाल हुआ था उसमें कृति सेनन ब्रालेट स्टाइल टॉप, केप और स्कर्ट पहने नजर आ रही थीं। कंगना रनौत ने कृति के ब्रालेट स्टाइल टॉप पर ही सवाल उठाया था। उनका कहना था कि भाई-बहन के त्योहार राखी के विज्ञापन में इस तरह का पहनावा दिखाने की जरूरत क्या थी?