Bilaspur GGU Exam Cancelled: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) ने 27 जुलाई को होने वाली BA-LLB के छठे सेमेस्टर की परीक्षा का नोटिफिकेशन कैंसिल कर दिया है। छात्रों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
परीक्षा का नोटिफिकेशन भी कैंसिल
बिलासपुर में यूनिवर्सिटी का पोर्टल हैक होने और पेपर लीक घटना ने विवि की छवि को खराब किया था। इसके बाद विवि ने मई में हुई परीक्षा को रद्द करते हुए री-एग्जाम का शेड्यूल जारी किया गया था। जिसका छात्रों ने जमकर विरोध किया। इस सब के बाद अब इस परीक्षा का नोटिफिकेशन भी रद्द कर दिया है।
छात्रों ने विरोध के दौरान जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और री-एग्जाम के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/07/24/bilaspur-ggu-exam-cancelled-2026-07-24-17-26-01.jpg)
दोबारा परीक्षा को समय नहीं, इसलिए विरोध
छात्रों का कहना था कि दोबारा परीक्षा के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया है, जिससे तैयारी करना संभव नहीं होगा। दोपहर से ही छात्र-छात्राएं दोबारा परीक्षा का विरोध कर रहे थे। मामले में छात्रों ने विभागाध्यक्ष (HOD) के सामने अपनी मांग रखी थी।
कोई समाधान नहीं निकलता देख छात्रों का आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र प्रशासनिक भवन पहुंच गए और विवि प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध जताया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने विवि प्रबंधन को चेतावनी दी कि री-एग्जाम का नोटिफिकेशन वापस नहीं लिया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। छात्रों के बढ़ते विरोध और हंगामे को देखते हुए विवि प्रशासन ने री-एग्जाम की अधिसूचना निरस्त करने की घोषणा कर दी।
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/07/24/bilaspur-ggu-exam-cancelled-2026-07-24-17-26-18.jpg)
रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
BA-LLB के छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा दोबारा कराने पर आपत्ति जताई थी। छात्रों का कहना था कि जिस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है, उसे पारदर्शिता के लिए सार्वजनिक किया जाए। साथ ही री-एग्जाम संबंधी अधिसूचना वापस लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई।
डेढ़ महीने तक दबी रही जांच रिपोर्ट
पेपर लीक मामले की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 6 जून को अपनी रिपोर्ट विवि प्रशासन को सौंप दी थी। बावजूद इसके करीब डेढ़ महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल को एक्सटेंशन मिलने के बाद मंगलवार (21 जुलाई) को अचानक परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी किया गया। इसे लेकर भी छात्र सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई?
कमेटी की जांच में खुलासा, लॉगिन ID से लीक हुआ पेपर
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच में सामने आया कि समर्थ पोर्टल हैक नहीं हुआ था, बल्कि लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए पेपर और अन्य डेटा लीक किया गया। कमेटी ने मामले की पुलिस जांच कराने की भी अनुशंसा की है।
विवि ने विभागीय जांच कमेटी बनाई
इसके बाद विवि ने विभागीय जांच समिति बनाई है, जिसमें प्रो. एससी श्रीवास्तव, प्रॉक्टर प्रो. मुकेश कुमार सिंह, प्रो. खेमचंद देवांगन, ओएसडी प्रो. भारती अहिरवार और असिस्टेंट रजिस्ट्रार (परीक्षा) टी.पी. सिंह शामिल हैं।
ये खबर भी पढ़ें:CG Board Admission Guidelines: 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के एडमिशन-परीक्षा फॉर्म की गाइडलाइन, 31 अगस्त तक नामांकन, जानें पूरी डिटेल
हटाए जा चुके लॉ विभाग के डीन और एचओडी
पेपर लीक मामले में सवाल उठने के बाद विवि प्रशासन ने पहले ही लॉ विभाग के तत्कालीन एचओडी एवं डीन प्रो. सुधांशु रंजन मोहापात्रा को पद से हटा दिया है। उनकी जगह इतिहास विभाग के प्रो. प्रवीण मिश्रा को लॉ विभाग का नया एचओडी और डीन बनाया गया है। छात्रों ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति और विवि के कुलाधिपति तक भी पहुंचाई थी।
यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिन बारिश का दौर रहेगा जारी: कई जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी, मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की दी सलाह