Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश चतुर्थी 2026 पर पढ़ें ‘जय गणेश देवा’ की पूरी आरती। यहां देखें गणेश जी की आरती के Lyrics और जानें इसका धार्मिक महत्व।
Ganesh Ji Ki Aarti: ‘जय गणेश देवा’ गणेश चतुर्थी पर जरूर पढ़ें बप्पा की आरती, यहां देखें पूरी Lyrics।
- Published: 13 Sep 2026, 04:10 PM IST
- Last Updated: 13 Sep 2026, 03:28 PM IST
Ganesh Ji Ki Aarti: Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर घर-घर गणपति बप्पा का स्वागत किया जाता है। भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद आरती कर बप्पा से सुख-समृद्धि, बुद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मांगते हैं। अगर आप भी इस गणेश चतुर्थी पर बप्पा की पूजा करने जा रहे हैं, तो आरती के समय ‘जय गणेश देवा’ का पाठ जरूर करें। यहां पढ़ें गणेश जी की आरती के पूरे Lyrics और जानें पूजा के दौरान इसका महत्व।
यहां देखें गणेश जी की आरती के पूरे Lyrics
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी
एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी
एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी
एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा
लड़डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा
लड़डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया
सुर शाम शरण आये सफल कीजे सेवा
सुर शाम शरण आये सफल कीजे सेवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
बिनन की लाज राखो शंभू सूत वारी
बिनन की लाज राखो शंभू सूत वारी
कामना को पूरा करो जग बली हारी
कामना को पूरा करो जग बली हारी
बिनन की लाज राखो शंभू सूत वारी
बिनन की लाज राखो शंभू सूत वारी
कामना को पूरा करो जग बली हारी
कामना को पूरा करो जग बली हारी
बिनन की लाज राखो शंभू सूत वारी
कामना को पूरा करो जग बली हारी
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
गणेश जी की आरती का क्या है महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश की आरती करने से मन को शांति मिलती है और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। भक्त आरती के दौरान भगवान गणेश से सुख-समृद्धि, बुद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। गणेश चतुर्थी के मौके पर जब बप्पा की पूजा की जाती है, तो आरती के दौरान परिवार के सभी सदस्य एक साथ शामिल होते हैं। इससे घर में भक्तिमय माहौल बनता है और त्योहार की खुशी भी बढ़ जाती है।