अंबाला बिल्डिंग हादसे की FIR सामने आई, 4 पर केस: जग्गी बिल्डर का भी नाम; मंत्री विज के आदेश पर SIT गठित, 6 मौतें हुईं - Ambala News

Published on 29 सित॰ 2026

बिल्डिंग हादसे में मृतक लाल बहादुर शास्त्री के परिजन अस्पताल में मंगलवार सुबह तक धरने पर बैठे रहे। इनसेट में लाल बहादुर का फाइल फोटो।

अंबाला के धूलकोट गांव में अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग गिरने के मामले में बलदेव नगर थाने में FIR दर्ज हुई है। इसमें जग्गी बिल्डर, प्रॉपर्टी ऑनर समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया गया है। बिल्डिंग गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई थी।

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इस बिल्डिंग के निर्माण का ठेका लैंड ऑनर प्रीतम कौर ने तीन महीने पहले ठेकेदार मलकीत को दिया था। कंस्ट्रक्शन के लिए 200 रुपए प्रति वर्गगज के हिसाब से रेट तय हुआ था।

इधर, हादसे में जान गंवाने वाले लाल बहादुर शास्त्री (49) के परिजन मंगलवार सुबह तक सिविल अस्पताल में धरने पर बैठे रहे। मामले में SIT का गठन होने और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।

27 सितंबर को हुए हादसे के बाद आज लाल बहादुर और कालिया राम की डेडबॉडी का पोस्टमॉर्टम होगा। अन्य चार मृतकों के शवों का पोस्टमॉर्टम पहले ही हो चुका है।

27 सितंबर को हादसे में बिल्डिंग के पीछे की तरफ का पूरा हिस्सा भरभराकर गिर गया था।

27 सितंबर को हादसे में बिल्डिंग के पीछे की तरफ का पूरा हिस्सा भरभराकर गिर गया था।

परिजन बोले- 2 दिन रखी रही डेडबॉडी

मृतक लाल बहादुर शास्त्री के परिजन सोमवार दोपहर से मंगलवार सुबह तक सिविल अस्पताल में धरने दिया। उनका कहना है कि लाल बहादुर की मौत को तीन दिन होने वाले हैं। शव की स्थिति खराब हो रही थी। अब मामले की जांच एसाआईटी करेगी। इसके बाद उन्होंने धरना खत्म करने का फैसला लिया।

वहीं, पुलिस ने FIR में जगी बिल्डर, श्रीपाल राणा, प्रॉपर्टी मालिक और अन्य को आरोपी बनाया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 289 और 290 के तहत केस दर्ज किया गया है।

कौन है हरदीप जग्गी, जिन पर आरोप लगे

मृतकों के परिजन जिस जग्गी प्रॉपर्टीज पर आरोप लगा रहे हैं, उसका मालिक हरदीप सिंह जग्गी है। उनका अंबाला कैंट में जीटी रोड पर जग्गी सिटी सेंटर है। हाल ही में एक मार्केट लॉन्च की थी। हाल ही में जग्गी की कंपनी की ओर से एक व्यक्ति और उसकी पत्नी के खिलाफ ब्लैकमेलिंग के आरोप में FIR भी दर्ज कराई गई थी।

सोमवार को घायलों का हाल जानने सिविल अस्पताल पहुंचे मंत्री अनिल विज ने SIT जांच के निर्देश दिए थे।

सोमवार को घायलों का हाल जानने सिविल अस्पताल पहुंचे मंत्री अनिल विज ने SIT जांच के निर्देश दिए थे।

SIT करेगी हादसे की जांच

सोमवार को सिविल अस्पताल में मृतक के परिजनों के धरने के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने मौके से ही हरियाणा के DGP अजय सिंघल को फोन कर धूलकोट बिल्डिंग हादसे की SIT जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अंबाला रेंज के IGP पंकज नैन ने मामले की जांच के लिए 4 सदस्यीय SIT गठित कर दी।

SIT में ASP अंबाला शिवम को इंचार्ज बनाया गया है। टीम में DSP यमुनानगर रजत गुलिया, इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह और EOW प्रभारी P/SI मनजीत सिंह को भी शामिल किया गया है।

प्रीतम कौर ने ठेकेदार को दिया था काम

राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2019 में यह जमीन पंचकूला निवासी अजय ने गांव गोली निवासी प्रीतम कौर को बेची थी। जमीन 25 फीट चौड़ी और 123.6 फीट लंबी थी। इसके बाद 13 जून 2026 को प्रीतम कौर ने बिल्डिंग निर्माण का ठेका ठेकेदार मलकीत सिंह को दिया। ठेका 200 रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से तय हुआ था। ठेकेदार को एडवांस राशि भी दी जा चुकी थी।

‘4 इंच की दीवारों पर खड़ी थी बिल्डिंग’

पुलिस को दी शिकायत में घायल मजदूर बलिंदर ने आरोप लगाया कि बिल्डर जग्गी और श्रीपाल राणा ने मजदूरों को सुरक्षा उपकरण नहीं दिए थे। बिल्डिंग में काम जल्दी पूरा कराने के लिए दीवारें सिर्फ 4 इंच की बनाई जा रही थीं।

मजदूरों का आरोप है कि दूसरी मंजिल का लेंटर डाले हुए करीब एक सप्ताह ही हुआ था। इसके तुरंत बाद तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने का काम शुरू कर दिया गया।

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अंबाला में बिल्डिंग गिरने से 6 लोगों की मौत के बाद मामला गरमा गया है। चार मृतकों के परिजन सोमवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव लेकर चले गए। एक परिवार मंगलवार को डेडबॉडी लेकर जाएगी। वहीं एक मृतक का परिवार बिल्डिंग बनवा रहे श्रीपाल राणा और हरदीप सिंह जग्गी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा हुआ है। उनका कहना है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद ही वे शव उठाएंगे। (पूरी खबर पढ़ें)