वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र के टिकरी की रहने वाली शीला शनिवार को सुंदरपुर से सब्जी लेकर अपने गांव लौट रही थीं। इसी दौरान सुंदरपुर-नदिया मार्ग पर नगर निगम की कूड़ा गाड़ी और टोटो की टक्कर हो गई।
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हादसा इतना गंभीर था कि टोटो में सवार शीला का बायां पैर टोटो और डिवाइडर के बीच फंस गया। दुर्घटना में उनका पैर कट गया। मौके पर मौजूद लोगों ने काफी मशक्कत के बाद महिला को बाहर निकाला और आनन-फानन में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।
हादसे में शामिल नगर निगम की कूड़ा गाड़ी का नंबर UP 65 KT 1072 बताया गया है। घटना के बाद शीला के परिवार के लोग लंका थाने पहुंचे और जिम्मेदार चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में नगर निगम की कूड़ा गाड़ी के चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

महिला का इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा।
डॉक्टरों ने जांच और एक्स-रे के बाद बताया- पैर नहीं जुड़ सकता
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में शीला की जांच की गई और एक्स-रे कराया गया। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि पैर में गंभीर चोट है और उसे दोबारा जोड़ा नहीं जा सकता। हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया।
फिलहाल शीला का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद परिवार के लोग अस्पताल में मौजूद हैं और उनकी हालत को लेकर चिंतित हैं। परिजनों के सामने सबसे बड़ी चिंता अब शीला के इलाज के साथ-साथ भविष्य की भी है।

टोटो में बैठी महिला ने कहा - कूड़ा गाड़ी ने टोटो को दबा दिया।
सब्जी बेचकर घर लौट रही थीं शीला
परिजनों के मुताबिक, शीला रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सुंदरपुर गई थीं। वह वहां से सब्जी बेचकर अपने गांव टिकरी, चितईपुर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया। शीला के पिता कर्मन बिंद मंगला वाटिका में मजदूरी करते हैं। परिजनों के अनुसार परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। परिवार में तीन भाई और चार बहनें हैं। परिवार में एक लड़की और एक लड़के की शादी भी होनी है।
ऐसे में शीला के घायल होने के बाद परिवार के सामने इलाज के खर्च के साथ घर की दूसरी जिम्मेदारियां भी खड़ी हो गई हैं। परिजनों का कहना है कि परिवार की आमदनी सीमित है और इतने बड़े इलाज का खर्च उठाना उनके लिए आसान नहीं है।

महिला का पैर डिवाइडर और टोटो के बीच दबा।
बेटे ने कहा- दोषियों को सजा मिले, परिवार को मुआवजा मिले
शीला के छोटे बेटे विकास ने कहा कि उसकी मां का पैर हादसे में कट गया है। डॉक्टरों ने बताया है कि पैर दोबारा नहीं जुड़ सकता। विकास ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और परिवार को मुआवजा दिया जाए, ताकि उसकी मां का इलाज कराया जा सके।
विकास का कहना है कि हादसे के बाद परिवार की स्थिति बेहद मुश्किल हो गई है। मां के इलाज के लिए लगातार अस्पताल में रहना पड़ रहा है और दूसरी तरफ घर की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
घटना के बाद परिवार की शिकायत पर पुलिस ने नगर निगम की कूड़ा गाड़ी के चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। दुर्घटना में शामिल कूड़ा गाड़ी का नंबर UP 65 KT 1072 बताया गया है। पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।