श्रीराम अस्पताल में एक्स-रे लैब टेक्नीशियन और डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा के बीच मारपीट का वीडियो वायरल।
अयोध्या के राजकीय श्रीराम अस्पताल में एक्स-रे टेक्नीशियन से कथित मारपीट के मामले में पैथोलॉजिस्ट विभाग में तैनात डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा के खिलाफ श्रीराम जन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत अस्पताल के एक्स-रे टेक्नीशियन अनिमेश सिंह ने द
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अनिमेश सिंह, जो वर्ष 2020 से अस्पताल में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं, आरोप लगाया कि डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा पैथोलॉजी विभाग में तैनात होने के बावजूद ओपीडी में मरीज देखते हैं और बाहर की एक्स-रे, जांच और दवाएं लिखते हैं। क्योंकि निजी लैब से उन्हें प्रत्येक जांच और एक्स–रे पर उन्हें कमीशन दिया मिलता है। उनका कहना है कि अस्पताल में एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध होने के कारण वह मरीजों का यहीं एक्स-रे कराते थे, जिससे डॉक्टर नाराज रहते थे।

इंद्रभानु विश्वकर्मा पर आरोप लिखते है, बाहर की जांच और दवाएं।
'मेरे लिखे पर्चे पर एक्स-रे मत करना'
पीड़ित के अनुसार, डॉ. विश्वकर्मा उन्हें कई बार यह कहते थे कि उनके लिखे पर्चे पर किसी भी मरीज का अस्पताल के भीतर एक्स-रे न किया जाए। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ा और कथित मारपीट की घटना हुई।

श्री राम परिसर में डॉ विश्वकर्मा लात से मारते हुए सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दे रहे है।
मारपीट का वीडियो वायरल
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग अनिमेश सिंह के साथ हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित का दावा है कि डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा ने पहले हाथ पकड़कर मरोड़ा इसके बाद अपने साथ पांच साथियों के साथ पिटाई किया है।

श्री राम अस्पताल में 11 नंबर कमरे में ओपीडी देखते डॉ चंद्रभान विश्वकर्मा।
पहले भी लग चुके हैं आरोप
डॉ. इंद्रभान विश्वकर्मा पर पहले भी मरीजों और पत्रकारों से अभद्रता, बाहर की दवाएं लिखने तथा अस्पताल में बाहरी लोगों के हस्तक्षेप जैसे आरोप लग चुके हैं। हालांकि, इन आरोपों में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
श्रीराम अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजय मोहन भास्कर ने बताया कि मामले की विभागीय जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में डॉ. राज किशोर, डॉ. नुरूलहक सिद्दीकी और डॉ. गौरव श्रीवास्तव शामिल हैं। समिति एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
श्री राम जन्मभूमि थानाध्यक्ष सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्ष की तरफ से एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है, किसने सबसे पहले मारपीट किया है, वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएंगी।