Fertility Tips for Men: स्पर्म काउंट और क्वालिटी, दोनों में क्या ज्यादा जरूरी? एक्सपर्ट से जानें

Published on 24 जुल॰ 2026

Fertility Tips for Men: स्पर्म काउंट और क्वालिटी, दोनों में क्या ज्यादा जरूरी? एक्सपर्ट से जानें

स्पर्म क्वालिटी से जुड़ी जरूरी बातेंImage Credit source: Getty Images

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कहता है कि अगर कोई कपल 12 महीने से ट्राई कर रहा है और प्रेगनेंसी नहीं हो रही है तो ये इनफर्टिलिटी मानी जाती है. महिलाएं ही नहीं पुरुष भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि पुरुषों में स्पर्म कम या इसकी मोटिलिटी कम होने पर ऐसा हो सकता है. स्पर्म की बिगड़ी हेल्थ के पीछे कई वजह हो सकती हैं. इसमें हार्मोनल गड़बड़ी, इंफेक्शन, स्मोकिंग, ज्यादा शराब पीना, मोटापा और अनकंट्रोल डायबिटीज का होना शामिल है.

लाइफस्टाइल में सुधार, दवाएं और हार्मोनल ट्रीटमेंट के जरिए इसे ठीक किया जा सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्पर्म काउंट और क्वालिटी में क्या ज्यादा जरूरी है. चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं…

स्पर्म काउंट या स्पर्म क्वालिटी… क्या ज्यादा जरूरी

डॉ. दिव्या गोस्वामी, कंसलटेंट गायनेकोलॉजिस्ट कहती हैं कि जब भी मेल फर्टिलिटी की बात होती है, तो ज्यादातर लोग सिर्फ स्पर्म काउंट पर ध्यान देते हैं. लेकिन सच ये है कि सिर्फ स्पर्म काउंट ही सब कुछ नहीं होता. जितना जरूरी स्पर्म की संख्या है, उतनी ही जरूरी उसकी क्वालिटी भी होती है.

स्पर्म काउंट हमें ये बताता है कि सीमेन में स्पर्म कितने हैं. वहीं स्पर्म क्वालिटी से पता चलता है कि ये स्पर्म अपना काम सही तरीके से कर पाएंगे या नहीं. इसमें हम देखते हैं कि स्पर्म कितनी अच्छी तरह मूव कर रहे हैं, जिसे मोटिलिटी कहते हैं, उनका शेप सामान्य है या नहीं, जिसे मॉर्फोलॉजी कहते हैं, और उनके अंदर मौजूद जेनेटिक मटेरियल हेल्दी है या नहीं.

इसे ऐसे समझिए, अगर स्पर्म की संख्या अच्छी है लेकिन ज्यादातर स्पर्म ठीक से मूव ही नहीं कर पा रहे या उनका शेप सही नहीं है, तो उनके लिए अंडे तक पहुंचकर उसे फर्टिलाइज करना मुश्किल हो जाता है. वहीं अगर स्पर्म काउंट थोड़ा कम भी है, लेकिन जो स्पर्म मौजूद हैं उनकी क्वालिटी अच्छी है और वो एक्टिव हैं, तो प्रेग्नेंसी फिर भी हो सकती है.

इसलिए हम सिर्फ स्पर्म काउंट देखकर किसी की फर्टिलिटी का अंदाजा नहीं लगाते. सीमेन एनालिसिस में कई चीजों को साथ में देखकर पूरी तस्वीर समझी जाती है.

ओवरऑल स्पर्म हेल्थ

एक और बात, IVF जैसे ट्रीटमेंट में स्पर्म की अच्छी क्वालिटी और भी ज्यादा मायने रखती है. क्योंकि जितने हेल्दी स्पर्म होंगे, फर्टिलाइजेशन और अच्छे एम्ब्रियो बनने की संभावना भी उतनी ही बेहतर होगी. इसलिए अगर आप पूछें कि स्पर्म काउंट ज्यादा जरूरी है या स्पर्म क्वालिटी, तो सबसे ज्यादा जरूरी है ओवरऑल स्पर्म हेल्थ. क्योंकि आखिर में हेल्दी प्रेग्नेंसी की संभावना इसी से सबसे ज्यादा बढ़ती है.

मनीष रायसवाल

मनीष रायसवाल

मनीष रायसवाल वर्तमान में टीवी9 डिजिटल में लाइफस्टाइल बीट पर बतौर टीम लीड काम कर रहे हैं. मनीष के करियर की शुरुआत साल 2015 से इंडिया न्यूज के डिजिटल प्लेटफार्म Inkhabar के साथ बतौर सब एडिटर हुई थी. अलग-अलग पड़ावों को पार करते हुए इन्होंने इंडिया न्यूज, अमर उजाला और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है. 2009 से 2012 के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया से बीए ऑनर्स मास मीडिया में ग्रेजुएशन और 2012-13 के बीच देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (दिल्ली) से डिप्लोमा करने के बाद मनीष पत्रकारिता से जुड़े हैं. मनीष लाइफस्टाइल के अलावा, हेल्थ, सोशल, वुमेन और बाल विकास और ट्रैवलिंग जैसे विषयों पर लिखना पसंद करते हैं. लाइफस्टाइल से जुड़े ज्यादातर टॉपिक्स पर इन्हें नई चीजें सीखने का शौक है.

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