
ED ने ओजोन उर्बाना के CMD को किया अरेस्टImage Credit source: Getty Images/ozonegroup
बेंगलुरु में घर का सपना दिखाकर होम बायर्स से करोड़ों रुपये लेने और समय पर फ्लैट का कब्जा नहीं देने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने ओजोन उर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के CMD और प्रमोटर एस. वासुदेवन को 30 सितंबर को गिरफ्तार किया. उन्हें 1 अक्टूबर को बेंगलुरु की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने पूछताछ के लिए 14 दिन की ED कस्टडी मंजूर की है.
ईडी के मुताबिक, कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ बेंगलुरु के अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश से जुड़ी धाराओं में कई FIR दर्ज हैं. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली की CBI की आर्थिक अपराध शाखा ने भी कंपनी और उसके प्रमोटर के खिलाफ FIR दर्ज की थी.
फ्लैट बुक कराने के लिए दिए थे आकर्षक ऑफर
जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने होम बायर्स को फ्लैट बुक कराने के लिए आकर्षक ऑफर दिए थे. इनमें फ्लैट का कब्जा मिलने तक प्री-कंस्ट्रक्शन EMI खुद चुकाने का वादा भी शामिल था. लोगों ने भरोसा करके फ्लैट बुक किए और बड़ी रकम जमा की, लेकिन कंपनी तय समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर पाई.
खरीदारों को नहीं दिया गया फ्लैट का कब्जा
ईडी का आरोप है कि न तो खरीदारों को फ्लैट का कब्जा दिया गया और न ही उनकी जमा रकम वापस की गई. जांच में सामने आया कि कंपनी और उसके प्रमोटर ने होम बायर्स से करीब 927.22 करोड़ रुपये की रकम ली और इस पैसे को कथित तौर पर गलत तरीके से अपने पास रखा और अलग-अलग जगहों पर डायवर्ट किया.
2025 में 423 करोड़ की संपत्ति को किया था अटैच
इस मामले में ED पहले भी कार्रवाई कर चुकी है. 1 अगस्त 2025 को बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने PMLA के तहत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान जांच से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए गए थे. इसके बाद ED ने 4 अक्टूबर 2025 को करीब 423.378 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था.
ओजोन ग्रुप की दूसरी कंपनियों की भी जांच
ईडी ने इस मामले में ओजोन समूह की दूसरी कंपनियों को लेकर भी जांच शुरू की है. CBI की ओर से ओजोन इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, ओजोन रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और ओजोन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ तीन अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं. एस. वासुदेवन इन तीनों कंपनियों में कॉमन डायरेक्टर हैं.
अब ED यह पता लगाने में जुटी है कि होम बायर्स से हासिल रकम से कथित तौर पर अपराध से अर्जित आय कैसे बनाई गई, उसे किन कंपनियों या लोगों के जरिए डायवर्ट और अलग-अलग स्तरों पर घुमाया गया और बाद में उसका इस्तेमाल कहां किया गया. इस मामले में आगे की जांच जारी है.
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जितेन्द्र कुमार शर्मा
साल 2002 से क्राइम और इन्वेस्टिगेशन रिपोर्टिंग का अनुभव। नवभारत टाइम्स, अमर उजाला, शाह टाइम्स के अलावा टीवी मीडिया में BAG Films के नामी शो सनसनी और रेड अलर्ट में काम किया। उसके बाद न्यूज 24, इंडिया टीवी में सेवाए दी और टीवी 9 भारतवर्ष के साथ सफर जारी है।
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