e-KYC नहीं करवाई तो LPG सिलेंडर मिलेगा महंगा: राजस्थान में 38 लाख उपभोक्ता बाकी, जानिए- घर बैठे कुछ मिनट में कैसे करें ई-केवाईसी - Rajasthan News

Published on 13 अग॰ 2026

राजस्थान के 38 लाख उपभोक्ताओं को LPG सिलेंडर के महंगे दाम चुकाने पड़ सकते हैं। वो इसलिए क्योंकि इतने उपभोक्ताओं ने अभी तक e-KYC नहीं करवाई है। गैस उपभोक्ताओं के लिए e-KYC करवाने के कुछ ही दिन शेष हैं। आखिरी तारीख 16 अगस्त है।

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राहत की बात ये है कि इस काम के लिए आपको गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। घर बैठे मोबाइल एप से कुछ मिनटों में ही सारा काम कर सकते हैं।

e-KYC की पूरी प्रक्रिया क्या है, इसके लिए कौन-कौनसे एप की जरूरत होगी और किन बातों का ध्यान रखना है? इस स्टोरी में जानते हैं ऐसे ही सवालों के जवाब…

सवाल : LPG उपभोक्ताओं के लिए e-KYC क्या है?

जवाब : e-KYC ऑनलाइन तरीके से LPG कस्टमर की पहचान सत्यापित करने का एक तरीका है। इसके तहत कस्टमर को अपने आधार का ऑनलाइन सत्यापन करना है, जिससे साबित हो सके कि आप ही असली उपभोक्ता हैं। केंद्र सरकार के PMUY पोर्टल पर LPG उपभोक्ताओं के लिए सेल्फ (फेस-बेस्ड) बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (e-KYC) की सुविधा दी है।

सभी LPG उपभोक्ताओं के लिए e-KYC कराना अनिवार्य है।

सभी LPG उपभोक्ताओं के लिए e-KYC कराना अनिवार्य है।

सवाल : क्या e-KYC कराने के लिए गैस एजेंसी जाना जरूरी है?

जवाब : नहीं, जिन उपभोक्ताओं के लिए सेल्फ e-KYC की सुविधा उपलब्ध है, वे मोबाइल से ही घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। अगर किसी उपभोक्ता को मोबाइल से प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हो रही है या ऑथेंटिकेशन नहीं हो पा रहा हो तो वह अपनी गैस एजेंसी जाकर भी सत्यापन करा सकता है।

सवाल : घर बैठे e-KYC के लिए क्या-क्या चाहिए?

जवाब : अपने LPG कनेक्शन की कॉपी या LPG कस्टमर नंबर होना जरूरी है। इसके बाद आपको मोबाइल में 2 एप डाउनलोड करने हैं।

पहला एप : जिस भी ऑयल कंपनी (इंडेन, एचपी, भारत या अन्य) का आपके पास कनेक्शन है, उसका आधिकारिक मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर पर जाकर डाउनलोड करना है। ऑफिशियल एप के लिंक आपको PMUY वेबसाइट पर मिल जाएंगे।

दूसरा एप : आधार नंबर और फेस वेरिफिकेशन के लिए Aadhaar FaceRD एप भी डाउनलोड करके रख लेना है।

सवाल: एप डाउनलोड करने के बाद क्या करना है?

जवाब : LPG कंपनी के एप में अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। अगर मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है तो गैस एजेंसी में जाकर इसे अपडेट करवा लें।

सवाल : e-KYC का पूरा तरीका समझाइए?

जवाब : पहले अपनी LPG कंपनी का एप खोलें- जैसे Indane, Bharatgas या HP Gas। उसमें Aadhaar e-KYC/Face Authentication का विकल्प चुनें। जब फेस ऑथेंटिकेशन शुरू होगा, एप आपको Aadhaar FaceRD एप पर ले जाएगा। FaceRD एप आपके चेहरे को कैमरे से स्कैन करके UIDAI के जरिए आधार से पहचान सत्यापित करने में मदद करता है। सत्यापन सफल होने पर LPG कंपनी के एप में KYC प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

सवाल : अगर फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए तो?

जवाब : घबराने की जरूरत नहीं है, एप में दोबारा खोलकर फिर से प्रक्रिया दोहराएं। ध्यान रखें, जब फेस का वेरिफिकेशन हो रहा हो, तब पर्याप्त रोशनी हो, मोबाइल को स्थिर रखें। फेस वेरिफिकेशन हो जाएगा। फिर भी दिक्कत आती है तो एजेंसी जाकर बायोमेट्रिक e-KYC करवा सकते हैं।

सवाल : फेस स्कैन सफल होने के बाद क्या करना है?

जवाब : एप में verification/e-KYC पूरा होने का संदेश या status दिखाई देगा। यदि status सफल नहीं दिख रहा है तो यह न मानें कि e-KYC हो गई है। जरूरत पड़ने पर गैस एजेंसी से उपभोक्ता रिकॉर्ड में status की पुष्टि कराएं।

सवाल : क्या e-KYC कराने का कोई और विकल्प है?

जवाब : अगर ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं हो पा रही है तो एलपीजी ड्रिस्ट्रीब्यूटर (गैस एजेंसी) में जाकर भी वेरिफिकेशन कराया जा सकता है। इसके अलावा एक तीसरा विकल्प भी है। सिलेंडर डिलीवरी करने आए डिलीवरी मैन के मोबाइल में भी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की सुविधा है। यानी सिलेंडर लेकर आने वाले अधिकृत डिलीवरी कर्मचारी से e-KYC करवा सकते हैं।

सवाल : अगर गैस एजेंसी में e-KYC के लिए जा रहे हैं तो क्या डॉक्यूमेंट होने चाहिए?

जवाब : आधार कार्ड, LPG कंज्यूमर नंबर/कंज्यूमर ID और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर साथ रखें।

सवाल : e-KYC कराने में कितना समय लगता है, कितना चार्ज लगता है?

जवाब : अगर मोबाइल नंबर और LPG रिकॉर्ड सही हैं और फेस ऑथेंटिकेशन सफल हो जाता है तो प्रक्रिया कुछ ही मिनट में पूरी हो सकती है। एजेंसी पर समय ग्राहकों की भीड़ पर निर्भर करता है।

e-KYC का कोई चार्ज नहीं है, ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न दें। केवल आधिकारिक एप, गैस एजेंसी या अधिकृत डिलीवरी माध्यम से प्रक्रिया पूरी करें।

अभी 38 लाख उपभोक्ता बाकी

राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक गहलोत ने बताया- प्रदेश में 1.85 करोड़ सक्रिय LPG उपभोक्ता हैं। इनमें से 38 लाख की e-KYC पेंडिंग है।

सरकार e-KYC के जरिए उपभोक्ताओं का डेटा अपडेट करने के साथ फर्जी कनेक्शनों को हटाना चाहती है। इससे सब्सिडी पर होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सकेगा। e-KYC नहीं करवाने वाले ग्राहकों को सिलेंडर के महंगे दाम चुकाने पड़ सकते हैं।