उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी की सहायक कंपनी एचसीसी के निर्माणाधीन DRT टनल के अंदर मलबा गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें 20 से अधिक मजदूर सुरंग के भीतर फंस गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। राहत और बचाव कार्य के दौरान, अब तक 16 मजदूरों को सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने का काम तेजी से जारी है। सुरक्षित बचाए गए सभी मजदूरों को इलाज के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर ले जाया गया है।
सुरंग से मजदूरों को निकालने का ऑपरेशन जारी
जिला प्रशासन की तरफ से बताया गया कि घटना की जानकारी मिलते ही जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। अब तक सुरंग में फंसे 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है।
चमोली में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए बन रही सुरंग
इससे पहले चमोली के जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार ने बताया कि यह THDC के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए बन रही एक सुरंग है। शाम करीब 6:30 या 6:45 बजे, सुरंग में भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया। उस वक्त ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी अंदर फंस गए। अब तक करीब 14 या 15 लोगों को बचाया जा चुका है। NDRF और SDRF की टीमें हमारी सभी मशीनों के साथ बाकी लोगों को बचाने के काम में जुटी हैं, और हमें उम्मीद है कि हम अगले कुछ घंटों में सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लेंगे।
युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टीएचडीसी टनल के भीतर मलबा एवं पानी आने की घटना पर गहरी चिंता जताते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेज दिया गया है। जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को समन्वय के साथ त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों से खुद जानकारी ले रहे सीएम धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वे खुद वरिष्ठ अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं। स्थिति की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इस दिशा में सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा प्रभावित लोगों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कही हर संभव प्रयास करने की बात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ईश्वर से सभी लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जरूरत के अनुसार हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। इससे पहले, पिछले साल दिसंबर महीने में चमोली में सुरंग के अंदर दो लोको ट्रेनें टकराने से बड़ा हादसा हो गया था। इस दुर्घटना में 70 लोग घायल हो गए थे।
(इनपुट- इन्दर सिंह बिष्ट)
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