Droupadi Murmu Speech: सिंधु जल संधि, आतंकवाद से परीक्षा सुधार तक, राष्ट्रपति की 10 बड़ी बातें

Published on 14 अग॰ 2026

Time Updated: Friday, August 14, 2026, 20:14 [IST]

President Droupadi Murmu Speech Highlights: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश की विकास यात्रा, राष्ट्रीय सुरक्षा, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल अर्थव्यवस्था, खेल और पर्यावरण जैसे कई अहम मुद्दों पर बात की। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि देश की प्रगति में हर नागरिक की भूमिका है।

राष्ट्रपति ने विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। राष्ट्रपति के संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, ऑपरेशन सिंदूर, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। आइए उनके भाषण की 10 बड़ी बातें जानें....

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1. स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने कहा कि देश उन महान पुत्रों और पुत्रियों के प्रयासों और बलिदान को कभी नहीं भूल सकता, जिनकी वजह से भारत को आजादी मिली। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।

2. 'आतंकवादियों को अपराधों की कीमत चुकानी होगी'

राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति को रेखांकित किया। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवादियों और आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को उनके अपराधों की कीमत चुकानी होगी। भारत आतंकवाद को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा। राष्ट्रपति का यह संदेश राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर भारत के सख्त रुख को दर्शाता है।

3. 'सिंधु जल संधि निलंबन सही था'

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ में सिंधु जल संधि चर्चा के केंद्र में रही। सिंधु जल संधि निलंबन सही फैसला था। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने अप्रैल 2025 में सिंधु जल संधि को 'आस्थगन' में रखने का फैसला किया था। विदेश मंत्रालय भी बाद में स्पष्ट कर चुका है कि भारत का यह निर्णय पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद के समर्थन के संदर्भ में लिया गया था।

4. 'परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हों'

राष्ट्रपति ने छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए व्यापक कदम उठा रही है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों और नकल पर अंकुश लगाना और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। उन्होंने कहा कि छात्रों की वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों के सहयोग की जरूरत है। परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर सरकार की चिंता पहले भी राष्ट्रपति के संबोधनों में सामने आई है।

5. 'भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य'

राष्ट्रपति ने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होगा, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार वंचित वर्गों, गरीबों, आदिवासियों और अन्य जरूरतमंद समूहों के उत्थान को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और इस यात्रा में किसी नागरिक को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

6. 'लखपति दीदी से आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण हिस्से में महिलाएं सशक्त'

महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रपति ने विकास की महत्वपूर्ण धुरी बताया। उन्होंने लखपति दीदी अभियान और स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने का उल्लेख किया। सरकार ने 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था। मार्च 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस लक्ष्य के पूरा होने की घोषणा की थी। इससे यह स्पष्ट है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका अब केवल परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखी जा रही है।

7. डिजिटल इंडिया की ताकत

राष्ट्रपति ने भारत की डिजिटल क्रांति को देश की बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान ने आम नागरिक के रोजमर्रा के लेन-देन को बदल दिया है और भारत रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, खासकर डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने वित्तीय समावेशन को भी गति दी है। जनधन खातों और डिजिटल माध्यमों ने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

8. युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत

राष्ट्रपति ने युवाओं को भारत की सबसे मूल्यवान संपत्ति बताया। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति नए भारत की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। शिक्षा, रोजगार, तकनीक, स्टार्टअप और खेल के क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसर बढ़ाना विकसित भारत के लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील भी की।

9. खेलों से राष्ट्र निर्माण

राष्ट्रपति ने खेलों को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने खेलो इंडिया जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे देश में मजबूत खेल पारिस्थितिक तंत्र तैयार करने में मदद मिल रही है। खेलों में भारत के प्रदर्शन में सुधार और छोटे शहरों तथा गांवों से प्रतिभाओं के सामने आने को उन्होंने सकारात्मक बदलाव के रूप में रेखांकित किया।

10. पर्यावरण और 'एक पेड़ मां के नाम'

राष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण को नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए लोगों से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत और सामूहिक भागीदारी जरूरी है।

राष्ट्रपति का संदेश केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य तैयार करने पर केंद्रित रहा।