Dholera Semiconductor City: गुजरात में बड़े औद्योगिक बदलाव की तैयारी, टाटा प्लांट पर नजर, CM भूपेन्द्र पटेल ने परखी प्रगति

Published on 16 अक्टू॰ 2026

गुजरात के CM भूपेन्द्र पटेल ने धोलेरा SIR का दौरा किया। टाटा के सेमीकंडक्टर प्लांट, 200 बेड के अस्पताल, एयरपोर्ट और रेल परियोजनाओं की समीक्षा की।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (DSIR) का दौरा कर वहां चल रहे औद्योगिक, सामाजिक और शहरी बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन फैसिलिटी, अस्पताल, स्कूल, आवासीय सुविधाओं, ग्रीन स्पेस और कनेक्टिविटी परियोजनाओं का जायजा लिया। राज्य सरकार का जोर धोलेरा को आधुनिक उद्योगों और नई तकनीक के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने पर है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप गुजरात में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण करने की पहल की है। इसी क्रम में उन्होंने धोलेरा SIR के साथ लोथल में निर्माणाधीन नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के कामकाज की प्रगति भी देखी।

Dholera SIR: औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक सुविधाओं पर जोर

धोलेरा में उद्योगों की स्थापना के साथ वहां काम करने वाले कर्मचारियों और अन्य लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने धोलेरा SIR के एक्टिवेशन एरिया में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने औद्योगिक विकास के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता से जुड़े कार्यों की प्रगति देखी।

इस क्षेत्र में 200 बेड का मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जा रहा है। इसके अलावा एक इंटीग्रेटेड स्कूल, फायर स्टेशन और 42 कमरों वाला आधुनिक गेस्ट हाउस भी निर्माणाधीन है। यहां 600 लोगों की क्षमता वाला फूड कोर्ट, 50 टेंट वाली टेंट सिटी और होटल की सुविधा विकसित करने का काम भी चल रहा है।

आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं भी इस विकास योजना का हिस्सा हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य धोलेरा में उद्योगों के विस्तार के साथ एक ऐसा शहरी वातावरण तैयार करना है, जहां काम करने वाले लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और दैनिक जरूरतों के लिए पर्याप्त सुविधाएं मिल सकें।

Dholera Semiconductor City: टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्लांट की समीक्षा

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने धोलेरा में स्थापित हो रही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन फैसिलिटी का भी दौरा किया। उन्होंने स्थल पर चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। यह परियोजना धोलेरा को सेमीकंडक्टर उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। इसके साथ सहायक उद्योगों, टेक्नोलॉजी कंपनियों और कुशल कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसरों से जुड़ा एक व्यापक इकोसिस्टम तैयार होने की उम्मीद है।

सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में सहायक औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। इसके लिए केवल उत्पादन इकाइयां स्थापित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बेहतर परिवहन, शहरी सुविधाओं और प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता भी जरूरी होगी। धोलेरा में चल रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को इसी व्यापक योजना से जोड़कर देखा जा रहा है।

Dholera Green Space: 53 हेक्टेयर में 1.11 लाख से ज्यादा पौधे

औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी धोलेरा की विकास योजना में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग और सद्भावना ट्रस्ट के सहयोग से विकसित किए जा रहे ग्रीन स्पेस का निरीक्षण किया। इस परियोजना के तहत 53 हेक्टेयर क्षेत्र में 1.11 लाख से अधिक पौधे लगाने का काम किया गया है।

पौधों के बेहतर विकास और उनके जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए ‘ड्रम प्लांटेशन’ तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस तकनीक और पौधरोपण से जुड़े कार्यों का मूल्यांकन किया। उन्होंने औद्योगिक विस्तार के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की। धोलेरा जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में हरित क्षेत्र का विकास महत्वपूर्ण है। इससे विकास की योजना में पर्यावरण संरक्षण को भी जगह मिलती है और क्षेत्र को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में काम किया जा सकता है।

Dholera Connectivity: अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे शुरू, एयरपोर्ट पर भी प्रगति

धोलेरा को औद्योगिक और तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कनेक्टिविटी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान सड़क, हवाई और रेल संपर्क से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे शुरू हो चुका है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क को मजबूती मिली है। वहीं, धोलेरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हाल ही में कैलिब्रेशन फ्लाइट की सफल लैंडिंग हुई है। एयरपोर्ट के वर्ष 2026 के अंत तक चालू होने की उम्मीद जताई गई है। इसके शुरू होने से धोलेरा की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होने की संभावना है। रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए 23 किलोमीटर लंबी ‘भीमनाथ-धोलेरा लॉजिस्टिक हब न्यू लाइन’ विकसित की जा रही है। इसके अलावा अहमदाबाद और धोलेरा के बीच तेज रेल यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी आगे बढ़ रही है।

Ahmedabad-Dholera Semi High-Speed Rail: ₹20,667 करोड़ की परियोजना

अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल रेल लाइन परियोजना को 20,667 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दी गई है। यह रेल लाइन 134 किलोमीटर लंबी होगी। परियोजना का उद्देश्य अहमदाबाद, धोलेरा SIR, एयरपोर्ट और लोथल के बीच तेज रेल संपर्क उपलब्ध कराना है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से औद्योगिक गतिविधियों, यात्रियों की आवाजाही और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क की इन परियोजनाओं को धोलेरा के औद्योगिक विकास के लिए अहम माना जा रहा है। बेहतर परिवहन सुविधाएं उद्योगों तक पहुंच, माल की आवाजाही और निवेशकों के लिए लॉजिस्टिक्स को आसान बनाने में मदद कर सकती हैं।

Dholera SIR Development: अधिकारियों ने पेश किया भविष्य का रोडमैप

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान धोलेरा इंडस्ट्रियल सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड (DICDL) के प्रबंध निदेशक डॉ. कुलदीप आर्य ने धोलेरा SIR के विकास पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इसमें औद्योगिक और शहरी बुनियादी ढांचे, सामाजिक सुविधाओं, कनेक्टिविटी परियोजनाओं और क्षेत्र के भावी विकास की योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रेजेंटेशन के जरिए यह बताया गया कि धोलेरा को एक आधुनिक औद्योगिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए अलग-अलग परियोजनाओं पर किस तरह काम किया जा रहा है। धोलेरा में सेमीकंडक्टर निर्माण, सहायक उद्योगों, आवासीय सुविधाओं और परिवहन नेटवर्क को एक साथ विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य क्षेत्र को उन्नत विनिर्माण और उभरती तकनीकों के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाना है।

Dholera और Lothal Projects: विकास कार्यों का मौके पर निरीक्षण

धोलेरा SIR के अलावा मुख्यमंत्री ने लोथल में निर्माणाधीन नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स की प्रगति की भी स्थल पर समीक्षा की। यह परियोजना गुजरात में विकसित की जा रही प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। मुख्यमंत्री की इस पहल के तहत प्रमुख विकास परियोजनाओं का केवल प्रस्तुतियों के माध्यम से आकलन करने के बजाय मौके पर जाकर उनकी स्थिति देखी जा रही है। धोलेरा और लोथल का दौरा भी इसी क्रम का हिस्सा रहा।

धोलेरा में औद्योगिक इकाइयों, सामाजिक सुविधाओं और कनेक्टिविटी नेटवर्क के विकास को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं की प्रगति क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता और निवेश आकर्षित करने की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।

CM भूपेन्द्र पटेल के दौरे में वरिष्ठ अधिकारी और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रमुख रहे मौजूद

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के इस दौरे के दौरान गुजरात सरकार और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें मुख्य सचिव मनोज कुमार दास, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार डॉ. हसमुख अढिया, मुख्यमंत्री के सलाहकार एस. एस. राठौड़ और मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव विक्रांत पांडे शामिल थे। इसके अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सचिव पी. भारती, गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन की मिशन निदेशक नेहा कुमारी, जिला विकास अधिकारी विदेह खरे, रेंज आईजी राघवेन्द्र वत्स और जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश जाट भी उपस्थित रहे।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ एवं एमडी डॉ. रणधीर ठाकुर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी दौरे में शामिल हुए। धोलेरा में चल रही परियोजनाओं का यह निरीक्षण औद्योगिक निवेश, सेमीकंडक्टर निर्माण, शहरी सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के विकास पर राज्य सरकार के फोकस को दर्शाता है।