Dhanbad News: भूदा बस्ती की पूनम बनेगी डॉक्टर, डीसी आदित्य रंजन उठाएंगे MBBS पढ़ाई का खर्च

Published on 7 सित॰ 2026

Dhanbad News: मां को बीमारी से जूझते और इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौटते देख भूदा बस्ती की पूनम कुमारी के मन में डॉक्टर बनने का सपना जगा. आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी और पहले ही प्रयास में NEET क्वालीफाई कर अपने सपने की ओर कदम बढ़ाया. अब धनबाद उपायुक्त की पहल से पूनम के डॉक्टर बनने के सपने को नई उड़ान मिली है.

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पूनम कुमारी का MBBS में दाखिला एसएनएमएमसीएच, धनबाद में हुआ है. सोमवार को धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन की ओर से उनकी एक वर्ष की फीस जमा करा दी गई. साथ ही उनकी पांच वर्षीय MBBS की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की पहल की गई है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली पूनम के लिए मेडिकल की पढ़ाई पूरी करना आसान हो गया है.

एसएनएमएमसीएच के चिकित्सक डॉ. सुमन कुमार ने बताया कि पूनम कुमारी भूदा बस्ती की रहने वाली हैं. उन्होंने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से पढ़ाई पूरी करने के बाद NEET की तैयारी की और पहले प्रयास में सफलता हासिल की. पूनम ने NEET में 582 अंक प्राप्त किए. उनकी ऑल इंडिया रैंक 16,972 और CML रैंक 195 रही. उन्होंने बताया कि पूनम के MBBS में दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. धनबाद उपायुक्त की पहल के तहत एक वर्ष की फीस जमा करा दी गई है और पांच वर्ष की पढ़ाई का पूरा खर्च भी उपायुक्त की ओर से उठाया जाएगा.

पूनम ने बताया कि 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान उन्होंने सेल्फ स्टडी पर विशेष ध्यान दिया. स्कूल की शिक्षिकाओं ने NEET की तैयारी में उनका लगातार मार्गदर्शन किया. इसी मेहनत और शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने पहले ही प्रयास में NEET क्वालीफाई किया. उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, टेलीफोन एक्सचेंज रोड, पुराना बाजार से पूरी की है.

पूनम ने बताया कि बचपन से ही उन्होंने अपनी मां को बीमार होते देखा है. मां इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाती थीं और स्वस्थ होकर लौटती थीं. यह देखकर उनके मन में डॉक्टर बनने की इच्छा पैदा हुई. उन्होंने सोचा कि जिस तरह डॉक्टर बीमार लोगों को स्वस्थ कर उनके परिवारों में खुशियां लौटाते हैं उसी तरह वह भी डॉक्टर बनकर जरूरतमंद लोगों की सेवा करेंगी. उन्होंने कहा कि बीमारी के कारण कई परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वह डॉक्टर बनकर ऐसे लोगों की मदद करना चाहती हैं.

पूनम के परिवार में माता-पिता, दो भाई, भाभी और बच्चे हैं. उन्होंने बताया कि उनकी मां और भाइयों को हमेशा विश्वास था कि वह डॉक्टर बनेंगी. पढ़ाई के दौरान जब भी उनका मनोबल कम हुआ परिवार ने उन्हें प्रोत्साहित किया और हर संभव सहयोग दिया.

पूनम ने धनबाद उपायुक्त के प्रति आभार जताते हुए कहा कि NEET क्वालीफाई करने के बाद MBBS की पढ़ाई का खर्च जुटाना उनके परिवार के लिए बड़ी चुनौती थी. ऐसे समय में उपायुक्त ने आगे आकर उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने की पहल की जिससे परिवार की बड़ी चिंता दूर हो गई. उन्होंने कहा कि अब फीस और पढ़ाई के खर्च को लेकर परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं रहेगा. इसके लिए उन्होंने धनबाद उपायुक्त को दिल से धन्यवाद दिया.

पूनम ने अन्य विद्यार्थियों से भी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की तैयारी करने की अपील की. उन्होंने कहा कि आर्थिक परेशानियों के बावजूद विद्यार्थियों को अपने सपनों से पीछे नहीं हटना चाहिए मेहनत और सही मार्गदर्शन से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. 

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