Published: Sunday, September 27, 2026, 17:25 [IST]
Bihar DGP: बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव हुआ है। राज्य के DGP विनय कुमार ने समय से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS ले लिया है। गृह विभाग ने 26 सितंबर 2026 को उनका VRS मंजूर कर दिया। इसके साथ ही उन्हें बिहार का नया राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है। अब बिहार पुलिस के स्थायी DGP को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा के पास DGP का अतिरिक्त प्रभार है। नए DGP के चयन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नामों पर विचार चल रहा है। इनमें प्रीता वर्मा, भृगु श्रीनिवासन और जितेंद्र सिंह गंगवार के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। हालांकि, अंतिम फैसला तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
विनय कुमार ने लिया VRS
1991 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार ने 25 सितंबर को VRS के लिए आवेदन दिया था। गृह विभाग ने अगले ही दिन इसे मंजूर कर लिया। सरकार ने निर्धारित नोटिस अवधि की शर्त में भी छूट दी और उनकी सेवानिवृत्ति तत्काल प्रभाव से स्वीकार की। VRS के बाद उन्हें राज्य का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी।
प्रीता वर्मा के पास DGP का प्रभार
विनय कुमार के छुट्टी पर जाने के बाद 1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। वह पहले से ही DG, होमगार्ड और फायर सर्विसेज की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। प्रीता वर्मा बिहार कैडर की वरिष्ठ IPS अधिकारियों में शामिल हैं। वह DG ट्रेनिंग जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम कर चुकी हैं। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने KVIC की CEO की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्हें 2023 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी मिला था।
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अगर उन्हें स्थायी DGP बनाया जाता है, तो वह बिहार की पहली महिला DGP होंगी। फिलहाल वह कार्यवाहक DGP के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
भृगु श्रीनिवासन का भी नाम
1992 बैच के IPS अधिकारी भृगु श्रीनिवासन का नाम भी नए DGP के संभावित दावेदारों में शामिल है। वह फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के महानिदेशक के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। बिहार में वह पहले कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के निदेशक भी रह चुके हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर मौजूद अधिकारियों के मामले में उनकी बिहार वापसी और जिम्मेदारी संभालने की सहमति भी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है।
जितेंद्र सिंह गंगवार भी दावेदार
1993 बैच के IPS अधिकारी जितेंद्र सिंह गंगवार भी इस पद के लिए चर्चा में हैं। वह वर्तमान में DG विजिलेंस के पद पर हैं। इससे पहले वह बिहार पुलिस में ADG हेडक्वार्टर समेत कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं। बिहार सरकार के IPS रिकॉर्ड में गंगवार 1993 बैच के अधिकारी हैं। उनका रिटायरमेंट 2027 में होना है। उन्हें 2010 में पुलिस पदक और 2019 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
सिर्फ वरिष्ठता से नहीं होगा फैसला
बिहार के नए DGP का चयन केवल बैच या वरिष्ठता के आधार पर नहीं होता। इसके लिए अधिकारी की सेवा अवधि, पुलिस प्रशासन का अनुभव, कानून-व्यवस्था से जुड़ा काम और अन्य जरूरी मानकों को देखा जाता है।
DGP चयन की प्रक्रिया में राज्य सरकार वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल तैयार करती है। इसके बाद UPSC की प्रक्रिया के तहत तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजे जाने की व्यवस्था है। सितंबर में सामने आई रिपोर्टों में बिहार सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों के नामों पर प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई थी।
पहले चर्चा में आए थे ये नाम
नए DGP के चयन की शुरुआती प्रक्रिया में प्रीता वर्मा, भृगु श्रीनिवासन और जितेंद्र सिंह गंगवार के अलावा जितेंद्र कुमार, कुंदन कृष्णन और अमित कुमार जैसे वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे में फिलहाल किसी एक अधिकारी को अगला स्थायी DGP मानना सही नहीं होगा। अंतिम नाम चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
सामाजिक समीकरण की भी चर्चा
बिहार में बड़े प्रशासनिक पदों की नियुक्तियों को लेकर सामाजिक समीकरणों की चर्चा भी होती रही है। नए DGP के मामले में भी कुछ रिपोर्टों में अधिकारियों की सामाजिक पृष्ठभूमि और राज्य के राजनीतिक समीकरणों का जिक्र किया गया है। हालांकि, इन चर्चाओं को आधिकारिक चयन का आधार नहीं माना जा सकता। नए DGP के नाम पर फैसला तय प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
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