दुर्ग-भिलाई4 घंटे पहले
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मतदाता सूची में नाम सुधारने की प्रक्रिया के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को चुनाव आयोग का अधिकारी बताकर लायड्स कंपनी में डीजीएम के पद पर कार्यरत विकास गोपाल नारायण सहगल को निशाना बनाया। आरोपी ने उनके पिता का नाम एसआईआर में गलत दर्ज होने की बात कही और उसे सुधारने के लिए व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजा।
शिकायत के मुताबिक, इस लिंक के जरिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया के बाद उनके बैंक खाते से 6 लाख 25 हजार रुपए निकल गए। पीड़ित के आवेदन पर भिलाई-3 थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पिता का नाम गलत होने की बात कहकर भेजा लिंक
शिकायतकर्ता विकास सहगल के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2026 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को चुनाव आयोग का अधिकारी बताया। उसने कहा कि एसआईआर में उनके पिता का नाम गलत दर्ज है और उसे ठीक करने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इसके बाद आरोपी ने मोबाइल पर एक लिंक भेजा और उसके जरिए फॉर्म भरने को कहा। पिता के नाम में गलती सुधारने की बात सुनकर शिकायतकर्ता को यह चुनाव से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया लगी। इसी भरोसे में उन्होंने भेजे गए लिंक के जरिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी की।
आरोप है कि इसके बाद उनके बैंक खाते से 6.25 लाख रुपए की रकम निकल गई। हालांकि, आवेदन में यह साफ नहीं किया गया है कि पैसे कितनी बार में निकाले गए और लिंक खोलने के बाद कौन-कौन सी जानकारी भरी गई थी।
बैंक रिकॉर्ड में IMPS और पेमेंट कंपनी का नाम
पीड़ित ने अपने आवेदन में बताया कि बैंक रिकॉर्ड में रकम के लेनदेन का तरीका आईएमपीएस दर्ज है। इसके अलावा, रिकॉर्ड में इन्फीबीम एवेन्यूज लिमिटेड और सीसी एवेन्यू के नाम भी सामने आए हैं। ये नाम भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड में दर्ज हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि पूरी रकम किस खाते में पहुंची और संबंधित कंपनियों की भूमिका क्या रही।
पुलिस जांच में लेनदेन का समय, रकम भेजे जाने का विवरण, संबंधित बैंक खाते और मोबाइल नंबर अहम कड़ी हो सकते हैं। इन जानकारियों के आधार पर यह पता लगाया जा सकता है कि रकम कहां भेजी गई और ठगी में किन लोगों या खातों का इस्तेमाल हुआ।
ऑनलाइन शिकायत के बाद थाने पहुंचा पीड़ित
विकास सहगल ने बताया कि, उन्होंने साइबर अपराध से जुड़ी ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई है। इसके बाद 9 अक्टूबर को भिलाई-3 थाना प्रभारी के नाम लिखित आवेदन देकर कार्रवाई करने और ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की गई। आवेदन में शिकायतकर्ता ने बताया है कि वह लायड्स कंपनी में डीजीएम के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने पुलिस से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल भिलाई-3 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की है। आरोपी की पहचान, ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और 6.25 लाख रुपए के लेनदेन की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
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