Delhi News: E-20 पेट्रोल पर AAP का सवाल, अरविंद केजरीवाल ने लोगों से बातचीत कर जाना अनुभव

Published on 11 जुल॰ 2026

Delhi News: आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के पेट्रोल पंपों का दौरा कर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल पर जनता की राय ली. इस दौरान वाहन चालकों ने शिकायत की कि इस ईंधन से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है और इंजन में तकनीकी खराबियां आ रही हैं.

Delhi News: आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के पेट्रोल पंपों का दौरा कर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल पर जनता की राय ली. इस दौरान वाहन चालकों ने शिकायत की कि इस ईंधन से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है और इंजन में तकनीकी खराबियां आ रही हैं.

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Arvind Kejriwal on Delhi accise case

Delhi News: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को दिल्ली के एक व्यस्त पेट्रोल पंप और सर्विस स्टेशन का अचानक दौरा किया. उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा बढ़ावा दिए जा रहे E20 पेट्रोल के व्यावहारिक इस्तेमाल को लेकर आम जनता और वाहन चालकों की राय जानना था. इस दौरान केजरीवाल ने वहां पेट्रोल भरवाने आए कार और बाइक सवारों से सीधी बातचीत की. इसके साथ ही उन्होंने सर्विस सेंटर पर गाड़ियां ठीक कराने पहुंचे लोगों से भी मुलाकात की और यह जानने की कोशिश की कि क्या नए ईंधन से गाड़ियों के प्रदर्शन पर कोई असर पड़ा है.

घट रहा है माइलेज और आ रही खराबी

वाहन चालकों से बातचीत के बाद अरविंद केजरीवाल ने मीडिया और सोशल मीडिया पर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत सरकार के बड़े-बड़े दावों से बिल्कुल अलग है. पेट्रोल पंप पर मिले कई लोगों ने उन्हें बताया कि जब से उन्होंने E20 पेट्रोल का इस्तेमाल शुरू किया है, तब से उनकी गाड़ियों का माइलेज काफी कम हो गया है. इतना ही नहीं, कुछ बाइक और कार मालिकों ने शिकायत की कि इस ईंधन के लगातार इस्तेमाल से इंजन में अचानक तकनीकी दिक्कतें आने लगी हैं और गाड़ियों के मेंटेनेंस का खर्च भी बढ़ गया है.

सोशल मीडिया पर उठाया मुद्दा

इस दौरे के तुरंत बाद अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने लिखा कि पेट्रोल पंपों और सर्विस स्टेशनों पर जाकर उन्होंने जो देखा और सुना, वह चिंताजनक है. जनता की इन शिकायतों को किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र में सबसे ऊपर जनता की आवाज होती है. अगर देश का आम नागरिक किसी सरकारी नीति या ईंधन की गुणवत्ता से परेशान है, तो सरकार का यह कर्तव्य बनता है कि वह उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुने और उसका तुरंत कोई समाधान निकाले.

समीक्षा की उठाई मांग

आम आदमी पार्टी ने भी इस मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल के रुख का पुरजोर समर्थन किया है. पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि E20 पेट्रोल को लेकर पूरे देश से उपभोक्ताओं की शिकायतें आ रही हैं. ऐसे में सरकार को इस पूरे मामले की व्यापक स्तर पर समीक्षा करानी चाहिए. पार्टी का मानना है कि किसी भी नए बदलाव को लागू करने से पहले उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना सबसे जरूरी है. अगर गाड़ियों के इंजन इस ईंधन के अनुकूल नहीं हैं, तो इसका खामियाजा देश की गरीब और मध्यमवर्गीय जनता क्यों भुगते.

क्या है E20 पेट्रोल और सरकार का तर्क?

आपको बता दें कि केंद्र सरकार देश में प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए एथेनॉल मिश्रित ईंधन को तेजी से बढ़ावा दे रही है. E20 पेट्रोल का मतलब है कि इसमें अस्सी प्रतिशत पेट्रोल और बीस प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है. सरकार का दावा है कि इस नीति से देश के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा क्योंकि एथेनॉल का उत्पादन गन्ने और अनाज से होता है. इसके साथ ही इससे पर्यावरण को भी भारी नुकसान से बचाया जा सकता है.

विशेषज्ञों की राय और आगे की राह

हालांकि सरकार के इन दावों के बीच वाहन उपभोक्ताओं और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के कुछ संगठनों ने माइलेज में कमी और इंजन के पार्ट्स पर पड़ने वाले बुरे असर को लेकर चिंता जाहिर की है. फिलहाल इस पूरे मामले में अलग-अलग पक्षों की अलग राय दिखाई दे रही है. तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि E20 पेट्रोल के वास्तविक प्रभाव को पूरी तरह समझने के लिए अभी और गहन अध्ययन की जरूरत है. आने वाले समय में वाहन निर्माताओं की सलाह और विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही इस विवाद का कोई ठोस समाधान निकल सकेगा.

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