Delhi CJP Protest Live: जंतर-मंतर से संसद भवन तक हुए बवाल पर पांच FIR दर्ज, जांच में पुलिस को मिले कई अहम सबूत

Published on 21 जुल॰ 2026

12:13 PM, 21-Jul-2026

दिल्ली पुलिस पर बर्बरता का आरोप, CJP ने कहा- वर्दी में गुंडे भरे थे

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोमवार को हुए विरोध मार्च के दौरान पुलिस पर "बर्बरता और क्रूरता" का आरोप लगाया। दीपके ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की। उन्होंने पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।

दीपके ने मीडिया को बताया कि दिल्ली पुलिस ने बच्चों को बर्बरता से पीटा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिस अधिकारियों ने 12 साल की लड़कियों के सिर फोड़ दिए। दीपके ने कहा कि उस दिन दिल्ली पुलिस की वर्दी में गुंडे भरे थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने युवा प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी की। एक लड़की गर्दन पर लाठी लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई। वह अभी भी RML में गंभीर हालत में है। दीपके ने कहा कि अगर उसे कुछ होता है, तो दिल्ली पुलिस और नरेंद्र मोदी की सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि पुलिस मार्च रोकने के लिए जल तोप का उपयोग कर सकती थी। दीपके के अनुसार, प्रदर्शनकारी 17-18 साल के बच्चे थे। उन्होंने कहा कि वे एक महीने से शांति से बैठे थे और पहला हमला दिल्ली पुलिस की तरफ से हुआ। पुलिस ने लाठियां चलाईं, जिससे भगदड़ मच गई। दीपके ने विरोध स्थल के पास पत्थरों की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए।

11:59 AM, 21-Jul-2026

दीपके ने घायल समर्थकों से माफी मांगी

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारी भारी बारिश, कड़ी सुरक्षा और एक दिन पहले "संसद चलो" मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बावजूद रात भर जंतर-मंतर पर डेरा डाले रहे। मंगलवार सुबह, वॉलंटियर्स ने विरोध स्थल की सफाई की, जबकि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए समर्थकों से माफी मांगी।

विरोध स्थल के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था बनी हुई थी क्योंकि वॉलंटियर्स को मंच की सफाई करते देखा गया, जो सोमवार को पुलिस द्वारा टेंट और अन्य अस्थायी जगहों को हटाने के बाद एकमात्र खड़ा ढांचा था। यहां तक कि मंच को ढकने वाला टेंट भी फटा हुआ था। युवा समर्थकों के एक समूह ने दीपके को अपने अनुभव बताए, आरोप लगाया कि बिना नाम के टैग वाले पुलिस कर्मियों ने महिलाओं सहित प्रदर्शनकारियों को पीटा और उन्हें "आतंकवादी" कहा। दीपके को हाथ जोड़कर उनसे माफी मांगते देखा गया।

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11:55 AM, 21-Jul-2026

राज्यसभा में AAP सांसदों ने जताया विरोध

दिल्ली में कल CJP प्रोटेस्ट मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर राज्यसभा में AAP सांसदों ने विरोध जताया। 

11:54 AM, 21-Jul-2026

सभी सांसद संसद के अंदर थे: कंगना

कल संसद के बाहर CJP के विरोध-प्रदर्शन पर BJP सांसद कंगना रनौत ने कहा कि "सभी सांसद संसद के अंदर थे। हम सभी डरे हुए थे, यह सोचकर कि भीड़ हम पर हमला कर सकती है। मैं दिल्ली पुलिस की तारीफ करती हूं कि उन्होंने ढाल बनकर लोगों को नुकसान नहीं पहुंचने दिया।"

11:25 AM, 21-Jul-2026

मोदी जी एंटी यूथ हैं, एंटी गरीब हैं और एंटी किसान हैं: प्रियंका

दिल्ली में युवाओं के विरोध-प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "हम इस मुद्दे को काफी समय से उठा रहे हैं ये कोई नया मुद्दा नहीं है लेकिन मुद्दा ये है कि बार-बार ये हो रहा है लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है मुझे याद है जब मैं यूपी में काम कर रही थी तो जब पेपर लीक हुए थे उसमें सबसे नीचे वाले अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया था और दो दिन के लिए रखा और उसके बाद बात वही रुक जाती है किसी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अभी ये मुद्दा इसलिए ज्वलंत हैं क्योंकि ये देश के युवा है और उनके मां-पाप उन्हें लोन लेकर पढ़ाते हैं ये कितनी मुश्किल परिस्थिति है बच्चा कह रहा है कि क्या मैं संघर्ष ही करता रहूं? ये बहुत गंभीर मामला है इस हल्के में नहीं लिया जा सकता है..आज बच्चे बहुत दुखी हैं....ये सदन ही युवा का है हम सब को उन्होंने ही यहां रखा है...मोदी जी एंटी यूथ हैं, एंटी गरीब हैं और एंटी किसान हैं 12 साल हो गए हैं आप सब देख रहे हैं..बच्चों की आवाज आप सुन लीजिए और मंत्री से इस्तीफा दिलवाए...एक जमाना था जब मंत्री जिम्मेदारी लेते थे..आप भी जिम्मेदारी लीजिए और सिस्टम को दुरूस्त करिए।

11:18 AM, 21-Jul-2026

लोकतंत्र में असहमति को लाठियों से दबाया नहीं जा सकता: चंद्रखेशर

आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे पेपर लीक मामले और कल CJP के विरोध मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। आजाद समाज पार्टी - कांशी राम के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद कहते हैं, "हमें दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने पर गर्व है, फिर भी लोकतंत्र में असहमति को लाठियों से दबाया नहीं जा सकता... जंतर-मंतर पर 30 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है; लोग 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। क्या सरकार उनके मरने का इंतज़ार कर रही थी? कल, जब देश के युवा सड़कों पर उतरे, तो उन पर की गई बर्बरता चौंकाने वाली थी... मुझे लगा कि जब युवा सड़कों पर भूखे-प्यासे घूमते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हों, तो मैं चुप नहीं रह सकता। मैंने खुद विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी ज़िम्मेदारी निभाने का फैसला किया... मैं उन युवाओं के साथ खड़ा होने के लिए यहाँ बैठा हूँ जो अभी भी विरोध कर रहे हैं, ताकि सरकार और प्रधानमंत्री से उनकी बात सुनने का आग्रह कर सकूँ... आबादी के 51% हिस्से को कुचलने के बाद आपने क्या सबक सीखा है? वे किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं थे; वे युवा थे, अपनी पढ़ाई कर रहे छात्र थे... एक शिक्षित, जागरूक भारतीय नागरिक और सांसद के तौर पर, मैं पूरी रात बाबासाहेब अंबेडकर की मूर्ति के नीचे बैठा रहा और इस लड़ाई को लड़ने की हिम्मत जुटाई... मैंने अभी स्पीकर से बात की है और उन्हें स्थिति के बारे में बताया है... जो कोई भी बातचीत करने को तैयार है, मैं उससे बात करने के लिए तैयार हूं... अगर वे हमें नज़रअंदाज़ करते हैं, तो आंदोलन होगा।

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11:01 AM, 21-Jul-2026

संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में केस दर्ज

संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, आर्म्स एक्ट, 1959 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम (PDPP एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। धारा 223(b) BNS किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा जारी आदेश का पालन न करना या सरकारी काम में बाधा डालना।

FIR में आरोप लगाया गया है कि आरोपी गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा हुए और उन्होंने सार्वजनिक व्यवस्था में खलल डाला, सरकारी काम में बाधा डाली, हिंसक गतिविधियों में शामिल हुए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इन सभी आरोपों की जांच संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन द्वारा भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और PDPP एक्ट के प्रावधानों के अनुसार की जा रही है।

10:57 AM, 21-Jul-2026

बिना इजाज़त ड्रोन उड़ाने को लेकर एक FIR

दिल्ली में सीजेपी प्रोटेस्ट मार्च के दौरान हुई हिंसा में संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली जिले के इलाके में बिना इजाज़त ड्रोन उड़ाने को लेकर एक FIR दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि हिंसा की साज़िश रचने के मामले में एक FIR दर्ज की गई है, जिसमें पुलिस जांच के दौरान कई अहम सबूत सामने आए हैं। सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में दो FIR दर्ज की गई हैं।

10:53 AM, 21-Jul-2026

दिल्ली में हुए बवाल पर पांच एफआईआर दर्ज

दिल्ली में सीजेपी प्रोटेस्ट मार्च के दौरान हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस ने अब तक कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन, पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन और अन्य पुलिस स्टेशनों में पांच FIR दर्ज की हैं। अभी और FIR दर्ज होने की संभावना है।  दिल्ली पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है।

Violence during CJP protest march | Delhi Police have registered 5 FIRs so far at Connaught Place Police Station, Parliament Street Police Station and other Police Stations. More FIRs are likely to be registered. Accused are being identified with the help of CCTV footage: Delhi…

— ANI (@ANI) July 21, 2026

10:50 AM, 21-Jul-2026

'उनका ब्लड शुगर लेवल लगातार कम बना हुआ है'

सोनम वांगचुक की सेहत के बारे में सफदरजंग अस्पताल में मेडिसिन विभाग की हेड, डॉ. प्रो. मनीषा ठाकुर कहती हैं, "उनका इलाज अभी भी दिल्ली के VMMC और सफदरजंग अस्पताल में एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की देखरेख में चल रहा है, जिसमें AIIMS दिल्ली और सफदरजंग अस्पताल के एक्सपर्ट्स शामिल हैं। अभी उनके वाइटल्स (शरीर के ज़रूरी संकेत) स्थिर हैं। हालांकि, उनका ब्लड शुगर लेवल लगातार कम बना हुआ है। हमने कल रात उनके इलेक्ट्रोलाइट्स की जांच के लिए ब्लड सैंपल भेजा था, जिसमें पोटैशियम का लेवल 3.2 mEq प्रति लीटर पाया गया। उन्हें अभी भी पैनसाइटोपेनिया (pancytopenia) की समस्या है, जिसमें एनीमिया के लक्षण दिख रहे हैं; यानी उनका हीमोग्लोबिन कम है और ल्यूकोसाइट काउंट भी कम है। इन क्लिनिकल और लैब पैरामीटर्स को देखते हुए लगातार जांच और कड़ी निगरानी की ज़रूरत है। उन्हें अभी ओरल रिहाइड्रेशन थेरेपी दी जा रही है और वे सिरप के रूप में ओरल पोटैशियम सप्लीमेंट ले रहे हैं, लेकिन वे लगातार इंट्रावेनस थेरेपी और किसी भी तरह का ग्लूकोज लेने से मना कर रहे हैं। हल्के से मध्यम डिहाइड्रेशन, लगातार लैब रिपोर्ट में गड़बड़ी और लंबे समय तक उपवास के कारण होने वाले शारीरिक तनाव को देखते हुए, उन्हें लगातार मेडिकल देखरेख और क्लिनिकल निगरानी की ज़रूरत है। उनके ठीक होने और किसी भी तरह की जटिलता (complication) का समय पर पता लगाने के लिए यह बहुत ज़रूरी है। सफदरजंग अस्पताल में मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम द्वारा सभी ज़रूरी मेडिकल देखभाल दी जा रही है और उनकी क्लिनिकल स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।