CWG 2026: गन भी, गोल्ड भी... भारतीय सेना का कोई मुकाबला नहीं, फौज ने देश के लिए जीते सबसे ज्यादा मेडल

Published on 2 अग॰ 2026

CWG 2026: गन भी, गोल्ड भी... भारतीय सेना का कोई मुकाबला नहीं, फौज ने देश के लिए जीते सबसे ज्यादा मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय सेना का दबदबा. (फोटो- GETTY)

Indian Army at Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी छाप छोड़ी ही, लेकिन इसमें सबसे बड़ा योगदान भारतीय सेना के जांबाज एथलीटों का रहा. सरहद पर देश की रक्षा करने वाले भारतीय सेना के जवानों ने खेल के मैदान पर भी अपनी ट्रेनिंग, अनुशासन और जज्बे का लोहा मनवाते हुए देश की झोली में मेडल्स की बरसात कर दी. भारतीय सेना के कुल 20 खिलाड़ियों ने इन कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था, जिनमें से 15 एथलीटों ने कुल 16 मेडल अपने नाम किए. यानी भारत के कुल 39 मेडल में से 16 मेडल तो सिर्फ भारतीय फौजियों ने जीत लिए.

भारतीय सेना का यादगार प्रदर्शन

भारतीय सेनाओं के जवान और अधिकारी हमेशा से ही अलग-अलग गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं और सफलता हासिल करते रहे हैं. कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का 2004 के ओलंपिक में सिल्वर मेडल कौन भूल सकता है. या फिर सूबेदार नीरज चोपड़ा का टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल. ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स कैसे छूट सकते थे. इस बार सेना के एथलीटों ने अलग-अलग इवेंट में 8 गोल्ड, 7 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज समेत कुल 16 मेडल अपने नाम किए.

बता दें, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारत का कुल एथलीट दल 126 खिलाड़ियों का था, जिसमें से 20 एथलीट सेना से थे. यानी पूरे भारतीय दल में सेना की हिस्सेदारी लगभग 16% की थी, लेकिन मेडल टैली में उनका योगदान 40% रहा. बॉक्सिंग में रिंग के अंदर दबदबा बनाने से लेकर एथलेटिक्स ट्रैक पर रफ्तार का जादू दिखाने तक, भारतीय सेना के जांबाजों ने यह साबित कर दिया कि वो न सिर्फ देश की सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं, बल्कि खेल की दुनिया में भी तिरंगे को टॉप पर लहराने का जुनून भी रखते हैं.

गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय सेना के एथलीट

  • हवलदार हर्ष सिंह जूडो (60 किलो कैटेगरी)
  • नायब सूबेदार प्रीति पवार मुक्केबाजी (54 किलो कैटेगरी)
  • नायब सूबेदार जैस्मिन लंबोरिया मुक्केबाजी (57 किलो कैटेगरी)
  • सूबेदार सोमण राणा शॉटपुट (शॉट पुट)
  • हवलदार साक्षी चौधरी मुक्केबाजी (51 किलो कैटेगरी)
  • हवलदार अरुंधति चौधरी मुक्केबाजी (70 किलो कैटेगरी)
  • हवलदार सचिन सिवाच मुक्केबाजी (60 किलो कैटेगरी)
  • हवलदार अंकुश पंघाल मुक्केबाजी (80 किलो कैटेगरी)

सेना के किन एथलीटों ने जीत सिल्वर मेडल?

  • नायब सूबेदार सर्वेश अनिल कुशारे हाई जंप (हाई जंप)
  • नायब सूबेदार गुलवीर सिंह 10,000 मीटर रेस
  • हवलदार वल्लुरी अजाया बाबू वेटलिफ्टिंग
  • लेफ्टिनेंट कर्नल (ऑनररी) नीरज चोपड़ा जैवलिन थ्रो
  • हवलदार जादुमणि सिंह मुक्केबाजी
  • लांस नायक शुभम जुयाल शॉट पुट
  • सूबेदार नरेंद्र बेरवाल मुक्केबाजी (+90 किलो कैटेगरी)

ब्रॉन्ज मेडल के विजेता

  • नायब सूबेदार गुलवीर सिंह 5,000 मीटर रेस

Cwg Medals

मेडल जीतने वाले भारतीय सेना के एथलीट.

सेना के खिलाड़ियों ने बनाए ऐतिहासिक रिकॉर्ड

जूडो में गोल्ड: हवलदार हर्ष सिंह ने पुरुषों की 60 किलो कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. CWG इतिहास में जूडो के खेल में भारत के लिए यह पहला गोल्ड मेडल है.

हाई जंप में पहला सिल्वर: नायब सूबेदार सर्वेश अनिल कुशारे ने हाई जंप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में हाई जंप इवेंट के अंदर भारत का यह पहला सिल्वर मेडल है.

10,000 मीटर रेस में पहला सिल्वर: 10,000 मीटर दौड़ में नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को इस इवेंट का पहला सिल्वर मेडल दिलाया. इसके अलावा उन्होंने 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया, जो अपने आप में पहला ही मेडल है.

पैरा शॉटपट में दोहरा दबदबा: पैरा शॉटपुट इवेंट में भारत ने एक साथ गोल्ड और सिल्वर मेडल हासिल किए. सूबेदार सोमन राणा ने गोल्ड मेडल और लांस नायक शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल हासिल कर इतिहास रचा.

400m हर्डल के फाइनल में दो एथलीट: पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की 400 मीटर हर्डल रेस के फाइनल मुकाबले में भारत के दो एथलीट सूबेदार संतोष टी. और हवलदार यशस एक साथ पहुंचे.

मोहिद खान

मोहिद खान

मोहिद खान TV9 Hindi में बतौर सीनियर सब-एडिटर स्पोर्ट्स डेस्क पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वह जर्नलिज्म में 4 साल का अनुभव रखते हैं. वह मूल रूप से राजस्थान के ब्यावर शहर के रहने वाले हैं. मोहिद ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से हासिल की है. वह पढ़ने, लिखने और खेलने का शौक रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडिया न्यूज के साथ की थी. इसके बाद उन्होंने वनइंडिया हिंदी, ज़ी न्यूज और इंडिया टीवी जैसी संस्थानों में काम किया. वह किसी भी क्रिकेट मैच का बारीकी से विश्‍लेषण करने में माहिर हैं और उन्हें अन्य खेलों से जुड़ी खबरें बनाने में भी रुचि है.

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