हरियाणा के करनाल निवासी CRPF में तैनात सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार (56) का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह दिल्ली के डिप्टी CM प्रवेश शर्मा के आवास पर ड्यूटी दे रहे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। रविवार को उनका पार्थिव शरीर जुंडला गांव लाया गया, जहां
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जिस दिन कृष्ण कुमार का निधन हुआ, उसी दिन उनका जन्मदिन भी था। वह CRPF की 27वीं बटालियन में तैनात थे। परिवार में उनकी पत्नी रेखा के अलावा एक बेटा आदित्य और एक बेटी नेहा हैं। उनका बेटा आदित्य कनाडा में पढ़ाई करता है। पिता की मौत की सूचना मिलते ही वह तुरंत जुंडला पहुंचा। अंतिम संस्कार से पहले रेखा पति के चेहरे पर हाथ रखकर एकटक उन्हें देखकर रोती रहीं।
कृष्ण कुमार के अंतिम संस्कार की तस्वीरें…

जुंडला गांव के शमशान घाट में कृष्ण कुमार का अंतिम संस्कार किया गया।

बेटे आदित्य ने पिता कृष्ण कुमार को मुखाग्नि दी।

CRPF जवानों ने कृष्ण कुमार को अंतिम संस्कार के दौरान सलामी दी।
ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम
कृष्ण कुमार के परिवार के सदस्य सुभाष ने बताया कि 7 अगस्त (शुक्रवार) को कृष्ण कुमार ड्यूटी पर थे। सुबह करीब 11 बजे अचानक उनका ब्लड प्रेशर लो हो गया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद CRPF जवानों ने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान रात में उनकी हालत और बिगड़ गई। कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
रात डेढ़ बजे परिवार को मिली सूचना
सुभाष ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे परिवार को फोन आया। फोन पर कृष्ण कुमार की हृदय गति रुकने से मौत होने की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जिस दिन कृष्ण कुमार की मौत हुई, उसी दिन उनका जन्मदिन भी था।

सब इस्पेक्टर के शव को गांव में लेकर पहुंचे CRPF के जवान।
NSG और RAF में भी दी सेवाएं
सुभाष ने बताया कि कृष्ण कुमार का जीवन देश सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने CRPF के अलावा नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) में 6 साल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) में 2 साल तक सेवाएं दीं। वे सात भाई हैं और कृष्ण कुमार मंझले भाई थे। उनके बड़े भाई वायु सेना से रिटायर्ड हैं, जबकि उनके चाचा भी सेना में रह चुके हैं।
रिटायरमेंट लेने से मना करते थे
सुभाष के मुताबिक, परिवार ने कई बार कृष्ण कुमार से रिटायरमेंट लेने के लिए कहा, लेकिन वे हमेशा कहते थे कि वे जीवनभर देश की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि कृष्ण कुमार के इसी जज्बे पर परिवार को गर्व था। उनकी अचानक मौत से परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है।