भोपाल के अन्ना नगर स्थित एक मठ के पते से करीब 40 पासपोर्ट जारी होने का मामला सामने आया है। एसटीएफ करीब 70 पासपोर्ट धारकों के दस्तावेज और पुलिस वेरिफिकेशन की जांच कर रही है। कुछ धारकों के कंबोडिया, स्पेन, थाईलैंड और इंडोनेशिया जाने के रिकॉर्ड भी मिले हैं। मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और जांच के दौरान करीब 100 गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
भोपाल में फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा
- Published: 11 Sep 2026, 11:02 AM IST
- Last Updated: 11 Sep 2026, 11:02 AM IST
भोपाल:सामने आए संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। मध्यप्रदेश एसटीएफ को जांच के दौरान पता चला है कि अन्ना नगर स्थित एक मठ के पते का इस्तेमाल कर करीब 40 लोगों ने भारतीय पासपोर्ट हासिल किए। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इतने लोगों के पासपोर्ट एक ही पते पर कैसे जारी हो गए और इसके लिए पुलिस वेरिफिकेशन किस आधार पर किया गया।
एसटीएफ करीब 70 पासपोर्ट धारकों की पहचान, दस्तावेज और वेरिफिकेशन प्रक्रिया की जांच कर रही है। इनमें बड़ी संख्या में पासपोर्ट वर्ष 2021-22 में जारी किए गए थे। टीम अब पासपोर्ट धारकों के वास्तविक पते, पहचान और आवेदन में लगाए गए दस्तावेजों का मिलान कर रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश के अलावा असम और अन्य स्थानों पर भी जांच टीमें भेजी गई हैं।
पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया जांच के घेरे में
मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस के फील्ड वेरिफिकेशन को लेकर खड़ा हुआ है। एसटीएफ यह जांच कर रही है कि पासपोर्ट आवेदकों के पते और पहचान का सत्यापन पुलिसकर्मियों ने किस आधार पर किया। शुरुआती जांच में वेरिफिकेशन प्रक्रिया में गड़बड़ी के संकेत मिले हैं।
अब यह देखा जा रहा है कि क्या संबंधित पुलिसकर्मी वास्तव में बताए गए पते पर पहुंचे थे या केवल दस्तावेजों के आधार पर ही सत्यापन कर दिया गया। साथ ही फर्जी पते और पहचान से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने में नगर निकाय या अन्य सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
विदेश यात्रा का ट्रैवल रिकॉर्ड मिला
मामले की गंभीरता इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि कुछ संदिग्ध पासपोर्ट धारकों के विदेश यात्रा करने के रिकॉर्ड भी मिले हैं। जांच में कंबोडिया, स्पेन, थाईलैंड और इंडोनेशिया से जुड़े ट्रैवल ट्रेल सामने आए हैं।
एसटीएफ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन पासपोर्ट का इस्तेमाल केवल भारतीय पहचान और दस्तावेज हासिल करने के लिए किया गया था या इसके पीछे विदेश जाने से जुड़ा कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी सक्रिय था।
एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पता और पहचान तैयार कर पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क के खिलाफ पहले ही केस दर्ज किया था। मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच आगे बढ़ने पर करीब 100 लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।