घाटे से मुनाफे में आई Cordelia Cruise की पैरेंट कंपनी! मुनाफा ₹58.5 करोड़, आय 31% बढ़ी; जानें टर्नअराउंड की पूरी इनसाइड स्टोरी

Published on 9 अक्टू॰ 2026

भारतीय पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में प्रीमियम क्रूज पर्यटन की अग्रणी पहचान बन चुकी कॉर्डेलिया क्रूज (Cordelia Cruises) का संचालन करने वाली पैरेंट कंपनी वाटरवेज लेजर टूरिज्म लिमिटेड (Waterways Leisure Tourism Limited) ने शेयर बाजार में अपने धमाकेदार वित्तीय नतीजों से निवेशकों को चौंका दिया है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में कंपनी ने ऐतिहासिक वित्तीय बदलाव (टर्नअराउंड) दर्ज करते हुए घाटे से जोरदार वापसी की है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी गई आधिकारिक वित्तीय जानकारी के मुताबिक, वाटरवेज लेजर टूरिज्म ने सितंबर तिमाही में ₹58.50 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (Net Profit) कमाया है, जबकि ठीक एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को ₹8.93 करोड़ का शुद्ध घाटा झेलना पड़ा था। वहीं कंपनी के परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) में भी सालाना आधार पर 30.4 फीसदी यानी करीब 31 प्रतिशत का जोरदार उछाल देखने को मिला है, जिससे कंपनी की कुल आय ₹102 करोड़ से बढ़कर ₹133 करोड़ (₹132.90 करोड़) के स्तर पर पहुंच गई है। भारतीय सैलानियों के बीच समुद्र में छुट्टियों (Cruise Vacations) के बढ़ते क्रेज, रिकॉर्ड बुकिंग और रणनीतिक विस्तार के दम पर कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को पूरी तरह मुनाफे के ट्रैक पर ला खड़ा किया है।

घाटे से मुनाफे में तब्दील होने का क्या है गणित और एक्स्ट्राऑर्डिनरी गेन का असर

कंपनी के इस असाधारण तिमाही नतीजों के पीछे न केवल मजबूत परिचालन प्रदर्शन का हाथ है, बल्कि एक बड़ा वन-ऑफ एक्सेप्शनल गेन (असाधारण लाभ) भी शामिल रहा है। सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी के शुद्ध लाभ में ₹49.49 करोड़ (करीब ₹49.5 करोड़) का असाधारण मुनाफा जुड़ा हुआ है। वित्तीय विवरणों के अनुसार, यह राशि कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली विदेशी सहायक कंपनी 'बे क्रूज इन्वेस्टमेंट्स इंक' (Bay Cruise Investments Inc.) द्वारा दर्ज की गई है। कंपनी के आगामी नए लग्जरी क्रूज जहाज 'स्काई' (Vessel "Sky") की निर्धारित तारीख 30 सितंबर के बजाय 10 सितंबर को ही समय से पहले डिलीवरी मिल गई थी। इस अर्ली डिलीवरी के एवज में बिना किसी देनदारी के मिले मुआवजे के रूप में यह भारी रकम कंपनी के बहीखाते में दर्ज हुई, जिसने कंपनी के शुद्ध लाभ को अप्रत्याशित ऊंचाई पर पहुंचा दिया। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस असाधारण मुनाफे को अलग भी रख दिया जाए, तब भी कंपनी का कोर बिजनेस घाटे से उबरकर ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी परिचालन अधिशेष दर्ज करने में पूरी तरह कामयाब रहा है।

ऑपरेटिंग लेवल पर दमदार प्रदर्शन: माइनस से प्लस में आया कंपनी का EBITDA

किसी भी हॉस्पिटैलिटी और एविएशन-क्रूज जैसी पूंजी-गहन (Capital-Intensive) कंपनियों की असली वित्तीय सेहत उनके एबिटा (EBITDA - Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortisation) से आंकी जाती है। दूसरी तिमाही में वाटरवेज लेजर टूरिज्म ने इस मोर्चे पर अपनी संचालन दक्षता साबित कर दिखाई है। पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी को ₹5.9 करोड़ का एबिटा घाटा हुआ था, लेकिन इस बार कंपनी ने ₹9.4 करोड़ का सकारात्मक परिचालन लाभ (Positive EBITDA) दर्ज किया है। इसके साथ ही कंपनी का एबिटा मार्जिन सुधरकर 7.1 फीसदी पर पहुंच गया है। मानसून और ऑफ-सीजन मानी जाने वाली जुलाई-सितंबर तिमाही में आमतौर पर समुद्री क्रूज यात्राओं की मांग साल के अन्य महीनों के मुकाबले कम रहती है। इसके बावजूद 7.1% का एबिटा मार्जिन हासिल करना यह प्रमाणित करता है कि कॉर्डेलिया क्रूज ने अपने जहाजों के मेंटेनेंस खर्च, ईंधन की खपत और लीज रेंटल की लागत को काफी समझदारी से नियंत्रित किया है।

बैलेंस शीट में 4 गुना का विस्तार और नए जहाजों के साथ बड़ा विस्तार प्लान

चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल से सितंबर 2026) के संयुक्त प्रदर्शन पर नजर डालें, तो कंपनी की वित्तीय सेहत में अभूतपूर्व मजबूती आई है। पहली छमाही (H1 FY27) में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा ₹81.27 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹25.83 करोड़ के मुकाबले 214 फीसदी से अधिक की छलांग है। वहीं छमाही राजस्व ₹277.85 करोड़ से बढ़कर ₹323.01 करोड़ हो गया है। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी की बैलेंस शीट का कुल आकार मार्च 2026 के ₹341.78 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹1,348.43 करोड़ पर पहुंच गया है, जो चार गुना से अधिक का विस्तार दर्शाता है। कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए आक्रामक रूप से निवेश कर रही है। दूसरी तिमाही में कंपनी ने नए क्रूज जहाज के अधिग्रहण के लिए एक थर्ड पार्टी को ₹429 करोड़ का ब्याज युक्त लोन अग्रिम दिया है, साथ ही अपने आगामी जहाजों 'स्काई' और 'सन' (Sky and Sun) के लिए क्रूज मालिक को 24.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का लीज किराया एडवांस में चुकाया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि कंपनी आने वाले महीनों में अपनी फ्लीट क्षमता को दोगुना करने की तैयारी में है।

मुंबई, गोवा से लेकर उत्तर भारत के पर्यटकों में बढ़ा क्रूज का क्रेज

भारतीय पर्यटन उद्योग में पिछले कुछ वर्षों में बहुत बड़ा ढांचागत बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां भारतीय अमीर परिवार क्रूज का आनंद लेने के लिए सिंगापुर, यूरोप या कैरेबियन देशों का रुख करते थे, वहीं अब घरेलू स्तर पर मुंबई, गोवा, कोच्चि, लक्षद्वीप, विशाखापट्टनम और चेन्नई के तटीय जलमार्गों पर विश्वस्तरीय लग्जरी क्रूजिंग की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, जयपुर और पटना जैसे गैर-तटीय महानगरों से आने वाले पर्यटकों और कॉरपोरेट जगत के बीच कॉर्डेलिया क्रूज की शादियों, कॉरपोरेट सम्मेलनों (MICE) और फैमिली वेकेशन की बुकिंग में 40 से 50 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है। त्योहारी सीजन, दिवाली, न्यू ईयर और विंटर हॉलिडे के लिए एडवांस्ड बुकिंग फुल चल रही है, जिसका सीधा फायदा कंपनी की आगामी तीसरी और चौथी तिमाही के राजस्व में दिखने की पूरी उम्मीद है।

शेयर बाजार में प्रदर्शन और निवेशकों के लिए आगे के संकेत

वाटरवेज लेजर टूरिज्म की शेयर बाजार यात्रा की बात करें तो कंपनी इसी वर्ष 1 जुलाई को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर ₹808 के इश्यू प्राइस वाले आईपीओ के बाद लिस्ट हुई थी। लिस्टिंग के बाद कंपनी के बोर्ड और शेयरधारकों ने शेयरों की तरलता (Liquidity) बढ़ाने और छोटे रिटेल निवेशकों की भागीदारी आसान बनाने के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर को 10 टुकड़ों में बांटते हुए 1:10 के स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी दी थी। स्टॉक स्प्लिट के बाद कंपनी का शेयर एनएसई पर ₹100.98 के आसपास कारोबार कर रहा है। हालांकि शुक्रवार को शेयर में मामूली नरमी रही, लेकिन कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक इस शेयर ने अपने निवेशकों को 53 फीसदी से अधिक का शानदार रिटर्न दिया है। बाजार के दिग्गजों का मानना है कि कंपनी के सिर पर वर्तमान में ₹344 करोड़ से अधिक की शॉर्ट-टर्म उधारी जरूर है, लेकिन यदि नए जहाजों के जुड़ने से कंपनी की क्षमता और ऑक्यूपेंसी इसी तरह बढ़ती रही, तो भारत का यह क्रूज ऑपरेटर देश के ब्लू इकोनॉमी विजन का सबसे बड़ा ब्रांड बनकर उभरेगा।