केशकाल नगर पंचायत के CMO पद का विवाद हाईकोर्ट में फिर बढ़ा। 3 सितंबर की सुनवाई में प्रतिवादी को एक सप्ताह का समय मिला और अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
नगर पंचायत कार्यालय, केशकाल
- Published: 03 Sep 2026, 04:55 PM IST
- Last Updated: 03 Sep 2026, 04:55 PM IST
चिराग उपाध्याय- केशकाल। उच्च न्यायालय बिलासपुर में विचाराधीन केशकाल नगरपंचायत के सी एम ओ का मामला एक बार फिर से बढ़ गया। जिससे पदस्थ दोनों सीएमओ केशकाल नगरपंचायत में बने रहेंगे और अनिश्चितता का माहौल बना रहेगा। बताया जाता है कि, गुरुवार को हुई सुनवाई में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में WPS No. 4549/2026, नामेश्वर कुमार कावड़े विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन मामले की सुनवाई 3 सितंबर 2026 को हुई।
सुनवाई में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की रही मौजूदगी
मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संदीप दुबे और शासन की ओर से डिप्टी जीए अनुजा शर्मा उपस्थित रहीं। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी क्रमांक 4 की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिवक्ता नूपुर त्रिवेदी और अधिवक्ता हार्दिक जायसवाल उपस्थित हुए, जबकि प्रतिवादी क्रमांक 5 की ओर से अधिवक्ता अमन तांबोली ने पैरवी की।
केशकाल सीएमओ पद को लेकर संशय बरकरार
हाईकोर्ट ने प्रतिवादी क्रमांक 4 को जवाब प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। न्यायालय ने मामले को 23 सितंबर 2026 को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पूर्व में प्रदान की गई अंतरिम राहत को अगली सुनवाई की तिथि तक जारी रखने का आदेश दिया गया है।सुनवाई बढ़ जाने और फैसला टल जाने से केशकाल का सी एम ओ अब कौन होगा यह संशय बनकर रह गया है।
स्थानांतरण पर कोर्ट की रोक से उलझा मामला
राज्य सरकार के आदेश का पालन करते 15 जून को नगरपंचायत केशकाल के मुख्य नगरपालिका अधिकारी का पदभार ग्रहण करने वाले देवेश चंदेल और राज्य सरकार के स्थानांतरण आदेश के विरूद्ध उच्च न्यायालय बिलासपुर में अपने अधिवक्ता के माध्यम से याचिका प्रस्तुत कराने वाले नामेश्वर कावडे के याचिका में 18 जून को सुनवाई करते यथास्थिति बनाये रखने का आदेश जारी कर दिया गया। जिसके चलते नगरपंचायत केशकाल में एक सी एम ओ की जगह दो सी एम ओ बैठने लगे।
एक पद, दो सीएमओ और दोहरी व्यवस्था
उच्च न्यायालय के द्वारा जारी यथास्थिति बनाये रखने के आदेश का पालन करने और न्यायालय के आदेश की अवमानना से बचने के मंशा से राज्य सरकार के आदेशानुसार से सेवारत देवेश चंदेल द्वारा कोई लिखीत आदेश निर्देश और सामग्री क्रय तथा भुगतान के लिए चेक जारी नहीं किया जा रहा है मात्र वार्डों का भ्रमंण करते वार्डों की साफ सफाई पेय जल आपूर्ति का अवलोकन करते पार्षदों एवं वार्डवासियों से उनकी समस्या व मांग को सूनकर यथासंभव निदान का पहल प्रयास किया जा रहा है। वहीं उच्च न्यायालय में स्थानांतरण आदेश को चुनौती देकर स्थगन प्राप्त करने वाले नामेश्वर कावडें द्वारा दूसरे कक्ष में बैठकर पूर्ववत मुख्य नगरपालिका अधिकारी के अधिकार का उपयोग करते दायित्व का निर्वाह किया जा रहा है।
उत्पन्न हुआ असमंजस्य की स्थिति और अवरोध
नगरपंचायत केशकाल के सी एम ओ के पद को लेकर उच्च न्यायालय में मामला अटक जाने से नगरपंचायत के निर्वाचित पदाधिकारियों तथा नगरपंचायत के कर्मचारियों और ठेकेदारों सामग्री सप्लायरों के मन मस्तिष्क में यह असमंजस्य की स्थिति बन गई है की उच्च न्यायालय का फैसला सरकार के पक्ष में आयेगा की नामेश्वर कावडे के पक्ष में और नगरपंचायत केशकाल में दोनों में से कौन मुख्य नगरपालिका अधिकारी के पद पर बने रहेगा। इसके सांथ ही नगरपंचायत के पी आई सी एवं परिषद की बैठक और अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी अटक कर रह गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उच्च अधिकारियों के द्वारा भी स्थिति स्पष्ट नहीं किया जा रहा है।
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