Aug 29, 2026 10:41 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता

मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ महीने के बजट में स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में टेबल टेनिस, बैडमिंटन और जिम वाले मॉडर्न मिनी इनडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
पिछले साल दिसंबर में कोलकाता के साल्ट लेक (युवा भारती) स्टेडियम में महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी को देखने पहुंचे प्रशंसकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि इस बहुचर्चित 'मेसी-कांड' में ठगे गए लगभग 33,000 दर्शकों के टिकट का पैसा सरकार वापस दिलाने की तैयारी कर रही है। शनिवार को नेशनल स्पोर्ट्स डे पर एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि लोगों को उनके पैसे वापस दिलाने में राज्य मदद करेगा। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि वह कोलकाता की दो फुटबॉल टीमों में से किसका समर्थन करते हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे राज्य में मेसी के नाम पर एक घोटाला हुआ है। लड़के-लड़कियों की युवा पीढ़ी मेसी के समर्थक हैं। उन्हें छह हजार, चार हजार, आठ हजार टका में टिकट खरीदवाकर धोखा दिया गया है। डिलीवरी बॉय जैसे लड़कों ने भी मेसी को देखने के लिए पूरे साल की जमा की हुई रकम खर्च कर दी। हम चाहते हैं कि ठगे गए 33 हजार फैंस का पैसा वापस मिले। इसके लिए हम अंदरूनी तौर पर प्रोसेस भी चला रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हम ऐसा कर पाएंगे।”
क्या हुआ था उस दिन?
पिछले साल दिसंबर में जब लियोनेल मेसी कोलकाता आए थे, तब स्टेडियम में भारी अव्यवस्था फैल गई थी। कथित तौर पर तृणमूल सरकार के खेल मंत्री अरूप बिश्वास के करीबियों के बड़ी संख्या में मैदान में घुस जाने के कारण भारी अराजकता पैदा हो गई थी। इस भीड़ के कारण मेसी और उनके साथी खिलाड़ी लुइस सुआरेज और रोड्रिगो डी पॉल दर्शकों की नजरों से पूरी तरह छिप गए थे। अव्यवस्था से नाराज होकर मेसी भी समय से पहले ही मैदान से चले गए थे और दर्शक दीर्घा में बैठे लोग उन्हें ठीक से देख भी नहीं पाए। इसके बाद दर्शकों ने बाहर निकलकर प्रदर्शन किया और रिफंड की मांग की। इस विवाद के बाद तत्कालीन खेल मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था और मुख्य आयोजक शतद्रु को गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल जमानत पर बाहर है।
मुख्यमंत्री ने जताया दर्द, शुरू हुई रिफंड प्रक्रिया
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना को राज्य के लिए एक "खेल के क्षेत्र में बड़ा कलंक" बताया। उन्होंने कहा, “तरुण पीढ़ी के युवाओं और डिलीवरी बॉय जैसे साधारण लड़कों ने अपनी साल भर की बचत खर्च करके 4,000, 6,000 और 8,000 रुपये तक के महंगे टिकट खरीदे थे। हम अंदरूनी तौर पर प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया चला रहे हैं ताकि इन 33,000 प्रभावित प्रशंसकों का पैसा लौटाया जा सके। उम्मीद है कि हम इसमें सफल होंगे, हालांकि इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगेगा।”
खेलों के लिए बंगाल सरकार के अन्य बड़े ऐलान
रिफंड की इस बड़ी घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री ने बंगाल के खेल ढांचे को पूरी तरह बदलने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य के खेल विभाग के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके तहत हर विधानसभा क्षेत्र में मिनी स्टेडियम बनाया जाएगा। यानी बंगाल की सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में जिम, टेबल टेनिस और बैडमिंटन की आधुनिक सुविधाओं से लैस मिनी इनडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे। पहले चरण में 100 स्टेडियमों का निर्माण किया जाएगा।
खिलाड़ियों को पहले ही मिलेगी आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खिलाड़ियों को केवल मेडल जीतने के बाद ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई करते ही वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए उन्होंने हरियाणा के खेल मॉडल का उदाहरण दिया। इतना ही नहीं राज्य सरकार केंद्र से 1,000 करोड़ लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र की 'खेलो इंडिया' योजना से राज्य में 1000 करोड़ रुपये का फंड लाने के लिए राज्य के खेल मंत्री इंद्रनील खान और मुख्य सचिव अवनींद्र सिन्हा दिल्ली जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के क्लबों को सालाना 1 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
मुस्कुराहट के साथ बताया अपनी पसंद का क्लब
इस समारोह में 145 से अधिक उत्कृष्ट एथलीटों को कुल 4.31 करोड़ रुपये से अधिक के नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। सबसे अधिक 26 लाख रुपये की राशि जूनियर वर्ल्ड चैंपियन शूटर अभिनव साव को दी गई। समारोह के दौरान जब मुख्यमंत्री से ईस्ट बंगाल और मोहन बागान क्लबों को लेकर उनकी निजी पसंद पूछी गई, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, "मेरे घर में दोनों रंग मौजूद हैं। मैं खुद मोहन बागान का समर्थक हूं, जबकि मेरी मां ईस्ट बंगाल की समर्थक हैं।"