दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित रग्बी ग्राउंड से ‘स्वच्छ यमुना प्रहरी’ अभियान की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य यमुना की सफाई और संरक्षण से आम लोगों, खासकर युवाओं को जोड़ना है। इस मौके पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह भी मौजूद रहे। अभियान के तहत ‘स्वच्छ यमुना प्रहरी’ ऐप और meriyamuna.in वेबसाइट भी लॉन्च की गई।
युवाओं को अभियान से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना को साफ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें दिल्लीवासियों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अभियान से जुड़ने की अपील की।
सरकार के मुताबिक, ऐप के जरिए लोग ‘यमुना प्रहरी’ के रूप में पंजीकरण कर सकते हैं और यमुना की सफाई एवं संरक्षण से जुड़े प्रयासों में भाग ले सकते हैं। मुख्यमंत्री ने खुद भी ऐप पर पंजीकरण कर यमुना को स्वच्छ और सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
18 अक्टूबर को हजारों छात्र लेंगे संकल्प
अभियान के तहत 18 अक्टूबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के 30 कॉलेजों के हजारों छात्र यमुना की स्वच्छता और संरक्षण का संकल्प लेंगे। सरकार का उद्देश्य इस पहल को कॉलेज परिसरों से आगे परिवार और समाज तक पहुंचाना है।
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि 18 अक्टूबर को यमुना किनारे बड़े स्तर पर सफाई अभियान भी चलाया जाएगा। इसमें लोग नदी किनारे जमा पॉलिथीन और अन्य कचरे को हटाने में भाग लेंगे।
सीवेज और नालों पर भी काम
यमुना की सफाई के लिए केवल नदी के किनारों से कचरा हटाने के बजाय सीवेज को नदी में जाने से रोकने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार की ओर से नालों को टैप करने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने, डी-सिल्टिंग और सीवर लाइनों को जोड़ने जैसे काम किए जा रहे हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि यमुना की सफाई के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि 22 बड़े नालों के मुहानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है और 12 स्थानों पर निर्माण शुरू हो चुका है।
लोगों से रोजमर्रा की आदतें बदलने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से यमुना में पूजा सामग्री, फूल-मालाएं और अन्य कचरा नहीं डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी परियोजनाओं के साथ लोगों की आदतों में बदलाव भी जरूरी है।
अभियान के जरिए सरकार यमुना की सफाई को केवल सरकारी परियोजना के बजाय जनभागीदारी से जोड़ने की कोशिश कर रही है। इसके लिए meriyamuna.in वेबसाइट के माध्यम से भी दिल्ली के लोग ‘यमुना प्रहरी’ के रूप में पंजीकरण कर सकते हैं।