रीवा के संजय गांधी अस्पताल में इलाज को लेकर लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। कुत्ते के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे 18 वर्षीय युवक का आरोप है कि उसे एंटी-रेबीज की जगह सांप के काटने वाला इंजेक्शन लगा दिया गया। उसकी पर्ची पर भी ‘H/O U/K Snake Bite’
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युवक का आरोप है कि गांव लौटने पर उसे इंजेक्शन के बारे में पता चला। वह दोबारा अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टर ने उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाने की बात कही।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब करीब 10 दिन पहले इसी अस्पताल में पहली डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में इलाज पर सवाल उठे थे। उस मामले में दो डॉक्टर समेत दो नर्सिंग स्टाफ को सस्पेंड किया गया था।

युवक के पैर पर कुत्ते के काटने के निशान हैं।
गांव पहुंचने पर पता चला- गलत इंजेक्शन लगा
आयुष के मुताबिक, अस्पताल से गांव लौटने के बाद लोगों ने उसे बताया कि कुत्ते के काटने पर उसे गलत इंजेक्शन लगाया गया है। इसके बाद वह दोबारा संजय गांधी अस्पताल पहुंचा। युवक का कहना है कि दूसरी बार अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाने की बात कही। उसने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में करने की बात भी कही है।
पर्ची में ‘Unknown Snake Bite’ लिखा
मामले में सामने आई अस्पताल की पर्ची में ‘H/O U/K Snake Bite’ लिखा है। इसके साथ 5 सितंबर की शाम 5 बजे और बाएं पैर के हिस्से का उल्लेख भी दिखाई देता है। यानी पर्ची में मरीज की हिस्ट्री अज्ञात सांप के काटने के रूप में दर्ज की गई है। पर्ची के नीचे TT 0.5 ml IM, Avil 1A IV और Dexa 1A IV इंजेक्शन लिखे हैं। हालांकि, इस पर्ची पर Anti-Snake Venom या Anti-Rabies Vaccine का नाम दर्ज नहीं है।

युवक की पर्ची पर अज्ञात स्नेक बाइट का जिक्र किया गया है।
एंटीवेनम लगाया गया या नहीं, रिकॉर्ड से होगी पुष्टि
युवक का आरोप है कि उसे पहली बार एंटीवेनम लगाया गया था। उसने पूछा कि अगर मैंने कुत्ते के काटने की जानकारी दी थी तो मेरी पर्ची पर ‘Unknown Snake Bite’ क्यों दर्ज किया गया।
अधीक्षक बोले- लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी
अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रियंक शर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। अगर जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि युवक को पहली बार कौन-सा इंजेक्शन लगाया गया था। मामले में लगाए गए आरोपों की पूरी स्थिति जांच के बाद ही साफ होगी।