दिल्ली: सरकारी स्कूलों में खुलेंगे मेडिकल रूम, काउंसलिंग की होगी सुविधा, CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान

Published on 31 अग॰ 2026

दिल्ली: सरकारी स्कूलों में खुलेंगे मेडिकल रूम, काउंसलिंग की होगी सुविधा, CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता. (फाइल फोटो)

दिल्ली सरकार ने छात्रों की सुरक्षा, प्राथमिक उपचार और उनके स्वास्थ्य को मजबूत करने के क्कँऑ से सरकारी स्कूलों में चिकित्सा सुविधाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है. इस पहल की शुरुआत 100 सरकारी स्कूलों में पायलट परियोजना के रूप में की जाएगी. पायलट परियोजना के परिणाम और मूल्यांकन के आधार पर इसे चरणबद्ध तरीके से 1,086 सरकारी स्कूलों तक विस्तारित किया जाएगा.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि इस पहल के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में समर्पित स्कूल मेडिकल रूम स्थापित किए जाएंगे. इन मेडिकल रूम में छात्रों को तत्काल प्राथमिक उपचार, अस्थायी विश्राम, बुनियादी स्वास्थ्य सहायता, आयु-उपयुक्त स्वास्थ्य मार्गदर्शन और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. छात्राओं के लिए मासिक धर्म से जुड़ी असुविधा के दौरान मेडिकल रूम में सुरक्षित और निजी स्थान की सुविधा भी उपलब्ध होगी.

हेल्थ वर्कर्स उपलब्ध कराएंगे प्राथमिक सहायता

मेडिकल रूम में प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षित हेल्थ वर्कर्स की सेवाएं अनुमोदित आउटसोर्सिंग व्यवस्था के माध्यम से ली जाएंगी. हेल्थ वर्कर्स प्राथमिक उपचार और बुनियादी स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ विद्यार्थियों को परामर्श देने में सहयोग करेंगे. इसके अलावा, वे स्वास्थ्य-जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों में सहायता करेंगे और संबंधित आवश्यक अभिलेखों के रख-रखाव में भी सहयोग करेंगे.

स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा इस्तेमाल

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस पहल को कम लागत और उच्च प्रभाव वाली व्यवस्था के रूप में तैयार किया है. इसके लिए मौजूदा स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग किया जाएगा. योजना के पायलट क्रियान्वयन के लिए इस साल के बजट अनुमान (बीई) में 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. पायलट परियोजना के मूल्यांकन और उसके परिणामों के आधार पर आगामी सालों में योजना के लिए आवश्यक अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया जाएगा.

सुरक्षित और समावेशी स्कूल वातावरण

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के सुरक्षित, समावेशी और स्वास्थ्य-सहायक विद्यालयी वातावरण के दृष्टिकोण के अनुरूप है. इसका मकसद विद्यार्थियों की पढ़ाई में होने वाले व्यवधान को न्यूनतम करते हुए उनके शारीरिक और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देना है. पायलट परियोजना के तहत पहले 100 सरकारी स्कूलों में मेडिकल रूम की व्यवस्था शुरू की जाएगी.

इसके परिणाम और मूल्यांकन के आधार पर इसे चरणबद्ध तरीके से 1,086 सरकारी स्कूलों तक विस्तारित किया जाएगा. इस पहल के माध्यम से सरकारी स्कूलों में छात्रों को प्राथमिक उपचार, बुनियादी स्वास्थ्य सहायता, स्वास्थ्य मार्गदर्शन एवं परामर्श के साथ-साथ जरूरत के समय अस्थायी विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. छात्राओं को मासिक धर्म संबंधी असुविधा के दौरान सुरक्षित और निजी स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा.

जीतेन्द्र भाटी

जीतेन्द्र भाटी

करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पॉलिटिक्स, क्राइम, सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग. BAG Films की नर्सरी से IBN7, आज़ाद न्यूज़, प्रज्ञा TV, 4 रियल न्यूज, Focus News और न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया होते हुए देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में खबरों के बीच सफर जारी.

Read More

google button