CJP Delhi Protest: Gen-Z की ताकत से हिली दुनिया की सियासत, जानिए कहां-कहां गिरीं सरकारें?

Published on 10 अक्टू॰ 2026

Gen Z Protest Around the World: दिल्ली में चल रहे सीजेपी (CJP) प्रदर्शन के बीच, यह आर्टिकल दुनिया भर में जेन-जी (Gen-Z) छात्रों के आंदोलनों के असर को समझाता है। जानिए कैसे सोशल मीडिया के जरिए एकजुट हुए युवाओं ने बांग्लादेश समेत 5 देशों में सरकारें तक गिरा दीं।

Delhi CJP Protest: इंटरनेट पर देखें तो फ्रांस में युवा और छात्र शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं और अपने ही भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। हर तरफ विरोध, बवाल और हिंसा दिख रही है। पिछली बार भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों ने ऐसे ही सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया था।

तब राजनीतिक नेताओं, अपराधियों और आतंकियों ने छात्रों की आड़ में घुसकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हिंसा फैलाई थी। आज फिर दिल्ली में सीजेपी (CJP) का प्रदर्शन हो रहा है। जेन-जी (Gen-Z) के ये आंदोलन राजनीति में उनके बढ़ते असर को दिखाते हैं। आइए जानते हैं कि अब तक जेन-जी के प्रदर्शनों ने कितने देशों में सरकारें गिराई हैं।

बांग्लादेश से लेकर श्रीलंका तक, जेन-जी के विरोध प्रदर्शनों ने सरकारें गिरा दी हैं। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके जेन-जी के नेतृत्व वाले आंदोलनों ने सत्ता पलट दी है।

जेन-जी प्रदर्शनों का बढ़ता असर

आमतौर पर 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए लोगों को जेन-जी (Gen Z) कहा जाता है। यह पीढ़ी राजनीतिक गतिविधियों में काफी एक्टिव है। ये लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म, वायरल हैशटैग और सड़क पर उतरकर एकजुट होने में माहिर हैं। ये भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, आर्थिक संकट, खराब सरकारी सेवाओं और आजादी पर लगी रोक के खिलाफ आवाज उठाते हैं। भारत या दिल्ली का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में युवाओं के प्रदर्शन की यही मुख्य वजहें हैं।

जेन-जी प्रदर्शनों से इन 5 देशों में गिरी सरकारें

बांग्लादेश

साल 2024 में बांग्लादेश ने युवाओं का एक बड़ा विद्रोह देखा। शुरुआत में छात्रों ने सरकारी नौकरियों में कोटा सिस्टम का विरोध किया और सही रोजगार की मांग की। लेकिन सरकार के तानाशाही रवैये से लोगों का गुस्सा भड़क गया। छात्र आंदोलन जल्द ही नागरिक आंदोलन में बदल गया और हिंसा फैल गई। शेख हसीना सरकार के खिलाफ विरोध इतना तेज हो गया कि आखिरकार अगस्त 2024 में हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। यह विद्रोह इस बात का उदाहरण बना कि कैसे छात्रों की मांगें एक देशव्यापी राजनीतिक आंदोलन में बदल सकती हैं।

नेपाल

हाल ही में, यानी सितंबर 2025 में नेपाल में हुए जेन-जी प्रदर्शन ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया। सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बैन कर दिए थे, जिसके खिलाफ छात्र सड़क पर उतर आए। पहले तो सरकार ने इसे नजरअंदाज किया। लेकिन बाद में यही छात्र प्रदर्शन उग्र हो गया। सोशल मीडिया के लिए शुरू हुआ यह विरोध जल्द ही भ्रष्टाचार, राजनेताओं के परिवारों की लग्जरी लाइफस्टाइल, भाई-भतीजावाद और युवाओं के लिए रोजगार की कमी के खिलाफ एक बड़े आंदोलन में बदल गया।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। हालात बिगड़ने पर प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सरकार ने सोशल मीडिया से बैन हटा लिया। युवाओं के इस आंदोलन ने नेपाल के राजनीतिक सिस्टम में बदलाव का रास्ता खोल दिया।

श्रीलंका

श्रीलंका में 2022 में हुए जेन-जी युवाओं के प्रदर्शन ने देश के राजनीतिक सिस्टम को हिला कर रख दिया! भारी आर्थिक संकट के कारण देश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाने-पीने की चीजों और दवाओं की भारी कमी हो गई थी। बिजली कटौती और जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों से लोग परेशान थे। इसके चलते नागरिकों ने सरकार के खिलाफ बगावत कर दी। लोगों ने सरकार पर आर्थिक नाकामी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सड़कों पर डेरा डाल दिया। 'गोटा गो होम' (Gotabaya Rajapaksa सत्ता छोड़ें) के नारे के साथ शुरू हुआ यह आंदोलन 'अरगलय' (Aragalaya) के नाम से मशहूर हुआ। जुलाई 2022 में प्रदर्शनकारी राजधानी कोलंबो में राष्ट्रपति आवास और प्रमुख सरकारी इमारतों में घुस गए, जिसके बाद भारी हिंसा हुई। नतीजतन, राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को इस्तीफा देना पड़ा।

मेडागास्कर

मेडागास्कर में भी जेन-जी युवाओं ने बिजली-पानी की कमी, भ्रष्टाचार और गिरते जीवन स्तर के खिलाफ लगातार प्रदर्शन किया। जब प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की, तो जनता का गुस्सा और भड़क गया। इस संकट के कारण आखिरकार संयुक्त राष्ट्र (UN) को दखल देना पड़ा और राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव हुआ।

पेरू

पेरू में भ्रष्टाचार, असुरक्षा और पेंशन सिस्टम के खिलाफ जेन-जी युवा सड़कों पर उतर आए। यहां भी युवाओं ने सोशल मीडिया के जरिए एकजुट होकर आंदोलन किया। इस दौरान जापानी मंगा कॉमिक 'वन पीस' का काल्पनिक किरदार मंकी डी. लफी (Monkey D. Luffy) न्याय और विरोध का प्रतीक बन गया।

सरकारी नीतियां बदलने वाले जेन-जी प्रदर्शन

जेन-जी के प्रदर्शनों ने सरकारें तो गिराई ही हैं, साथ ही जिन देशों में सरकारें नहीं गिरीं, वहां भी युवाओं ने सरकारी नीतियां बदलने में अहम भूमिका निभाई है। केन्या में 2024 के वित्त विधेयक के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन हुए, जिसके कारण राष्ट्रपति विलियम रुटो को विवादित कानून वापस लेना पड़ा। इंडोनेशिया में 2025 के प्रदर्शनों ने सांसदों के भत्ते, विशेषाधिकार और आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए।

अब शिक्षा व्यवस्था, एसआईआर (SIR) और वोटिंग अधिकारों को लेकर भारत में भी जेन-जी सड़क पर उतर आए हैं। आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन को देखते हुए हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मेट्रो और रेलवे लाइनें बंद कर दी गई हैं।