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- Edited by: निलेश द्विवेदी
- Updated Jul 20, 2026, 08:42 PM IST
दिल्ली में सोमवार को CJP के संसद की ओर बढ़े बड़े विरोध मार्च के दौरान राजधानी का मध्य क्षेत्र कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच छावनी में तब्दील दिखाई दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर टकराव की स्थिति बनी, जहां आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज की घटनाएं भी सामने आईं। ऐसे में यहां देखें घटनाक्रम से जुड़ी तस्वीरें।
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तस्वीरें बोलती हैं! CJP का संसद मार्च और प्रदर्शन
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टाइम्स नाउ डिजिटल
CJP Chalo Sansad March: जगह-जगह बैरिकेड, ऑफिस जाने वालों के आईकार्ड चेक करते सुरक्षाकर्मी, दंगारोधी उपकरणों से लैस सुरक्षा बलों की जबर्दस्त तैनाती के बीच ढपली की थाप पर नारेबाजी करते हजारों नौजवानों की भीड़...ये नजारा सोमवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' विरोध प्रदर्शन का था। इस दौरान जुटे हजारों लोगों में अपने घरों से चुपके से निकले बच्चे, दूसरे राज्यों से आए बुजुर्ग और हाथों में तख्तियां लिए छात्र भी शामिल थे।

आंसू गैस के गोले छोड़े गए
आंसू गैस के गोले छोड़े गए
संसद की तरफ बढ़ती नारेबाजी करती प्रदर्शनकारियों की भीड़ को रोकने के लिये मध्य दिल्ली में कई जगहों पर सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो कुछ जगहों पर लाठीचार्ज किया गया। सुबह होते-होते मध्य दिल्ली लोगों से भर गई; प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे और तख्तियां लिए समूहों में मार्च करते हुए और नारे लगाते हुए संसद की ओर जाने वाली सड़कों पर आगे बढ़ रहे थे।

लोगों के हाथों में दिखा तिरंगा और भगत सिंह की फोटो
संसद के रास्तों पर लगे बैरिकेड्स
कई लोग रात भर ट्रेन और बस से यात्रा करने के बाद यहां पहुंचे थे और अपने बैग लिए घूम रहे थे, जबकि अन्य लोग बारिश से बचने के लिए छाता लेकर पैदल चल रहे थे। उनके चारों ओर, दंगा रोधी उपकरणों से लैस पुलिसकर्मी सड़कों पर तैनात थे, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए बसें तैयार खड़ी थीं और संसद की ओर जाने वाले हर रास्ते को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया था।

बारिश के बीच लोग खड़े रहे
पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी दोनों घायल
जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े, तो दिल्ली पुलिस ने कई जगहों पर एक के बाद एक कई बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करने के बाद पुलिस ने संसद मार्ग, पटेल चौक, रेल भवन और अन्य इलाकों में आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। झड़प के दौरान पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी दोनों घायल हो गए, जबकि मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। यह मार्च संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से शुरू हुआ, जहां CJP 20 जून से धरना दे रही है। उधर, शिक्षाविद सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती हैं।

पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
कुछ ऐसे रहे हालात
भीड़ में स्कूली बच्चे, कॉलेज के छात्र, माता-पिता और बुजुर्ग शामिल थे। कुछ बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में आए थे, जबकि कुछ ने कॉकरोच की पोशाक पहनी हुई थी। मुख्य सड़कें सील होने के बाद, कई प्रदर्शनकारियों ने संसद के करीब पहुंचने की उम्मीद में शॉर्टकट ढूंढते हुए और पुलिस बैरिकेड्स से बचने के लिए संकरी गलियों का रास्ता अपनाया। सुरक्षा कर्मियों द्वारा पीछे धकेले जाने के बावजूद, प्रदर्शनकारी फिर से एकजुट होते, बैरिकेड्स के पास इंतजार करते और आगे बढ़ने की दोबारा कोशिश करते नजर आए। कुछ लोग बैरिकेड्स पर चढ़ गए, जबकि दूसरे बारिश और पुलिस की बार-बार की कार्रवाई के बावजूद सड़कों पर बैठकर नारे लगाते रहे।

प्रदर्शनकारियों ने लगाए पुलिस पर आरोप
पुलिस ने किया बल का प्रयोग
प्रदर्शनकारियों में से एक, प्रकाश ने आरोप लगाया कि मार्च शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने उन पर बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा, "वहां बुजुर्ग लोग थे, वे गिर रहे थे... लेकिन पुलिस नहीं रुकी।" कुछ मीटर दूर, दिल्ली का एक छात्र संदीप फुटपाथ पर बैठा था। उसके सिर पर चोट लगी थी और उससे खून बह रहा था। उसका आरोप था कि संसद मार्ग के पास लाठीचार्ज के दौरान उसे मारा गया। उसने दावा किया, "उन्होंने मेरे सिर पर मारा और उसके बाद जबरदस्ती मुझे घसीटते हुए यहां ले आए।"

शहर के कई हिस्सों में दिखा लोगों का काफिला
"अगर हम डर गए, तो हमें डरपोक कहा जाएगा"
प्रकाश ने आगे कहा, "अगर हम डर गए, तो हमें डरपोक कहा जाएगा। वे तो अपने बच्चों को पढ़ने के लिए विदेश भेज रहे हैं, लेकिन हमारा क्या?" CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन को लेकर विपक्ष के सदस्यों के विरोध के कारण संसद के भीतर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। बाहर, दिन के ज्यादातर समय प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच गतिरोध बना रहा; राष्ट्रीय राजधानी के केंद्र में बारिश, नारेबाजी, सायरन और बैरिकेड तोड़ने की कोशिशों के बीच माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
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निलेश द्विवेदीauthor
निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।
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