CJP प्रोटेस्ट; 13 केस होंगे बंद, SC पहुंची दिल्ली पुलिस; लेकिन 2873 को राहत नहीं

Published on 31 अग॰ 2026

Aug 31, 2026 08:33 pm ISTपीटीआई, नई दिल्ली

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दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह जुलाई के CJP विरोध प्रदर्शनों से जुड़े 13 मामलों पर आगे कार्रवाई नहीं करेगी। केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब सिर्फ गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2873 लोगों पर ही कार्रवाई बढ़ेगी।

Supreme Court on CJP Protest

दिल्ली पुलिस सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।

दिल्ली में हुए CJP के प्रदर्शनों से जुड़े 13 मामलों पर अब आगे कार्रवाई नहीं होगी। केंद्र सरकार के निर्देश पर दिल्ली पुलिस सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि वह जुलाई में हुए CJP विरोध प्रदर्शनों से जुड़े 13 मामलों पर अब आगे कोई कार्रवाई नहीं करना चाहती है। वह इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल कर रही है। हालांकि 2,873 लोगों के खिलाफ हिंसा में उनकी भूमिका की जांच के लिए नया मामला दर्ज करने की भी मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट दिल्ली पुलिस की याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है।

अनुच्छेद 142 का किया इस्तेमाल

सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की बात पर गौर किया। उन्होंने मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की थी। जब बेंच दिन की कार्यवाही के बाद उठने वाली थी तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम एक अंतरिम आवेदन दाखिल करना चाहते हैं। यह मामले रद्द करने के बारे में है। हम इसके लिए (संविधान के) अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल कर रहे हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा- कोई समस्या नहीं

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि पक्षकार समझौता कर रहे हैं तो कोई समस्या नहीं है। मामले में मंगलवार को सुनवाई होगी। याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार के 25 जुलाई को लिए गए निर्णय के मुताबिक, दिल्ली पुलिस अब CJP के प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज 13 एफआईआर पर आगे नहीं बढ़ना चाहती है।

आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 लोगों राहत नहीं

हालांकि गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 लोग विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर मौजूद थे। इन प्रदर्शनों के दौरान शारीरिक नुकसान या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे अपराधों में उनकी कोई भूमिका थी या नहीं, इसका पता लगाने के लिए जांच की जरूरत है। ऐसे में इनके खिलाफ नया केस दर्ज किया जाना चाहिए। अत: दिल्ली पुलिस ने इन 2,873 लोगों के खिलाफ नई FIR दर्ज करने की इजाजत मांगी है।

जनहित का दिया हवाला

हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि जिन घटनाओं का जिक्र आवेदन में है उनके लिए कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा। आवेदन में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस जनहित और मामले के खास तथ्यों को देखते हुए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत FIR रद्द करने... और नई FIR दर्ज करने की अनुमति मांग रही है। शीर्ष अदालत आवेदन को मंजूर करते हुए साफ कर सकता है कि आदेश मामले के खास तथ्यों पर आधारित है। ऐसे में इसे नजीर नहीं माना जाएगा। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आया है जब CJP ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )

संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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