अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन नाटो क्षेत्र पर हमला नहीं करेंगे। यह बयान CIA निदेशक के रूस दौरे की चर्चा के बीच आया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन नाटो क्षेत्र पर हमला नहीं करेंगे। (Ai Image)
- Published: 28 Aug 2026, 09:15 AM IST
- Last Updated: 28 Aug 2026, 09:15 AM IST
Russia-Ukraine war: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बयान में दावा किया कि उनके रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन किसी भी ऐसे देश पर हमला करने के आदेश नहीं देंगे जो उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का सदस्य है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते समय ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को ज्यादा तूल न देने की बात कही, जिनमें दावा किया गया था कि वाशिंगटन ने मॉस्को को उसके यूरोपीय सहयोगियों पर संभावित हमले के खिलाफ चेतावनी दी है। रिपब्लिकन नेता ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति के साथ उनकी बातचीत अच्छी रही है और वे किसी भी नाटो क्षेत्र को निशाना नहीं बनाने जा रहे हैं।
CIA प्रमुख जॉन रैटक्लिफ का मॉस्को का अचानक दौरा
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने इस हफ्ते की शुरुआत में मॉस्को का एक गुप्त और चौंकाने वाला दौरा किया था। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि यूरोप में स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है और इसी खतरे को भांपते हुए अमेरिकी खुफिया प्रमुख को क्रेमलिन को ऐसी किसी भी हरकत के प्रति आगाह करने के लिए भेजा गया था।
वाल स्ट्रीट जर्नल (WSJ), सीएनएन और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट्स के अनुसार, रैटक्लिफ की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रूस को किसी नाटो सदस्य देश पर हमला करने से रोकना था। इन रिपोर्ट्स में कहा गया था कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के पास इस बात की जानकारी है कि रूस गठबंधन की ताकत परखने के लिए नाटो सदस्य पर हमला कर सकता है।
यूक्रेन तनाव और रूस की तरफ से खंडन
वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन को लेकर लगातार बढ़ते तनाव के बीच यह 'सीमित हमला' आने वाले कुछ वर्षों में हो सकता है। रूस लगातार नाटो देशों को यूक्रेन की मदद करने से चेताता रहा है और उसने बार-बार कहा है कि गठबंधन को उसकी 'रेड लाइन्स' पार करने से बचना चाहिए।
हालांकि, रूसी पक्ष ने अमेरिकी मीडिया की इन रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें 'डरावनी कहानियां' (scare stories) करार दिया है। AFP के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि इस तरह की तमाम मनगढ़ंत कहानियां इन दिनों प्रकाशित की जा रही हैं जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, रूस की विदेशी खुफिया एजेंसी के प्रमुख सर्गेई नरीशकिन ने भी रैटक्लिफ के साथ हुई अपनी बैठक को ज्यादा तवज्जो न देते हुए कहा कि दोनों के बीच खुफिया सेवाओं के दायरे में आने वाले कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बैठक हुई थी, लेकिन इसमें कुछ भी असाधारण नहीं था।
पिछले पांच वर्षों में दूसरा उच्च स्तरीय CIA दौरा
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले पांच वर्षों में जॉन रैटक्लिफ रूस का दौरा करने वाले दूसरे सीआईए प्रमुख हैं। इससे पहले तत्कालीन सीआईए डायरेक्टर विलियम बर्न्स ने नवंबर 2021 में रूस का दौरा किया था। उस यात्रा के ठीक तीन महीने बाद रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य आक्रमण शुरू कर दिया था, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे भीषण संघर्ष माना जाता है।