छतरपुर-टीकमगढ़ सीमा पर स्थित बानसुजारा डैम के 8 गेट भारी बारिश और बढ़ती पानी की आवक के चलते खोले गए हैं। करीब 792 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड पानी धसान नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे नदी का जलस्तर 7 से 9 फीट तक बढ़ने की आशंका है।
भारी बारिश से बानसुजारा डैम के 8 गेट खुले
- Published: 29 Aug 2026, 01:05 PM IST
- Last Updated: 29 Aug 2026, 01:05 PM IST
छतरपुर: मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच छतरपुर-टीकमगढ़ सीमा पर स्थित बानसुजारा डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। डैम में पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अब 8 गेट खोल दिए हैं। इन गेटों से करीब 792 क्यूबिक मीटर पानी प्रति सेकंड धसान नदी में छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पानी की निकासी से डैम के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में धसान नदी का जलस्तर करीब 7 से 9 फीट तक बढ़ सकता है।
डैम की सुरक्षा के लिए खोले गए 6 अतिरिक्त गेट
बानसुजारा डैम में पानी की आवक लगातार बढ़ने से जलस्तर निर्धारित सीमा के करीब पहुंच रहा था। डैम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग ने शुक्रवार रात करीब 8 बजे छह अतिरिक्त गेट खोलने का फैसला लिया। इससे पहले दो गेट खोले जा चुके थे। छह और गेट खुलने के बाद कुल आठ गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है।
विभाग के मुताबिक सभी आठ गेटों को करीब 0.75 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। फिलहाल करीब 792 क्यूबिक मीटर पानी प्रति सेकंड धसान नदी में छोड़ा जा रहा है।
धसान नदी के किनारे रहने वालों को अलर्ट
डैम से पानी छोड़े जाने के बाद धसान नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से नदी और उसके आसपास के निचले इलाकों में जाने से बचने को कहा गया है।
बानसुजारा परियोजना के एसडीओ आरएस शेजवार ने लोगों से धसान नदी के पास नहीं जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की बात कही है।
पानी बढ़ा तो और गेट खोले जाएंगे
जल संसाधन विभाग के अनुसार अगर डैम में पानी की आवक आगे भी बढ़ती रही तो जरूरत के मुताबिक और गेट खोले जा सकते हैं। इससे धसान नदी में पानी का बहाव और बढ़ सकता है। ऐसे में नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें, बच्चों को पानी से दूर रखें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में अधिकारियों के निर्देशों का तुरंत पालन करें।