CG Recruitment Rules : छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन (Chhattisgarh Police Housing Corporation) में अब भर्ती, पदोन्नति और कर्मचारियों (Recruitment, Promotion, and Service Conditions) की सेवा शर्तों को लेकर नया नियम लागू (New Rule) हो गया है। गृह विभाग ने कॉर्पोरेशन की प्रशासनिक व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया के लिए नए सेवा भर्ती नियम (New Service Recruitment Rules) जारी किए हैं। इन नियमों को छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किया जा चुका है और सरकार की मंजूरी के बाद ये प्रभावी हो गए हैं।
खास बात यह है कि नए नियमों में सिर्फ शैक्षणिक योग्यता और उम्र ही नहीं, बल्कि वैवाहिक स्थिति और बच्चों की संख्या को भी नियुक्ति की पात्रता से जोड़ा गया है। इसके अलावा भर्ती से पहले चरित्र सत्यापन और मेडिकल फिटनेस भी जरूरी होगी।
नए नियमों के तहत पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन में कुल 144 स्वीकृत पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें प्रथम श्रेणी से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के पद शामिल हैं। प्रथम श्रेणी में महाप्रबंधक वित्त, मुख्य परियोजना इंजीनियर और कार्यपालन यंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद रखे गए हैं। इनमें कुछ पद प्रतिनियुक्ति और पदोन्नति के जरिए भरे जाएंगे। द्वितीय श्रेणी में लेखा अधिकारी, सहायक यंत्री (सिविल) और सहायक यंत्री (विद्युत) के पद शामिल हैं। वहीं तृतीय श्रेणी में 30 सब इंजीनियर सिविल, 4 सब इंजीनियर विद्युत, मानचित्रकार, सहायक ग्रेड, स्टेनोग्राफर, डाटा एंट्री ऑपरेटर और 14 वाहन चालक समेत कई पद हैं। चतुर्थ श्रेणी में भृत्य, चौकीदार और खलासी जैसे पद शामिल किए गए हैं।
तीन तरीकों से होगी भर्ती
कॉर्पोरेशन में कर्मचारियों की नियुक्ति अब मुख्य रूप से तीन तरीकों से की जाएगी-
सीधी भर्ती
पदोन्नति
प्रतिनियुक्ति
सीधी भर्ती प्रतियोगी परीक्षा या मेरिट के आधार पर होगी। इसके लिए परीक्षा कॉर्पोरेशन खुद आयोजित कर सकता है या व्यापमं अथवा किसी अधिकृत भर्ती एजेंसी की मदद ली जा सकती है।
सब इंजीनियर की भर्ती में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू
- सब इंजीनियर के पद पर भर्ती के लिए 200 अंकों की लिखित परीक्षा होगी। इसके बाद 30 अंकों का इंटरव्यू लिया जाएगा।
- तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कुछ पदों के लिए जरूरत के मुताबिक स्किल टेस्ट या ट्रेड टेस्ट भी आयोजित किया जा सकता है।
- सीधी भर्ती से नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को तीन साल की परिवीक्षा अवधि से गुजरना होगा।
नियुक्ति से पहले चरित्र सत्यापन जरूरी
नौकरी मिलने से पहले अभ्यर्थी का पुलिस चरित्र सत्यापन और मेडिकल फिटनेस कराया जाएगा। अगर चरित्र सत्यापन में कोई प्रतिकूल रिपोर्ट आती है तो नियुक्ति रद्द की जा सकती है। इसका मतलब है कि केवल परीक्षा या मेरिट में सफल होना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि नियुक्ति से पहले दस्तावेजों और चरित्र की जांच भी अहम होगी।
दो से ज्यादा बच्चे होने पर पात्रता खत्म
नए भर्ती नियमों का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान परिवार से जुड़ा है। 26 जनवरी 2001 के बाद दो से अधिक जीवित संतान वाले अभ्यर्थी को सामान्य स्थिति में नियुक्ति के लिए अपात्र माना जाएगा। हालांकि, दूसरे प्रसव में जुड़वां बच्चे होने जैसी स्थिति के लिए नियमों में विशेष प्रावधान रखा गया है।
शादी को लेकर भी कड़े नियम
नियमों के मुताबिक एक से अधिक जीवित पत्नी रखने वाला पुरुष नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा। इसी तरह पहले से विवाहित पुरुष से विवाह करने वाली महिला को भी अपात्र माना जाएगा। इसके अलावा निर्धारित उम्र से पहले बाल विवाह करने वाले अभ्यर्थी को भी नौकरी के लिए अयोग्य माना जाएगा। भर्ती में किसी तरह की सिफारिश, दबाव या अनुचित प्रभाव डालने की कोशिश करना भी अभ्यर्थी के लिए भारी पड़ सकता है और उसका आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
उम्र सीमा 18 से 35 साल
सीधी भर्ती के लिए सामान्य आयु सीमा 18 से 35 वर्ष रखी गई है। छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तक होगी। इसके अलावा आरक्षित वर्गों और अन्य पात्र श्रेणियों को नियमानुसार आयु में छूट मिलेगी। SC, ST और OBC अभ्यर्थियों को 5 वर्ष तथा महिलाओं को 10 वर्ष तक की छूट समेत अलग-अलग प्रावधान हैं। हालांकि सभी तरह की छूट जोड़ने के बाद भी अधिकतम आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं होगी।
पदोन्नति के लिए भी सेवा अवधि तय
- नए नियमों में पदोन्नति के लिए जरूरी सेवा अवधि भी स्पष्ट कर दी गई है।
- सहायक यंत्री से कार्यपालन यंत्री बनने के लिए 5 साल की सेवा जरूरी होगी।
- डिग्रीधारी सब इंजीनियर को सहायक यंत्री बनने के लिए 5 साल की अर्हकारी सेवा चाहिए।
- डिप्लोमाधारी सब इंजीनियर के लिए यह अवधि 7 साल होगी।
- सहायक ग्रेड-3 से ऊपर के पदों पर पदोन्नति के लिए 5 साल का नियमित सेवाकाल जरूरी होगा।
- भृत्य या चौकीदार से सहायक ग्रेड-3 के पद पर जाने के लिए 12वीं पास और 5 साल की सेवा जरूरी होगी।
विशेषज्ञ पदों पर प्रतिनियुक्ति से भी नियुक्ति
कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी और वित्तीय पदों को प्रतिनियुक्ति के जरिए भरा जा सकेगा। महाप्रबंधक वित्त, मुख्य परियोजना यंत्री और कार्यपालन यंत्री जैसे पदों पर राज्य वित्त सेवा या लोक निर्माण विभाग (PWD) से अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया जा सकता है। वहीं अस्थायी कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के लिए नियुक्ति प्राधिकारी को एक महीने का नोटिस देने या उसके बदले एक महीने का वेतन-भत्ता देने का अधिकार होगा।
ये भी पढ़ें : Jashpur Doctor Rishwat Case: जशपुर में डॉक्टर ने मांगी घूस, VIDEO Viral, CM हेल्पलाइन में शिकायत, जांच कमेटी गठित